'एयरपोर्ट उड़ाने का ट्वीट एक मज़ाक ही था'

Image caption पॉल चैंबर्स अब नई नौकरी करना चाहते हैं और छुट्टियां मनाना चाहते हैं

ब्रिटेन में एयरपोर्ट उड़ाने संबंधी ट्वीट के मामले में दोषी ठहराए गए एक व्यक्ति ने अपनी दोषसिद्धि के खिलाफ़ मुक़दमा जीत लिया है.

उत्तरी आयरलैंड के 28 वर्षीय पॉल चैंबर्स को मई 2010 में एक धमकी भरा ट्वीट करने के मामले में दोषी ठहराया गया था.

पॉल दक्षिणी यॉर्कशायर के डॉन्कास्टर में रहते थे और एक बार जब भारी बर्फ़बारी के कारण पास का रॉबिनहुड एयरपोर्ट बंद हो गया तो उन्होंने ट्वीट कर दिया वो एयरपोर्ट को उड़ा देंगे.

लंदन हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद उन पर लगे आरोप को खारिज कर दिया गया है.

हाईकोर्ट के फैसले के बाद पॉल चैंबर्स ने कहा, "दोषमुक्त होकर मैं काफी अच्छा महसूस कर रहा हूं. ये हास्यास्पद है कि मामला इतनी दूर तक पहुंच गया. मैं उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं जिन्होंने मेरी मदद की. ट्विटर पर मेरा साथ देनेवालों के प्रति भी मैं आभार प्रकट करता हूं."

मज़ाक

उन्होंने कहा कि डॉन्कास्टर के पास का रॉबिनहुड एयरपोर्ट जब जनवरी 2010 में भारी बर्फबारी की वजह से बंद हो गया था तो उन्होंने झुंझलाहट के एक क्षण में अपने 600 फौलोअर्स को ट्वीट कर दिया था कि वो एयरपोर्ट को उड़ानेवाले हैं.

पॉल ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनके इस मज़ाक को इतनी गंभीरता से लिया जाएगा.

पॉल चैंबर्स ने अपने ट्वीट में लिखा था, "रॉबिनहुड एयरपोर्ट बंद है. आपके पास एक हफ्ते का समय है अपने जानमाल की हिफाज़त के लिए. उसके बाद मैं एयरपोर्ट को आसमान तक उड़ा दूंगा."

अपने फैसले में जजों ने कहा था कि पॉल के इस ट्वीट को जिन लोगों ने पढ़ा था, वो उसे मज़ाक समझते और गंभीरता से नहीं लेते तो भी खतरे हो सकते थे, क्योंकि ये कैसे पता चलता कि ट्वीट भेजने वाला व्यक्ति मज़ाक कर रहा है.

जुर्माना

Image caption पॉल चैंबर्स ने इसी एयरपोर्ट को उड़ाने का संदेश ट्विट किया था

मूल रूप से नॉरथैंपटनशायर के कॉरबी के रहनेवाले पॉल चैंबर्स को इस ट्वीट के लिए दोषी ठहराया गया था और डॉन्कास्टर्स के जजों ने मई 2010 में उन्हें करीब एक हज़ार पाउंड का भुगतान करने का आदेश दिया था.

नवंबर 2010 में पॉल ने जब इस फैसले के खिलाफ क्राउन कोर्ट में पहली अपील की तो अदालत ने उसे खारिज कर दिया था.

जज का कहना था कि पॉल का संदेश वाकई परेशान करनेवाला था.

पिछले महीने मानवाधिकार मामलों के वकील जॉन कूपर क्यूसी ने अपनी दलील में जजों से कहा कि ये साफ है कि पॉल का ट्वीट एक मज़ाक ही था और ये एक ऐसे व्यक्ति द्वारा भेजा गया था जिसने अपनी पहचान नहीं छुपाई थी.

उन्होंने कहा कि ये किसी चरमपंथी इरादे से नहीं भेजा गया था और अदालत ने ऐसा संदेश लेकर गलत किया.

हास्य कलाकार स्टीफन फ्राई और अल मरे भी उन लोगों में शामिल थे जो पॉल चैंबर्स का समर्थन कर रहे थे.

अब क्राउन अभियोजन सेवा ने कहा है कि वो अदालत के फैसले के खिलाफ अपील नहीं करेगी.

संबंधित समाचार