खतना के पक्ष में सांसदों ने प्रस्ताव पारित किया

  • 20 जुलाई 2012
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जर्मनी के निचले सदन में सभी पार्टियों के सांसदों ने बच्चों का खतना करवाए जाने के अधिकार को सुरक्षित रखने का प्रस्ताव पारित किया है.

प्रस्ताव में सरकार से आग्रह किया गया है कि वो लड़कों का खतना किए जाने की अनुमति देने के लिए बिल तैयार करे.

कुछ दिन पहले एक जिला अदालत ने देश में छोटे लड़कों का खतना करने पर प्रतिबंध लगाया था जिसका यहूदी और मुस्लिम समुदाय ने कड़ा विरोध किया.

यहूदी और मुस्लिम समुदाय में खतना को धार्मिक श्रद्धा का आधार माना जाता है.

विदेश मंत्री गुइडो वेस्टरवेल ने कहा कि ये प्रस्ताव दर्शाता है कि जर्मनी एक सहनशील देश है.

अदालत के प्रतिबंध लगाने के फैसले के बाद जर्मन चांसलर एंगला मर्केल ने कहा था कि इससे उनका देश दुनिया के लिए मखौल का पात्र बन सकता है.

पर अदालती फैसले के बाद जर्मनी के डॉक्टरों की सबसे प्रमुख समिति ने अपने सदस्यों को खतना करने से मना किया है. उसे डर है कि इसे गैरकानूनी मानकर डॉक्टरों को सजा दी जाएगी.

जर्मनी में मुसलमान समुदाय के लोग ज्यादा हैं, इसलिए खतना भी ज्यादा मुसलमान बच्चों पर ही किया जाता है.

लेकिन इस फैसले से यहूदी भी नाराज हैं. एक यहूदी धर्मगुरू यानि रब्बी का कहना है कि यूरोप में हिटलर के समय किए गए यहूदियों के नरसंहार के बाद, अब ये फैसला उनके धर्म पर घातक हमला है.

हालांकि जर्मनी में किए गए एक सर्वेक्षण के मुताबिक देश की जनता में प्रतिबंध पर मत विभाजित है.

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