जब आसान जीत को टीवी ने बनाया कांटे की टक्कर..

  • 26 जुलाई 2012
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Image caption कैरी स्ट्रग ने चोट के बावजूद दूसरी कोशिश की.

बीबीसी के ब्रॉडकास्टर बैरी डेविस 44 साल से ओलंपिक खेलों को कवर कर रहे हैं. वे इन वर्षों के अपने अनुभवों के बारे में दस लेख लिख रहे हैं. प्रस्तुत है इसी श्रृंखला में बात 1996 के अटलांटा ओलंपिक खेलों की:

ये एक क्लासिक अमरीकी कहानी है. दुनिया में किसी भी नस्ल से अधिक अमरीकी ही हैं जो ये कहना पसंद करते हैं - मैंने ये किया था.

और 1996 के अटलांटा ओलंपिक खेलों में जॉर्जिया डोम में मौजूद 32 हज़ार दर्शक अमरीका की महिला जिमनास्टिक टीम को प्रोत्साहित कर रहे थे. जहां तक इन दर्शकों का सवाल है तो उनके लिए सिर्फ अमरीकी ही इस प्रतिस्पर्धा में हिस्सा ले रहे थे.

अमरीकी टीम का सामना रूस से था और चार में से तीन राउंड में अमरीकी टीम 0.897 अंकों से आगे चल रही थी.

अंत में अमरीकी टीम वॉल्ट पर थी और रुसी फ्लोर यानि ज़मीन पर करतब दिखा रहे थे. सिस्टम ये है कि कुल मिलाकर छह जिमनास्ट प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लेते हैं और सबसे कम अंक हासिल करने वाले जिमनास्ट का स्कोर नहीं गिना जाता.

दूसरी कोशिश

अमरीका के पहले चार जिमनास्टों ने मजबूत प्रदर्शन किया और टीम का स्कोर और बढ़िया हो गया. लेकिन पांचवीं प्रतियोगी डोमीनीक मोसेनु दौड़कर वॉल्ट पर आईं और लैंड करते वक्त बैठ गईं.

उन्हें 9.200 अंक मिले जो कि काफी कम थे लेकिन अमरीका को चिंता नहीं थी क्योंकि वे इस स्कोर को गिनती से बाहर रख सकते थे. लेकिन उसके लिए उनके अंतिम प्रतियोगी केरी स्ट्रग को अच्छा प्रदर्शन करना था.

कैरी स्ट्रग वॉल्ट की ओर दौड़ीं और वो भी कूदने के बाद लैंड करते वक्त बैठ गईं. अचानक एक समस्या उठ खड़ी हुई क्योंकि लैंड करते वक्त उनके टखने में चोट लग गई थी.

कैरी स्ट्रग का स्कोर आया 9.162. मतलब ये हुआ कि डीमीनीक मोसेनु का स्कोर चाहे जितना भी बुरा क्यों ना हो इससे अच्छा था और उसे टीम के स्कोर में शामिल किया जाना अमरीकियों की मजबूरी हो गई.

अब दर्शकों को सिर्फ एक ही सवाल सता रहा था. क्या रूसी अमरीका की सरज़मीं पर उन्हें मात दे देंगे?

कैरी स्ट्रग के पास दूसरी बार कोशिश करने का विकल्प था लेकिन उनकी हालत सही नहीं थी. लेकिन अमरीकी कोच बेला कारोल्वी (जो कई दिग्गजो को जिमनास्टिक सिखा चुकीं थीं) ने फैसला किया कि स्ट्रग दोबारा वॉल्ट पर जाकर किस्मत आजमाएंगी.

कुछ ही पलों में टीम के अन्य सदस्यों ने कैरी स्ट्रग को दोबारा कोशिश करने के लिए मना लिया. किसी चोटग्रस्त व्यक्ति से उलट कैरी स्ट्रग ने वॉल्ट की तरफ जोरदार दौड़ लगाई.

इस बार उनकी लैंडिग बढ़िया थी और अमरीकियों को अच्छा स्कोर मिला और वे गोल्ड मेडल जीत गए.

लेकिन पुरानी कहावत है: अच्छी कहानी के बीच तथ्यों को हस्तक्षेप ना करने दें.

फ्लोर पर करतब दिखाने वाली अंतिम रूसी जिमनास्ट थीं रोज़ालिया गलियेवा.

'टीवी का ट्विस्ट'

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Image caption 1996 एटलांटा ओलंपिक खेलों के दौरान अमरीकी जिमनास्टिक टीम के कोच बेला कारोल्वी डोमीनीक मोसेनू को बधाई देते हुए.

स्ट्रग अगर दूसरी बार हिम्मत ना भी करतीं तब भी अमरीकी इतना आगे थे कि रुस को जीत के लिए अपने अंतिम प्रतियोगी से 9.9 या 10 का स्कोर चाहिए था. और पूरे इवेंट में किसी ने ऐसा स्कोर खड़ा नहीं किया था.

इसलिए अमरीकी तो जीतते ही.

लेकिन उस रात अमरीकी टीवी चैनलों ने ऐसा आभास दिया कि कैरी स्ट्रग के दूसरे वॉल्ट के कारण ही अमरीका ने गोल्ड जीता.

इसमें कोई संदेह नहीं है कि कैरी स्ट्रग ने बहादुरी का काम किया था. क्योंकि उनके टखने की चोट उसके बाद कभी पूरी तरह ठीक नहीं हुई. लेकिन इस प्रतिस्पर्धा से मिली लोकप्रियता ने उन्हें एक बड़ी हस्ती बना दिया और वे जहां भी गईं उन्हें हाथों-हाथ ले लिया गया.

टीवी के दर्शकों के लिए तो ये अटलांटा खेलों की सबसे महान कहानी बन गई.

ये कहानी दरअसल कहानी ही नहीं थी, और अब मैं सोचता हूं कि इसके लिए मैं भी जिम्मेदार था.

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