ब्राज़ील की पहली पोर्न फिल्म की 30वीं सालगिरह!

Image caption ब्राज़ील की पॉर्न फिल्म इंडस्ट्री ने खुद में जान फूंकने के लिए सेक्स को एक क्रूर रूप भी दिया

ये उन दिनों की बात है जब औरतों का वज़न ज़्यादा होना अच्छा माना जाता था और आदमियों की तोंद पोर्न फिल्म के लिए कोई मूड ऑफ़ करने वाली बात नहीं थी.

ब्राज़ील की पहली पोर्न फिल्म में कुछ ऐसे ही पोर्न स्टार्स थे और आज उन्हें याद किया जा रहा है क्योंकि ये उस फिल्म की 30वीं सालगिरह है.

इस फिल्म का नाम था ‘थिंग्स इरॉटिक’ और इसके निर्माता थे राफेले रॉसी.

उन दिनों इस फिल्म समेत ब्राज़ील की पोर्न इंडस्ट्री ने ब्राज़ील ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में धूम मचा दी थी.

लेकिन इन दिनों ब्राज़ील के पोर्न उद्योग को बुरे दिन देखने पड़ रहे हैं.

साल 1982 में बनी इस फ़िल्म का ज़िक्र अब केवल दो किताबों, एक डॉक्यूमेंट्री और मीडिया में चंद ही अख़बारों ने किया.

बदलती परिस्थिति

Image caption एक समय था जब महिलाओं के शरीर में मौजूद वज़न को अच्छी नज़रों से देखा जाता था

एक समय में जो फ़िल्म 45 लाख लोगों को थिएटर तक खींच लाई थी, आज उसी फ़िल्म का ज़िक्र करने से लोग कतरा रहे हैं.

इस फ़िल्म पर किताब लिखने वाले लेखक ह्यूगो मौरा कहते हैं, “उन दिनों बनाई गई हमारी पहली पोर्नोग्राफी फिल्म एक तरह से थोड़ी मासूम ही थी.”

कुछ लोगों को लगता है कि पोर्न फ़िल्मों में आया बदलाव इस बात का संकेत है कि वहां सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक बदलाव आया है.

लेकिन उस समय की पोर्न टेप्स और आज की पोर्न फिल्मों में अंतर क्या है?

दरअसल ‘ थिंग्स इरॉटिक’ नाम की वो फिल्म एक उत्तेजक फिल्म तो थी लेकिन वो हास्य फिल्म की तरह भी लगती थी.

हाँ, एक चीज़ जिसमें बदलाव नहीं आया है वो ये कि उस समय भी ब्राज़ील की औरतों को उपभोग की वस्तु के तौर पर देखा जाता था और आज भी औरतों की जगह पोर्न इंडस्ट्री में ऐसी ही है.

पोर्न की 'घुसपैठ'

दूसरी बात ये कि ब्राज़ील की सैन्य सरकार ने ऐसी फिल्मों पर सेंसर की कैंची चलवा दी थी.

एक समय में राष्ट्रपति ज़ोया बैप्टिस्टा फ़िगुरी फ़िगुरेडो ने तो इन फिल्मों का बहिष्कार तक किया था और कहा था कि ‘पोर्नोग्राफी और अश्लीलता हर जगह घुसपैठ कर रही है.’

लेकिन ह्यूगो मौरा का कहना है कि उस समय में बनाई गई फिल्में खूबसूरती से जुड़ी धारणाओं को भी प्रदर्शित करती थीं.

उस समय महिलाओं और पुरुषों के शरीर में मौजूद वज़न को अच्छी नज़रों से देखा जाता था, लेकिन आज की पोर्न फिल्मों में छरहरे, लचीले बदन की नुमाइश की जाती है.

साथ ही ब्राज़ील की पोर्न फिल्म इंडस्ट्री ने खुद में जान फूंकने के लिए सेक्स को एक क्रूर रूप दिया.

'ब्राज़ीलियन एसोसिएशन ऑफ इरॉटिक बिज़नेस' के एवलाडो शिरोमा कहते हैं कि 2001 और 2002 के बीच ब्राज़ील की पोर्न इंडस्ट्री में उछाल आया और तब यूरोपीय सेक्स इंडस्ट्री से मुकाबला शुरू हो गया था.

उस समय जहां इंडस्ट्री की सालाना कमाई 50 लाख डॉलर तक थी, वो आज नीचे गिर कर केवल 5 लाख डॉलर की रह गई है.

शिरोमा का कहना है कि पाइरेसी और इंटरनेट के आ जाने से कई इस उद्योग से जुड़ी कई कंपनियों को अपनी दुकान बंद करनी पड़ी.

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