मिस्र के खुफ़िया प्रमुख बर्ख़ास्त,सिनाइ में कार्रवाई

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Image caption सिनाइ में पिछले कुछ दिनों में चरमपंथियो ने हमले किए हैं जिसके बाद कार्रवाई शुरू हुई

मिस्र के राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी ने देश के ख़ुफ़िया विभाग के प्रमुख और उत्तरी सिनाइ प्रांत के गवर्नर को बर्ख़ास्त कर दिया है.

इसके कुछ ही घंटे पहले, मिस्र की सेना ने इस क्षेत्र में में संदिग्ध इस्लामी चरमपंथियों के ख़िलाफ़ सैन्य अभियान शुरू किया था. सेना का कहना है कि इन चरमपंथियों ने 20 लोगों को मार डाला है.

गत रविवार इस इलाक़े में चरमपंथियों के मिस्र के 16 सीमा प्रहरियों की हत्या कर दी थी. बुधवार को अल-आरिश शहर में नाकों पर और हमले हुए जिनमें कुछ लोग घायल हुए हैं.

इसके कुछ घंटे बाद सेना ने हमला शुरू कर दिया.

देश के ख़ुफ़िया विभाग के प्रमुख की बर्ख़ास्तगी की घोषणा देश के सरकारी टीवी चैनल पर की गई.

राष्ट्रपति के प्रवक्ता यासिर अली ने कहा,"जेनरल मोहम्मद मुराद मोवाफ़ी को आज से सेवानिवृत्त कर दिया गया है."

हमला

रविवार को हुआ हमला बहुत ख़तरनाक था और सिनाइ प्रांत में पिछले कुछ दशकों में मिस्र के सैनिकों पर हुआ अब तक का सबसे गंभीर हमला था.

इसके बाद से ही राष्ट्रपति मोर्सी की आलोचना हो रही थी कि वे जवाबी हमला नहीं कर पाने में नाकाम रहे हैं.

समाचार एजेंसी एपी के अनुसार सुरक्षा अधिकारियों ने बीबीसी को बताया है कि मिस्र ने सिनाइ में 1973 के इसराइल युद्ध के बाद पहली बार मिसाइल हमले किए हैं. इस युद्ध में मिस्र ने सिनाइ प्रायद्वीप पर दोबारा कब्ज़ा करने का प्रयास किया था.

सिनाइ में मिस्र की सेना सीमित संख्या में है औऱ 1979 की शांति संधि के अनुसार इसके लिए उसे इसराइल से अनुमति लेनी होती है जिसने संधि के बाद सिनाइ को मिस्र को लौटा दिया था.

बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में काफ़ी तनाव है. सिनाइ में मौजूद एक बीबीसी संवाददाता के अनुसार पिछले साल पूर्व राष्ट्रपति होस्नी मुबारक के सत्ता से जाने के बाद आए शून्य का लाभ उठाते हुए इस्लामी अतिवादियों ने हाल के महीनों में वहाँ अपनी पैठ बना ली है.

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