पश्चिमी देशों की सीरिया को धमकी, रूस अड़ा

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Image caption कोफी अन्नान ने कहा ब्रिटेन, फ्रांस, अमरीका जल्द प्रस्ताव का मसौदा पेश करेंगे

पश्चिमी देशों ने सीरियाई सरकार को धमकी दी है कि यदि वह अपने ही नागरिकों के विरुद्ध हिंसा बंद नहीं करती तो उसके खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध लगाए जाएँगे.

प्रतिबंध का ये प्रावधान संयुक्त राष्ट्र के उस प्रस्ताव का हिस्सा होगा जिसके तहत सीरिया में संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षकों की मौजूदगी का समय बढ़ाया जाएगा. संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षकों की सीरिया में मौजूदगी एक और हफ्ते तक ही है.

लेकिन रूस ने इसका विरोध किया है. मुख्य सीरियाई विपक्षी गुट सीरियन नेशनल काउंसिल ने रूसी विदेश मंत्री सर्गई लवरोव के साथ मुलाकात कर कहा है कि वह उन्हें राष्ट्रपति बशर अल असद के पद से हटने के बारे में मनाने में नाकाम रहा है.

काउंसिल के नेता अब्देल बासेत सायदा ने कहा कि उन्होंने रूस को ये बताने का प्रयास किया कि ये केवल सरकार और विपक्ष के बीच के मतभेद नहीं हैं बल्कि एक क्रांति है.

प्रमुख राजनयिक विद्रोहियों के साथ

उधर इराक में सीरियाई राजदूत नवाफ फेयर्स ने घोषणा की है कि वे सीरियाई सरकार का साथ छोड़कर, उन्हीं के शब्दों में, सीरियाई लोगों की क्रांति के साथ हो गए हैं.

वे पहले वरिष्ठ सीरियाई राजनयिक हैं जिन्होंने असद सरकार का साथ छोड़ा है. उन्हें वर्ष 2008 में इराक का राजूदत नियुक्त किया गया था.

सीरिया में पिछले डेढ़ साल से सरकार और राष्ट्रपति बशर अल असद के खिलाफ विद्रोह हो रहा है और सरकार ने इसे कुचलने के लिए भारी हथियारों और गालाबारी का इस्तेमाल किया है. असद परिवार पिछले लगभग 40 साल से सीरिया में सत्ता में है.

पूर्व में रूस और चीन सीरियाई स्थिति में किसी भी तरह के बाहरी हस्तक्षेप के विरुद्ध रहे हैं जबकि पश्चिमी देश उनके सीरिया से व्यापारिक संबंधों के चलते वहाँ की मानवीय समस्या को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते आए हैं.

'भारी हथियारों का इस्तेमाल छोड़ना होगा'

सीरिया के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय दूत कोफी अन्नान ने कहा है कि उन्होंने सुरक्षा परिषद के अनुरोध किया है कि वह सीरिया सरकार और विद्रोहियों को एक स्वर में संदेश भेजे कि संघर्षविराम बनाए न रख पाने के गंभीर परिणाम होंगे.

अन्नान का कहना था कि जल्द ही ब्रिटेन, फ्रांस और अमरीका उस प्रस्ताव का मसौदा सार्वजनिक करेंगे जिसमें सीरिया में आगे उठाए जाने वाले कदमों का वर्णन होगा.

संयुक्त राष्ट्र में ब्रितानी राजदूत मार्क लायल ग्रांट ने कहा है कि इस प्रस्ताव में ऐसे प्रतिबंधों की बात होगी जिनका पालन सैन्य हस्तक्षेप से हो सके.

उनका कहना था, "हम प्रस्ताव का मसौदा सहयोगियों को देंगे जिसमें अन्नान की छह सूत्री योजना शामिल होगी. इसका मकसद सभी पक्षों को ये स्पष्ट करना होगा कि वे वादे निभाएँ. स्पष्ट है कि इसमें प्रतिबंधों की घमकी होगी यदि असद सरकार निश्चित समय तक भारी हथियारों का इस्तेमाल बंद नहीं करती है."

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