शहर को हजारों सैनिकों ने घेरा, 48 शियाओं का अपहरण

एलप्पो इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption सीरिया के एलप्पो में विद्रोहियों को 20 हजार सैनिकों ने घेर लिया है

सीरिया के उत्तरी शहर एलप्पो को लगभग 20 हजारों सैनिकों ने घेर लिया है और विद्रोहियों के अनुसार फौज वहाँ एक बड़े हमले की योजना बना रही है.

एक ओर एलप्पो में भीषण गोलाबारी और सरकारी फौज-विद्रोहियों के बीच झड़पें हो रही हैं वहीं सैन्य सूत्रों का कहना है कि राजधानी दमिश्क से उन्होंने विद्रोहियों को पीछे धकेल दिया है.

सीरिया में पिछले लगभग डेढ़ साल से राष्ट्रपति बशर अल असद की सरकार के खिलाफ भीषण विद्रोह छिड़ा हुआ है. बशर अल असद का परिवार पिछले लगभग 40 साल से सीरिया में सत्ता में है. विद्रोही असद के इस्तीफे और राजनीतिक सुधारों की मांग करते आए हैं.

असद सरकार की ओर से विद्रोहियों के खिलाफ भीषण गोलाबारी की संयुक्त राष्ट्र में निंदा होती रही है लेकिन रूस और चीन में किसी भी तरह के सैन्य हस्तक्षेफ के खिलाफ हैं.

'ईरान सीरिया का सबसे महत्वपूर्ण सहयोगी'

शनिवार को दमिश्क के बाहरी इलाके में स्थित शिया दरगाह सईदा जैनाब से अज्ञात बंदूकधारियों ने 48 ईरानी श्रद्धालुओं का अपहरण कर लिया था. सीरियाई सरकारी टीवी चैनल और ईरानी कूटनयिकों ने सशस्त्र गुटों को इसके लिए दोषी ठहराया था.

ईरान ने तुर्की और कदर से कहा है कि वे ईरानी नागरिकों की रिहाई के लिए प्रयास करें, और ये देश ऐसा करने के लिए राजी हो गए हैं.

उधर रविवार अल-अरेबिया चैनल पर विद्रोहियों ने दावा किया कि श्रद्धालुओं में ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड्स के सदस्य शामिल थे.

बेरूत में स्थित बीबीसी संवाददाता जिम मॉयर के अनुसार, "ईरान सीरियाई सरकार का सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रीय सहयोगी है और उसने हर हालत में सीरिया का साथ देने की बात कही है."

असद सरकार की फौजों ने एलप्पो में तोपों, लड़ाकू विमानों और हेलिकॉप्टरों से गोलाबारी की है.

तुर्की के साथ लगती सीरियाई सीमा से बीबीसी संवाददाता रिचर्ड गैलपिन के अनुसार, "एलप्पो शहर में धीरे-धीरे सीरियाई फौज अपनी संख्या बढ़ा रही है. इसी के साथ फौज के टैंक और बख्तरबंद गाड़ियाँ भी वहाँ दाखिल हो रही हैं."

विद्रोहियों ने भी वहाँ अपनी संख्या बढ़ाई है और वहाँ अपना नियंत्रण बढ़ाने के प्रयास कर रहे हैं.

संबंधित समाचार