इराक के उप राष्ट्रपति हाशेमी को फांसी की सजा

 रविवार, 9 सितंबर, 2012 को 20:31 IST तक के समाचार
अल हाशेमी

इस मामले ने देश की शिया, सुन्नियों और कुर्दों की गठबंधन सरकार के लिए एक राजनीतिक संकट पैदा कर दिया है.

इराक की एक अदालत ने देश के भगौड़े उप राष्ट्रपति तारिक अल हाशेमी को फांसी की सजा सुनाई है.

अदालत ने उन्हें लोगों की हत्या करने वाला एक ऐसा दस्ता चलाने का दोषी पाया जो शिया मुसलमानों और सुरक्षा बलों को निशाना बनाता था.

सुन्नी संप्रदाय से संबंध रखने वाले अल हाशेमी इसी साल की शुरुआत में देश छोड़ कर चले गए थे और अभी तुर्की में निर्वासन में रह रहे हैं.

इस मामले में देश की शिया, सुन्नियों और कुर्दों की गठबंधन सरकार में एक राजनीतिक संकट पैदा कर दिया है.

इराक की शिया सरकार में हाशेमी सुन्नी संप्रदाय के सबसे वरिष्ठ नेता थे. पिछले साल दिसंबर में उन पर आरोप लगाए गए थे.

इराक सरकार ने 19 दिसंबर 2011 को उनकी गिरफ्तारी के वारंट जारी किए थे. उससे एक दिन पहले ही अमरीकी सेना देश छोड़ कर गई थी.

60 की मौत

हाशेमी पहले देश के उत्तरी भाग कुर्द चले गए और फिर कतर जहां से वे तुर्की चले गए.

इस बीच इराक में रविवार को दूसरे दिन भी सामुयादिक हिंसा का दौर जारी है जिसमें कल से अब तक 60 लोग मारे जा चुके हैं और 200 से ज्यादा घायल हुए हैं.

दक्षिणी शहर अमारा में हुए दो कार बम धमाकों के अलावा गोलीबारी और हिंसा की कई घटनाओं में कम से कम 14 लोग मारे गए.

वहीं बगदाद के उत्तर में दुजैल शहर में एक सैन्य ठिकाने पर हुए हमले में कम से कम दस सैनिक मारे गए हैं.

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