सीरिया की दो जेलों में विद्रोह

  • 24 जुलाई 2012
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Image caption विद्रोहियों ने दमिश्क और एलेपो के कई हिस्सों पर कब्ज़ा कर लिया था

सीरिया में सरकार विरोधी कार्यकर्ताओं का कहना है कि सेना और विद्रोहियों के बीच राजधानी दमिश्क और दूसरे शहर एलेपो में झड़पें हुई हैं.

उनका कहना है कि एलेपो और होम्स की जेलों में क़ैदियों ने विद्रोह कर दिया है और जेल तोड़ने की कोशिश की है.

विद्रोहियों का कहना है कि एलेपो में जेल के विद्रोह के दौरान नौ क़ैदी मारे गए हैं.

कार्यकर्ताओं का कहना है कि सुरक्षा बलों ने होम्स में कार्रवाई करने की धमकी दी है.

संघर्ष की ये ख़बरें ऐसे समय में आ रही हैं जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय ये चिंता कर रहा है कि सीरिया की सरकार रासायनिक हथियारों का उपयोग कर सकती है.

हालांकि सरकार की ओर से कहा गया है कि रासायनिक हथियारों का प्रयोग सीरिया के भीतर नहीं किया जाएगा बल्कि इसका उपयोग तभी किया जाएगा जब सीरिया पर बाहर से हमला होगा.

जेल मे विद्रोह

होम्स की जेल के बाहर से धमाकों और गोलीबारी की आवाज़ें सुनाई पड़ रही हैं.

बताया जाता है कि वहाँ बिना हथियारों के तैनात पुलिसकर्मी विद्रोह करके क़ैदियों के साथ धरने पर बैठ गए थे.

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Image caption अंतरराष्ट्रीय समुदाय सीरिया सरकार की ओर से रसायनिक हथियारों के उपयोग को लेकर चिंता कर रहा है

सीरिया के मानवाधिकार संस्था का कहना है कि होम्स की जेल में कम से कम दो क़ैदी मारे गए हैं.

विद्रोही कार्यकर्ताओं के एक समूह लोकल कॉर्डिनेशन समिति ने कहा है कि जेल के भीतर चिंताजनक मानवीय परिस्थितियाँ हैं.

इस समूह ने अंतरराष्ट्रीय सहायता की गुहार लगाते हुए कहा है कि सेना क़ैदियों को सामूहिक रुप से मारने की योजना बना रही है.

इससे पहले सरकार ने इस बात से इनकार किया था कि पुलिसकर्मियों ने विद्रोह कर दिया है.

सीरिया के सरकारी टेलीविज़न का कहना है कि सरकार ने अब दमिश्क के ज़्यादातर हिस्सों पर फिर से कब्ज़ा कर लिया है, जहाँ पिछले हफ़्ते विद्रोहियों ने कब्ज़ा जमा लिया था.

अपने प्रसारण में दक्षिणी ज़िले नहर इशा में कई शव दिखाए हैं और कहा है कि ये 'आतंकवादियों' के शव हैं.

इसके अलावा सीरियाई सैनिकों को विद्रोहियों की तलाश में घर घर की तलाशी लेते हुए दिखाया गया है.

मानवाधिकार संस्थाओं का कहना है कि पिछले रविवार से अब तक सीरिया में 1,260 लोग मारे गए हैं.

उनका कहना है कि विद्रोह भड़कने के बाद पिछले 16 महीनों में ये सबसे खून खराबा से भरा हफ़्ता रहा है.

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