घोड़े के गोश्त के दम पर पदक की आस

  • 14 जुलाई 2012
घोड़े का गोश्त
Image caption घोड़े का गोश्त कजाखस्तान के पारंपरिक भोजन में काफी पसंद किया जाता है

कजाकिस्तान की ओलंपिक टीम लंदन ओलंपिक में अपनी सफलता की संभावनाएँ बढ़ाने के लिए घोड़े के गोश्त से बने सॉसेज या एक तरह के कबाब खासतौर पर ब्रिटेन ले जाना चाहती है.

मध्य एशियाई देश कजाकिस्तान के खेल अधिकारियों का कहना है कि ये पारंपरिक खाना उनके एथलीटों का प्रदर्शन सुधारने में मदद करेगा.

मगर अभी तक ये स्पष्ट नहीं है कि उन्हें ये सॉसेज या कबाब ब्रिटेन में लाने की अनुमति मिलेगी या नहीं क्योंकि वहाँ किसी भी तरह के गोश्त के आयात से जुड़े कड़े नियम हैं.

कजाकिस्तान के लंदन ओलंपिक में 114 एथलीट जाएँगे और दो हफ़्तों में ही ये खेल शुरू होने वाले हैं.

अलमाटी से बीबीसी के शोदियोर एशाएव का कहना है कि घोड़े का गोश्त पारंपरिक कजाख भोजन का अभिन्न अंग है और सुखाए हुए गोश्त से बने सॉसेज को वहाँ 'कैजी' कहा जाता है, जिसे लोग खासतौर पर काफी पसंद करते हैं.

टीम

कजाकिस्तान की टीम में मुख्य तौर पर मुक्केबाज, पहलवान और भारोत्तोलक शामिल हैं. बीबीसी संवाददाताओं के अनुसार ये सभी खेल ऐसे हैं जिनमें प्रोटीन वाले भोजन की जरूरत ज्यादा होती है.

खेल अधिकारी एल्सियार कनागातोव ने कहा, "हम हर टीम के लिए घोड़े का गोश्त ले जाएँगे. और अगर एथलीटों को अच्छा खाना मिले तो वे उल्लेखनीय नतीजे हासिल कर सकते हैं."

तेल से भरे कजाकिस्तान की पदकों को लेकर महत्वाकाँक्षा काफी है और उसने पदक जीतने पर एथलीटों को नकद इनाम देने की भी घोषणा की है. स्वर्ण जीतने पर दो लाख, रजत पर डेढ़ लाख और काँस्य पर 75 हजार डॉलर इनाम में दिए जाने हैं.

टीम ने 1996 से ओलंपिक में हिस्सा लिया है और तब से लेकर अब तक वे नौ स्वर्ण सहित कुल 39 पदक जीत चुके हैं.

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