'सीरिया की असद हुकूमत का खात्मा करीब'

अलेप्पो
Image caption विद्रोही पिछले दिनों हथियार और उपचार सामग्री इकट्ठा कर रहे थे.

सीरिया में संयुक्त राष्ट्र पर्यवेक्षक मिशन के पूर्व प्रमुख ने कहा है कि बशर अल-असद की सरकार के गिरने में 'थोड़ा वक्त ही बाकी रह गया है'.

लेकिन जनरल राबर्ट मूड ने साथ ही कहा है कि असद की सत्ता समाप्त का ये मतलब नहीं होगा कि वहां 16-माह से जारी लड़ाई खत्म हो जाएगी.

राबर्ट मूड़ पिछले हफ्ते तक सीरिया में मौजूद थे.

इस बीच सीरिया में सरकारी फौज ने उत्तरी शहर अलेप्पो पर फिर से हमले शुरू कर दिए हैं. विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाकों पर हैलीकॉप्टर 'गनशिप' यानी भारी मशीनगन से लैस हैलीकॉप्टरों से बमबारी की जा रही है.

अमरीका का कहना है कि उसे डर है कि सीरिया की फौजे कत्ले-आम की तैयारी कर रही हैं.

हालांकि विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता विकोटरिया नूलंड ने एक बयान में कहा है कि अमरीका किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं करने जा रहा है सिवा उपचार सामग्री और संचार यंत्रों के.

संयुक्त राष्ट्र मानवधिकार संस्था की कमिश्नर नवी पिल्ले ने कहा है कि वो किसी बड़े युद्ध की संभावना को लेकर चिंतित हैं और खतरा है कि इसमें आम शहरियों को नुकसान पहुंचेगा.

उन्होने दोनों पक्षों से नागरिकों को क्षति से बचाने की अपील की है.

'बहुत बड़ी जंग'

इधर सरकार का समर्थन करने वाले अखबार अल-वतन ने कहा है कि अलेप्पो में बहुत बड़ी जंग शुरू होने वाली है.

विद्रोही जंग की तैयारी में पिछले कुछ दिनों से शहर में हथियार और उपचार सामग्री जमा कर रहे थे.

सीरिया की मानवधिकार संस्था ने समाचार एजेंसी एएफपी से कहा है कि शहर के दक्षिमी-पश्चिमी इलाके पर हैलीकॉप्टरों से हमले किए जा रहे हैं.

अलेप्पो से बीबीसी संवाददाता इयान पैनेल का कहना है कि राष्ट्रपति बशर अल-असद किसी भी हाल में अलेप्पों पर कब्जा नहीं छोडेंगे इसलिए वो इसपर नियंत्रण के लिए पूरी ताकत का इस्तेमला करेंगे.

Image caption हमलों के बाद से हजारों लोग शहर छोड़कर भाग रहे हैं.

पैनेल का कहना है कि खबर है कि सैकड़ो बल्कि हजारों लोग शहर छोड़कर भाग रहे हैं.

ऊधर लड़ाई के तेज होने और धमाकों की खबरें आ रही हैं, तोपें शहर के करीब पहुंच चुकी हैं और कार्यकर्ताओं का कहना है कि हवाई हमलों में काफी लोग मारे गए हैं.

काफी नागरिक शहर छोड़कर भाग गए हैं. इनमें सीरिया राष्ट्रीय परिषद में अलेप्पो का प्रतिनिधित्व करने वाली सदस्य इखलास अल बदावी भी शामिल हैं.

प्रतिनिधि

वो तुर्की भाग गई हैं. वो देश छोड़कर भागने वाली पहली नागरिक प्रतिनिधि हैं.

बीबीसी संवाददाता ने कहा है कि दूसरे शहरों पर पहले भारी बमबारी की गई है और जब मामला थोड़ा शांत हुआ है तो तोपें नगर में जा घूसी हैं.

चूंकि अलेप्पो भारी आबादी वाला इलाका है इसलिए वहां काफी खून-खराबा होने की आशंका है.

कार्यकर्ताओं का कहना है कि गुरूवार को हुई लड़ाई में 34 लोगों की मौत हो गई थी.

एक विद्रोही का कहना है कि यहां भी हालात दमिश्क जैसे ही होंगे जहां विद्रोहियों ने पहले तो शहर के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था लेकिन बाद में उन्हें वहां से भागना पड़ा.

सरकार ने कहा है कि वो बच गए आतंवादियों को खदेडने का प्रयास कर रही है.

कार्यकर्ताओं का कहना है कि मार्च 2011 से शुरू हुई लड़ाई में 16,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं.

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