अमरीका-चीन का एशिया में साथ काम करने का संकल्प

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Image caption चीन का कहना है कि वो अमरीका के साथ संवाद और साझेदारी बढ़ाने के लिए तैयार है

अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कम्बोडिया की राजधानी नोमपेन्ह स्थित पीस-पैलेस में यूएस आसियान मंत्री-स्तरीय बैठक में कहा कि अमरीका, एशिया के क्षेत्रीय विवादों में किसी का पक्ष नहीं लेगा.

हिलेरी क्लिंटन और उनके अमरीकी समकक्ष यांग चिएछी का कहना है कि दोनों देश एशियाई मुद्दों पर सहयोग करेंगे.

ईस्ट चाइना-सी स्थित द्वीपों पर अधिकार को लेकर चीन और जापान में तनातनी रही है.

आसियान चाहता है कि चीन साउथ चाइना-सी में संयम बरते जहां तेल की प्रचुर मात्रा होने की संभावना है.

वहीं हिलेरी क्लिंटन ने जोर दिया है कि चीन और अमरीका को संवेदनशील मुद्दों पर साथ मिलकर काम करना चाहिए.

उन्होंने कहा, ''मुझे इस बात की खुशी है कि हम एक संयुक्त प्रेस नोट जारी कर रहे हैं. ये एक अहम संकेत है कि अमरीका और चीन, एशिया में साथ काम करेंगे.''

वहीं चीन के विदेश मंत्री यांग चिएछी ने संवाददाताओं से कहा कि चीन, अमरीका के साथ संवाद और साझेदारी बढ़ाने के लिए तैयार है.

उन्होंने कहा, ''चीन और अमरीका के संबंध इस साल भी आगे बढ़ते रहेंगे.''

चीन-जापान विवाद

चीन और जापान के बीच ईस्ट चाइना-सी स्थित आठ द्वीपों पर अधिकार को लेकर विवाद है. इन द्वीपों पर इंसान नहीं रहते हैं.

ये द्वीप लगभग सात वर्ग किलोमीटर के दायरे में फैले हैं और ताइवान के पूर्वोत्तर, चीन के पूर्व और जापान दक्षिण में स्थित हैं.

ये द्वीप सामरिक रूप से महत्वपूर्ण जहाजों की आवाजाही के मार्ग में पड़ते हैं, यहां मत्स्य संसाधन प्रचुर मात्रा में हैं और तेल के भंडार भी हैं.

इन द्वीपों पर जापान का नियंत्रण है. ताजा विवाद तब हुआ जब सितम्बर 2010 में जापान ने यहां चीन की नौका को जब्त कर लिया जो कोस्ट-गार्ड की दो नौकाओं से टकराई थी.

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