लीबियाई गुट का राजदूत की मौत में हाथ होने से इंकार

 बुधवार, 19 सितंबर, 2012 को 08:37 IST तक के समाचार

इस्लाम धर्म के पैग़बर मोहम्मद पर बनी फ़िल्म का विरोध लंदन में अमरीकी दूतावास के बाहर

लीबिया के अंसार अल शरिया गुट ने बेनगाज़ी में अमरीकी राजदूत क्रिस्टोफ़र स्टीवन्स की मौत में अपना हाथ होने से साफ़ इंकार किया है.

दुनिया भर में प्रदर्शन

  • फ़िलीपीन्स के दक्षिणी शहर मरावी में तीन हज़ार लोगों ने प्रदर्शन किया. अमरीका और इसराइल के झंडे जलाए.
  • यमन की राजधानी सना में सैकड़ों छात्रों ने प्रदर्शन कर अमरीकी राजदूत को वापिस भेजने की मांग की.
  • इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़े, पत्थरबाज़ी की और पेट्रोल बम्ब फेंके. पुलिस ने जवाब में आंसू गैस के गोले छोड़े.
  • फ़लस्तीन के वेस्ट बैंक के शहर रमल्लाह में लोगों ने शांतिपूर्वक धरना दिया.
  • अफ़गानिस्तान की राजधानी काबुल में लोगों विरोध में गोलियां चलाईं, पुलिस की गाड़ियों को आग लगाई और अमरीका विरोधी नारेबाज़ी की
  • अज़रबाइज़ान की राजधानी बाकु में पुलिस ने अमरीकी दूतावास के बाहर से कम से कम 15 लोगों की गिरफ़्तार किया

बीते बुधवार को पैग़ंबर मोहम्मद पर अमरीका में बनी एक विवादास्पद फ़िल्म पर हिंसक प्रदर्शनों के दौरान लीबिया में मारे गए अमरीकी राजदूत की मौत के पीछे कुछ लोग इस संगठन का हाथ मान रहे थे.

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बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में इस गुट ने बेनगाज़ी की घटना में शामिल होने से तो इंकार किया लेकिन ये भी कहा कि मुसलमानों को ईशनिंदा और लीबिया के लिए पश्चिमी लोकतांत्रिक समाधान का विरोध करने का अधिकार है.

बेनगाज़ी में अपने ठिकाने पर अंसार अल शरिया के प्रवक्ता ने कहा कि लीबिया के लिए संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है.

इस बीच इस्लाम धर्म के पैंग़ंबर पर बनी फ़िल्म को लेकर मुस्लिम जगत में विरोध प्रदर्शन जारी हैं.

अफ़गानिस्तान और पाकिस्तान में कई हिंसक प्रदर्शन हुए हैं.

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काबुल में प्रदर्शनकारियों ने गोलियां चलाईं और पुलिस के कुछ वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया.

लेबनान के शिया गुट हिज़बुल्ला के नेता शेख़ हसन नसरल्ला ने कहा है कि अगर अमरीका ने पूरी फ़िल्म को रिलीज़ होने दिया तो उसके परिणाम 'बहुत ख़तरनाक' होंगे.

राजधानी बैरूत के दक्षिण में स्थित अपने गढ़ में नसरल्ला ने कहा कि दुनिया इस्लाम पर अबतक के सबसे ख़राब हमले से हुए अपमान की गहराई को नहीं समझ रही हैं.

दुनिया भर में प्रदर्शन

फ़िलीपीन्स के दक्षिणी शहर मरावी में तीन हज़ार लोगों ने प्रदर्शन किया है. प्रदर्शनकारियों ने अमरीका और इसराइल के झंडे भी जलाए.

यमन की राजधानी सना में सैकड़ों छात्रों ने प्रदर्शन कर अमरीकी राजदूत को वापिस भेजने की मांग की.

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इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़े, पत्थरबाज़ी की और पेट्रोल बम्ब फेंके. पुलिस ने जवाब में आंसू गैस के गोले छोड़े.

फ़लस्तीन के वेस्ट बैंक के शहर रमल्लाह में लोगों ने शांतिपूर्वक धरना दिया.

अफ़गानिस्तान की राजधानी काबुल में लोगों विरोध में गोलियां चलाईं, पुलिस की गाड़ियों को आग लगाई और अमरीका विरोधी नारेबाज़ी की.

अज़रबाइज़ान की राजधानी बाकु में पुलिस ने अमरीकी दूतावास के बाहर से कम से कम 15 लोगों की गिरफ़्तार किया.

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