एनएचएस विदेशों में खोलेगा शाखाएं

 मंगलवार, 21 अगस्त, 2012 को 18:36 IST तक के समाचार
एनएचएस

एनएचएस अब ब्रिटेन के बाहर अपनी शाखाएं खोलने की तैयारी में

ब्रिटेन की विख्यत राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा यानि एनएचएस देश के बाहर अपने अस्पतालों की शाखाएं खोलने की तैयारी कर रहा है. इन शाखाओं से होने वाली कमाई को दोबारा एनएचएस में ही डाले जाने की योजना बनाई जा रही है.

लेकिन ब्रिटेन के बाहर स्थापित किए जाने वाले अस्पतालों में निवेश निजी ब्रितानी अस्पतालों को ही करना होगा.

मरीज़ों का प्रतिनिधित्व करने वाले एक संगठन ने इसे ‘एक मुश्किल समय ध्यान दूसरी ओर करना’ क़रार दिया है.

पिछली लेबर सरकार के दौरान शुरू हुए इस विचार को स्वास्थ्य और यूके व्यापार एवं निवेश विभाग लागू करने वाले हैं.

बीबीसी को पता चला है कि इस प्रक्रिया का हिस्सा सिर्फ़ रॉयल मार्सडन और ग्रैट ऑर्मंड स्ट्रीट जैसे बड़े अस्पताल होंगे ना कि आम अस्पताल.

‘मरीज़ों का फ़ायदा’

"ये एनएचएस के मरीज़ों के लिए अच्छी ख़बर है जिन्हें अपने अपने स्थानीय अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं मिलेंगी क्योंकि एनएचएस विदेशों में जो धन कमाएगा उससे अतिरिक्त निवेश मुमकिन होगा. ये अर्थव्यस्था के लिए भी बढ़िया है क्योंकि इससे नई नौकरियां भी उपलब्ध होंगी."

एंड्रयू लानस्ले

ये कुछ लंदन के मूरफ़ील्ड्स आई हॉस्पिटल जैसा होगा. इस अस्पताल ने साल 2007 में दुबई में अपनी एक शाखा खोली थी.

ब्रिटेन के उप स्वास्थ्य मंत्री एंड्रूय लानस्ले के एक करीबी स्रोत ने ज़ोर देकर कहा है कि अस्पतालों को विदेशों में निवेश के लिए अपना धन जुटाना होगा और ये निवेश सिर्फ़ ब्रिटेन में निजी मरीज़ों से कमाए गए धन तक ही सीमित रखना होगा.

स्रोत ने कहा कि विदेश में कमाया गया धन वापस ब्रिटेन की स्वास्थ्य सेवाओं में निवेश करना पड़ेगा ताकि एनएचएस को फ़ायदा हो सके.

ब्रितानी स्वास्थ्य मंत्री एन मिल्टन ने कहा, “ये एनएचएस के मरीज़ों के लिए अच्छी ख़बर है जिन्हें अपने अपने स्थानीय अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं मिलेंगी क्योंकि एनएचएस विदेशों में जो धन कमाएगा उससे अतिरिक्त निवेश मुमकिन होगा. ये अर्थव्यस्था के लिए भी बढ़िया है क्योंकि इससे नई नौकरियां भी उपलब्ध होंगी.”

पहले से ही विदेशों में अपनी शाखा चलाने वाले मूरफ़ील्ड्स के निदेशक क्रिस कैनिंग ने कहा कि दुबई में उनकी शाखा में करदाताओं का पैसा नहीं लगाया जाता और ये शाखा पिछले तीन वर्षों से लाभ कमा रही है.

‘अंधाधुंध बाज़ारीकरण’

"एनएचएस का ध्यान इस सेवा के तहत आने वाले मरीज़ों के उपचार पर होना चाहिए. हम किसी भी वाणिज्यिक कदम से काफ़ी चिंतित होंगे. इससे अस्पतालों का ध्यान उनकी प्रमुख भूमिका से हटकर अपनी विदेशी शाखाओं पर चला जाएगा."

माइकल वॉटसन

लेकिन इस कदम की मरीजों के हितों का ख़्याल रखने वाली संस्था ‘पेसेंट्स एसोसिएशन’ आलोचना की है.

इस संस्था के माइकल वॉटसन ने कहा, “ एनएचएस का ध्यान इस सेवा के तहत आने वाले मरीज़ों के उपचार पर होना चाहिए. हम किसी भी वाणिज्यिक कदम से काफ़ी चिंतित होंगे. इससे अस्पतालों का ध्यान उनकी प्रमुख भूमिका से हटकर अपनी विदेशी शाखाओं पर चला जाएगा. ”

इस योजना पर विचार पिछली लेबर सरकार के कार्यकाल में शुरू हो गया था लेकिन अब लेबर पार्टी के जेमी रीड ने इसकी आलोचना की है.

उन्होंने कहा कि जिस वक्त कर्मचारियों को नौकरियां जा रही हों उस समय सरकार का ध्यान एनएचएस को दुरुस्त करने में होना चाहिए.

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.