गुरूद्वारे में मारे गए लोगों का अंतिम संस्कार

अंतिम संस्कार
Image caption मारे गए लोगों को याद करते हज़ारों लोग

अमरीका के विस्कॉंसिन राज्य के एक गुरूद्वारे में पांच अगस्त यानी रविवार को हुई गोलीबारी में मारे गए छह लोगों का शुक्रवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया.

इसमें हज़ारों लोगों ने शिरकत की.

मारे गए लोगों की याद में एक स्थानीय स्कूल में कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें अमरीका के अटॉर्नी जनरल एरिक होल्डर भी मौजूद थे.

इस मौक़े पर एरिक होल्डर ने कहा कि गुरूद्वारे पर हमला अमरीका के मूल्यों पर हमला था.

विस्कॉंसिन के गवर्नर स्कॉट वाकर ने भी लोगों को संबोधित किया.

एक पूर्व अमरीकी सैनिक वेड माइकल पेज ने पिछले रविवार को गुरूद्वारे में पूजा कर रहे लोगों पर अंधाधुंद गोलीबारी की थी जिसमें छह लोग मारे गए थे. बाद में हमलावर ने भी ख़ुद को गोली मार ली थी.

इस हमले में तीन लोग बुरी तरह घायल भी हुए थे जिनका अभी भी अस्पताल में इलाज चल रहा है.

गोलीबारी में मारे गए लोगों के अंतिम संस्कार के दौरान वहां पहुंचे अटॉर्नी जनरल एरिक होल्डर ने कहा कि न्याय विभाग इस गोलीबारी की जांच करता रहेगा.

एरिक होल्डर का कहना था, ''रविवार का हमला केवल सिख धर्म के मूल्यों पर हमला नहीं बल्कि ये अमरीकी मूल्यों पर भी हमला था. यह ग़लत और अस्वीकार्य है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है.''

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Image caption मारे गए लोगों के शवों को ले जाते हुए

नारंगी रंग का स्कार्फ़ पहन कर अंतिम संस्कार में शामिल हुए विस्कॉंसिन के गवर्नर वाकर का इस मौक़े पर कहना था, ''आज के दिन हम सब आपके दुख में शामिल हैं. हम आपका पूरा समर्थन करते हैं. अमरीकी होने के नाते हम सब एक हैं और अगर कोई हममें से किसी एक पर हमला करता है तो वो हम सब पर हमला करता है.''

इसमें लगभग तीन हज़ार लोग शामिल हुए जिनमें कई लोग बाहर से भी आए थे.

रविवार की घटना के बाद पुलिस ने श्रृद्धालुओं के गुरूद्वारे के अंदर जाने पर पाबंदी लगा दी थी लेकिन पुलिस की जांच पुरी होने के बाद गुरूवार से श्रृद्धालु दोबारा गुरूद्वारे में जाने लगे.

कार सेवकों ने गोलीबारी से क्षतिग्रस्त हुए क्षेत्र की मरम्मत की और ख़ून से लथ-पथ क़ालीन को बदल दिया गया.

लेकिन गुरूद्वारे के मुख्य प्रार्थना सभा में दाख़िल होने के लिए बने दरवाज़े पर गोलीबारी से बने सुराख़ को यादगार के तौर पर उसी तरह छोड़ दिया गया है.

मारे गए लोगों की याद में अखंड पाठ पढ़ना शुरू किया गया जिसे पूरा करने में 48 घंटे लगेंगे.

मारे जाने वालों में पांच पुरूष और एक महिला थे. गुरूद्वारे के प्रमुख सतवंत सिंह कालेका भी इस गोलीबारी में मारे गए थे. चश्मदीदों के अनुसार सतवंत सिंह ने एक चाक़ू से बंदूक़धारी को रोकने की कोशिश की थी.

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