विकिलीक्स का पीछा बंद करे अमरीका : जूलियन असांज

 रविवार, 19 अगस्त, 2012 को 19:36 IST तक के समाचार
असांज

असांज ने इक्वाडोर के दूतावास में शरण ले रखी है

विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज आज लंदन में इक्वाडोर के दूतावास की खिड़की पर आये और उन्होंने अमरीका के ऊपर कस कर हमला बोला.

असांज ने कहा कि अमरीका सहित दुनिया भर की सरकारें छुपे हुए गलत कामों को सामने लाने वालों के खिलाफ़ मोर्चा खोले हुए हैं.

असांज बोले कि विकीलीक्स ही नहीं दुनिया में बोलने की आज़ादी , अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता खतरे में हैं. असांज ने कहा कि पत्रकारों को चुप कराया जा रहा है ताकि लोग अँधेरे में रहे.

विकीलीक्स के कारण दुनीया की नजरों में आए असांज ने कहा "अमरीका सामने चुनाव की घड़ी है. या वो विकीलीक्स का पीछा करना बंद करे और उन मूल्यों के पर वापस जाए जिन मूल्यों के साथ अमरीका की एक देश के रूप में नीवं रखी गई थी, या फिर वो एक ऐसी खाई में गिर पड़े और जहाँ पत्रकार भय के कारण चुप हो जाते हों और जहाँ आम लोग अँधेरे में धकेल दीए जाते हों."

नाटकीय अंदाज़

असांज़ दो माहीने से लंदन में इक्वाडोर के दूतावास में छुपे हुए हैं. यह दूतावास पहली मंजिल पर स्थित है. दूतवास की खिड़की से असांज़ ने नाटकीय तरीके से बड़ी तादाद में नीचे खड़े लोगों को संबोधित किया.

"अमरीका सामने चुनाव की घड़ी है. या वो विकीलीक्स का पीछा करना बंद करे और उन मूल्यों के पर वापस जाए जिन मूल्यों के साथ अमरीका की एक देश के रूप में नीवं रखी गई थी, या फिर वो एक ऐसी खाई में गिर पड़े और जहाँ पत्रकार भय के कारण चुप हो जाते हों और जहाँ आम लोग अँधेरे में धकेल दीए जाते हों"

जूलियन असांज

इस दूतावास के चारों तरफ़ स्कॉटलैंड यार्ड के अधिकारी हर पल पहरा दे रहे हैं. असांज़ ने इस बात का भी ज़िक्र किया कि वो किस तरह से रातों को दूतावास से आग की हालत में निकलने के आपातकाल के रास्तों पर पुलिसवालों की मौजूदगी को सुन सकते हैं.

असांज़ ने आम लोगों का धन्यवाद किया जो बड़ी तादाद में वहां उन्हें सुनने के लिए एकत्र हुए थे. उन्होंने कहा कि आम लोग अकेले नहीं आये वो अपने साथ दुनिया भर की निगाहें लाये हैं जो यह देख सकतीं हैं कि उनके साथ क्या हो रहा है.

इक्वाडोर ने विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज को शरण दे दी है. असांज दो महीने से लंदन स्थित इक्वाडोर के दूतावास में रह कर अपने ख़िलाफ प्रत्यर्पण का मुकदमा लड़ रहे हैं.

इक्वाडोर ने ये कहते हुए उन्हें अपने यहाँ पनाह दी है कि असांज के मानवाधिकारों के हनन का ख़तरा है.

कूटनीतिक युद्ध

असांज़ का संबोधन एक ऐसे समय पर आया है जब इक्वाडोर और ब्रिटेन के बीच में उनको शरण देने को लेकर एक कूटनीतिक युद्ध आरंभ हो गया है.

इक्वाडोर के विदेश मंत्री रिकार्डो पातिनो ने ब्रिटेन पर आरोप लगाया था कि वो लंदन स्थित उनके देश के दूतावास में असांज को गिरफ़्तार करने के लिए खुली धमकी दे रहा है.

असांज जून के महीने में स्वीडन प्रत्यर्पित किए जाने के डर की वजह से लंदन में इक्वाडोर के दूतावास में चले गए थे. स्वीडन में उनसे बलात्कार के मामले में पूछताछ की जानी है लेकिन असांज इस आरोप को ख़ारिज करते हैं.

इक्वाडोर के फ़ैसले की घोषणा करते हुए विदेश मंत्री रिकार्डो पातिनो ने कहा कि असांज का राजनीतिक प्रताड़ना का डर सही है.

अपील ख़ारिज

इससे पहले ब्रिटेन के सर्वोच्च न्यायालय ने असांज की उस अपील को खारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने प्रत्यर्पण संबंधी कार्रवाई पूरी होने से पहले उन्हें दो हफ्ते की मोहलत देने की अपील की थी.

असांज को जबरन हिरासत में लेने का ये मामला तूल पकड़ता जा रहा है. इक्वाडोर के दूतावास के पास पुलिस फटकते ही असांज के समर्थक लामबंद हो जाते हैं.

विकीलीक्स के लिए काम करने वाली दो महिलाओं ने 2010 में असांज पर बलात्कार और यौन शोषण के आरोप लगाए थे. इन्हीं आरोपों के सिलसिले में स्वीडिश अभियोजक उनसे पूछताछ करना चाहते हैं. वहीं असांज का कहना है कि इस मामले में यौन संबंध सहमति से बनाए गए थे.

विकीलीक्स वेबसाइट ने कई गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक किए थे, जिसके कारण कई सरकारों को शर्मसार होना पड़ा था.

असांज को डर है कि अगर उन्हें स्वीडन भेजा गया तो उन्हें अमरीका भी भेजा जा सकता है और विकीलीक्स मामले में उन पर मुकदमा चल सकता है और उन्हें मौत की सजा भी हो सकती है.

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