किसे अधिकार हो खतना कराने का?

खतने का अधिकार है या नहीं

जर्मनी में छोटे लड़कों का खतना करने पर प्रतिबंध लगाने वाले अदालती फैसले का यहूदी और मुस्लिम समुदाय कड़ा विरोध कर रहे हैं. इस बात को लेकर नए सिरे से बहस छिड़ गई है कि क्या माता पिता को अपने बच्चों के लिए ये फैसला लेना का अधिकार है.

बीबीसी में इस मुद्दे पर हुई बहस में कई लोगों ने हिस्सा लिया और इस पर अपनी राय व्यक्त की है. रुस और तुर्की में इस मुद्दे पर विवाद काफी गंभीर होता जा रहा है.

मामला ये है कि जर्मनी में कोलोन शहर की अदालत ने खतना पर रोक लगाने का फैसला किया है जिसके खिलाफ मुसलमान और यहूदी समुदाय एकजुट हो गए हैं और उन्हें अपनी इस मुहिम में देश के मुख्य मेडिकल संघ का भी समर्थन मिल रहा है.

मुसलमानों ने धमकी दी कि अगर उनके इस धार्मिक अनुष्ठान की इजाजत जर्मनी में नहीं दी जाएगी तो वे अपने बेटों का विदेश ले जा कर खतना कराएंगे.

वहीं यहूदियों ने इसे अपने धार्मिक अनुष्ठानों पर एक हमला बताया है. उनका तो यहां तक कहना है कि रोमन समय से ही यहूदियों पर हमले यूरोपीय इतिहास का हिस्सा रहे हैं.

दोनों समुदायों अदालत के फैसले का विरोध करने के लिए साझा अपील जारी की है.

इस बारे में बीबीसी ने पूरी दुनिया में बहस कराई जिसमें कई रोचक और गंभीर बातें निकल कर सामने आई हैं.

मरियम लोगोगलु ने ट्विटर के जरिए कहा: संयुक्त बयान बिल्कुल सही है. क्या उनकी नजरों में धर्मों के लिए सम्मान की कोई जगह नहीं बची है?

मुराथन ग्यूनेस ने ट्विटर के जरिए कहा: मैं 100 प्रतिशत सहमत हूं. हमारा धर्म ही हमें यूरोप से अलग करता है और खतना इसका मुख्य हिस्सा है.

अली किलिंच, काराब्युक : इस तरह के प्रतिबंध का पति और पत्नि के अंतरंग रिश्तों पर बेहद नकारात्मक असर पड़ेगा.

इयावुज ने ट्विटर के जरिए: ये मामला सिर्फ परंपरा का नहीं है, बल्कि ये सेहत से भी जुड़ा है. कृपया इस पहलु को नजरअंदाज न करें.

ग्यूनेल चांतक, ट्विटर के जरिए: हमें नहीं पता कि हमारे बच्चे भविष्य में किस तरह की जिंदगी जिएंगे. तो फिर हम इस तरह के फैसले कैसे ले सकते हैं.

किकिमर: प्राचीन रोमन काल में भी खतना पर प्रतिबंध था. लेकिन महिलाएं इस प्राचीन प्रथा का समर्थन करती हैं. मैंने शादी के बाद अपना खतना कराया और शालीन शब्दों का इस्तेमाल करते हुए ये नहीं बता सकता कि इससे मेरी पत्नी को कितना आनंद मिलता है.

अंकल फेडोर: मेडिकल नजरिए से खतना का बहुत फायदा है. लिंग के आगे की त्वचा को हटा देने के वो ज्यादा खुला हो जाता है और ये साफ सफाई में बहुत मददगार होता है. इससे कई तरह के त्वचा संक्रमण से बचा जा सकता है.

पापामिशका: ये प्रथा सचमुच बर्बर है, हालांकि जहां तक मुझे पता है खतना लाभदायक हो सकता है और इसके बहुत सारे उदाहरण भी हैं.

टैग: चर्च और राज्य को निजी जिंदगी में दखलंदाजी करना अच्छा लगता है. लड़के की ठीक से परवरिश और शादी होनी चाहिए. ये फैसला पत्नी को करने दीजिए कि उसके पति का खतना कराना है या नहीं. और इस मामले में पत्नी को दोनों विकल्पों की तुलना करने का मौका दिया जाना चाहिए. उसी के बाद उसे कोई फैसला करना चाहिए.

मिस्टर ची: ऐसा लगता है कि जर्मनी ने यहूदियों और अरबों को एकजुट करने का फैसला किया है.

वालेरा: बच्चा भी एक इंसान है. अगर आपका उसका कुछ काटते हैं तो दोबारा उसे वापस नहीं लगा सकते. लेकिन अगर बच्चा बड़ा होने पर माता पिता के धर्म को न माने तो फिर क्या होगा.

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