सीरिया के एलेप्पो में भीषण झड़पें

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Image caption सीरिया में शुक्रवार को 200 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबरें हैं

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि सीरिया के दूसरे बड़े शहर एलेप्पो में सेना और विद्रोहियों के बीच भीषण झड़पें हुई हैं.

सीरियन ऑब्जरवेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स का कहना है कि लड़ाई का मुख्य केंद्र सलाह-अल-दीन जिला है, लेकिन अब ये सखूर और हैदरिया इलाकों में भी फैल गई है.

सीरिया में मार्च 2011 से विद्रोह शुरु हुआ था, तभी से एलेप्पो में खून-खराबा होता रहा है.

यहां भीषण झड़पें तब शुरु हुई हैं जब एक दिन पहले ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने मिशन की अवधि 30 दिन के लिए बढ़ाई है.

प्रस्ताव में कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षक अपना काम करने की स्थिति में नहीं होंगे तो वे तीस दिन के बाद सीरिया से लौट जाएंगे.

लेकिन सेना ने यदि भारी हथियारों का इस्तेमाल बंद कर दिया तो मिशन की अवधि बढ़ाई भी जा सकती है.

सीरिया में संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षकों का काम इस साल जून से ही बंद है क्योंकि यहां हिंसा बहुत ज्यादा बढ़ गई है.

रातभर होती रही लड़ाई

सीरिया में गुरुवार को 300 से ज्यादा और शुक्रवार को 200 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबरें हैं.

शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने सुरक्षा परिषद से कहा था कि पर्यवेक्षक मिशन के वरिष्ठ अधिकारी हर्व लेडसॉस को सीरिया भेजा जाएगा.

दूसरी ओर सीरियन ऑब्जरवेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स का कहना है कि एलेप्पो में सेना और फ्री सीरियन आर्मी के बीच झड़पों की शुरुआत शुक्रवार सुबह हुई और दोपहर होते-होते ये सखूर और हैदरिया इलाकों में फैल गईं.

एलेप्पो में मौजूद मानवाधिकार कार्यकर्ता मोहम्मद सईद का कहना है कि यहां पूरी रात झड़पें होती रही.

उन्होंने समाचार एजेंसी एपी को बताया, ''पिछली रात बहुत बुरी तरह बीती. बड़े-बड़े धमाके हो रहे थे, गोलियां चल रही थीं और ये सब कई घंटों तक जारी रहा.''

उन्होंने बताया कि फ्री सीरियन आर्मी के कई लड़ाके एलेप्पो के अंदरुनी इलाकों तक पहुंच गए. एलेप्पो, तुर्की से बहुत दूर नहीं है जहां फ्री सीरियन आर्मी के कमांडो मौजूद हैं.

भयभीत हैं लोग

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के एक नेटवर्क 'लोकल कॉ-ऑर्डिनेशन कमेटी' का कहना है कि सलाह अल दीन के लोग बमबारी की वजह से बहुत डरे हुए हैं.

बेरूत स्थित बीबीसी संवाददाता जिम म्यूर का कहना है कि एलेप्पो में लड़ाई होना राष्ट्रपति बशर अल असद के लिए अच्छा संकेत नहीं माना जा रहा है.

दक्षिणी जिले मिदान पर दोबारा नियंत्रण के लिए असद की सेना ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी जिसकी वजह से यहां काफी नुकसान हुआ है. यहां भी पूरी रात धमाकों की आवाज गूंजती रही.

दमिश्क के गवर्नर का कहना है कि यहां जो भी विरोध है, उसे पांच दिन के भीतर खत्म कर दिया जाएगा. लेकिन एक वीडियो में दिखाया गया है कि मिदान में स्थानीय पुलिस स्टेशन पर विद्रोहियों ने नियंत्रण कर रखा है.

एक अन्य वीडियो में दिखाया गया है कि उत्तरी उपनगरीय इलाके अल-ताल में भी फ्री सीरियन आर्मी के लड़ाकों ने नियंत्रण कर लिया है.

मध्य सीरिया में होम्स के उत्तर में विद्रोहियों के नियंत्रण वाले तलबसिया कस्बे में भी लंबी लड़ाई हुई है. मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि सेना ने यहां भारी बमबारी की है.

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