आखिरकार 46 साल बाद पहुंचेगी डाक!

 गुरुवार, 30 अगस्त, 2012 को 20:25 IST तक के समाचार
कूटनीतिक डाक

ग्लेशियर में दबे हुए मिले इस बैग पर लिखा है, ‘डिप्लोमैटिक मेल'

भारत की ओर से भेजी गई कूटनीतिक डाक से भरा एक बैग फ्रांस की क्लिक करें आल्पस पहाड़ियों में मिला है. 46 साल पहले इस जगह के नज़दीक एयर इंडिया का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था.

आल्पस पहाड़ियों पर कुछ पर्यटकों द्वारा पिछले हफ्ते इस बैग की सूचना दिए जाने के बाद क्लिक करें खोजी दल के सदस्यों ने इसे बरामद किया.

इस बीच पेरिस स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने समाचार एजेंसी एएफपी के हवाले से कहा है कि उन्हें फिलहाल इस बैग के बारे में औपचारिक सूचना नहीं मिली है लेकिन वो जल्द ही इसे हासिल करने की कार्रवाई शुरु करेंगे.

"हम तो गड़े हुए खज़ाने और हीरे जवाहरात की उम्मीद करते हैं, लेकिन उसकी जगह हमें मिली गीली और बेहद पुरानी पड़ चुकी डाक और भारतीय अखबार."

खोजी दल के सदस्य अरनॉड क्रिस्टमैन

मुंबई से न्यूयॉर्क जा रहा एयर इंडिया का विमान 1966 में आल्पस की पहाड़ियों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. इसमें सवार सभी 117 लोगों की मौत हो गई थी.

एक ग्लेशियर में दबे हुए मिले इस बैग पर लिखा है, ‘डिप्लोमैटिक मेल‘ और क्लिक करें ‘विदेश मंत्रालय’. खोजी दल को बैग के अलावा केबिन के टुकड़े, जूते, तार और कुछ मलबा भी मिला है.

खोजी दल के सदस्य अरनॉड क्रिस्टमैन के मुताबिक बैग कुछ इस तरह ग्लेशियर में दफ़न था मानो उसे किसी ने वहां सुरक्षित रखा हो.

वो कहते हैं, ''हम तो गड़े हुए खज़ाने और हीरे जवाहरात की उम्मीद करते हैं, लेकिन उसकी जगह हमें मिली गीली और बेहद पुरानी पड़ चुकी डाक और भारतीय अखबार.''

क्रिस्टमैन का कहना है कि ये पहली बार ही होगा जब कूटनीतिक डाक अपनी मंज़िल पर 46 साल बाद पहुंचेगी.

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