अफगान पुलिस बल छोड़ तालिबान से हाथ मिलाया

  • 24 जुलाई 2012
अफगान पुलिस इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption पश्चिमी अफगानिस्तान में हालाँकि शांति रहती है लेकिन फराह काफी जोखिम भरा इलाका है

अफगानिस्तान के पश्चिमी प्रांत फराह में एक पुलिस कमांडर और 13 जूनियर अधिकारियों ने तालिबान से हाथ मिला लिया है.

बीबीसी संवाददाताओं के मुताबिक ये पहली बार है कि इतनी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों ने तालिबान का रुख किया है.

उनका कहना है कि पुलिस कमांडर मीरवाइस जिस चेकप्वाइंट के इंचार्ज थे वहाँ करीब 20 पुलिसकर्मी तैनात थे.

ये पुलिसकर्मी अपने साथ भारी हथियार, रेडियो उपकरण और पुलिस की गाड़ियाँ जिनमें अमरीका में बनी हम्वीज़ शामिल थीं ले गए हैं.

पश्चिमी अफगानिस्तान में हालाँकि शांति रहती है लेकिन फराह काफी जोखिम भरा इलाका है.

पुलिस कमांडर मीरवाइस बाला बुलक जिले के शेवान गाँव में तैनात थे जो हाल तक तालिबान का गढ़ माना जाता था.

अफगान सुरक्षाबलों ने कई कार्रवाइयों के बाद तालिबान लड़ाकों को यहाँ से खदेड़ दिया लेकिन स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि इलाके में चरमपंथी दोबारा एकत्रित हो रहे हैं.

प्रांत में तैनात पुलिस और गुप्तचर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस कमांडर ने तैनात पुलिस वालों को भी अपने साथ शामिल होने के लिए उकसाया.

काबुल में बीबीसी संवाददाता बिलाल सरवरी से बात करते हुए अफगान गुप्तचर विभाग के एक अधिकारी ने कहा, “मीरवाइस और उनके साथी करीब ढाई साल पहले पुलिस विभाग में शामिल हुए थे और काफी समय तक उन्होंने चरमपंथियों के साथ लड़ाई लड़ी.”

अधिकारी ने कहा, “तालिबान से हाथ मिलाने से बहुत पहले से ही वो तालिबान चरमपंथियों को गुप्त जानकारियाँ जरूर देते रहे होंगे.”

तालिबान लड़ाकों के लिए हम्वीज़ गाडियाँ प्रतीकात्मक रुप से बहुत महत्वपूर्ण हैं, लेकिन ये गाड़ियाँ बहुत उपयोगी भी हैं. हम्वीज़ उबड़-खाबड़ जमीन पर आसानी से सफर कर लेती हैं.

स्थानीय अधिकारियों के तालिबान से हाथ मिलाने की घटनाएँ पिछले कुछ सालों में कंधार, हेलमंद, जाबुल, उरुजगान, घोर, फराह, बादघिस और हेरात प्रांतों में भी हुई हैं लेकिन अफगान मीडिया में इनका ज़िक्र बहुत कम होता है.

संबंधित समाचार