ओबामा ने की इस्लाम विरोधी फिल्म की निंदा

  • 26 सितंबर 2012
Image caption इस्लाम विरोधी फिल्म की बराक ओबामा ने संयुक्त राष्ट्र में भी निंदा की

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने संयुक्त राष्ट्र महा सभा को संबोधित करते हुए विश्व में चरमपंथ और असहनशीलता की निंदा की है.

उन्होंने अमरीका में बनी इस्लाम विरोधी फ़िल्म की निंदा की और साथ ही कहा कि हिंसक प्रदर्शनों को सही नहीं ठहराया जा सकता.

बराक ओबामा ने कहा,“कोई शब्द ऐसा नहीं है जिसके कारण किसी बेगुनाह की हत्या को सही ठहराया जा सके. कोई विडियो भी किसी दूतावास पर हमले को सही नहीं ठहरा सकता. कोई अपमान लेबनान में एक रेस्तरां को जलाने या ट्यूनिस में स्कूल तबाह करने या फिर पाकिस्तान में मौत और तबाही को सही नहीं ठहरा सकता है.”

ओबामा का कहना था कि विश्व भर के नेताओं की ज़िम्मेदारी है कि वह भरपूर तरीके से चरमपंथ और असहनशीलता की निंदा करें.

उनका कहना था कि वह अमरीका में इस्लाम विरोधी फ़िल्म पर प्रतिबंध नहीं लगाएंगे क्योंकि यह अमरीकी मूल्यों के विपरीत होगा.

उन्होंने कहा कि भले ही वह फ़िल्म अपमानजनक हो लेकिन किसी के भी विचारों की अभिव्यक्ति के हक को नहीं छीना जा सकता है.

उन्होंने लीबिया में अमरीकी दूत की हत्या करने वालों को सज़ा दिलाने के बारे में भी अपनी वचनबद्वता जताई.

अमरीकी राष्ट्रपति ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बोलते हुए फिर कहा कि अमरीका ईरान को परमाणु हथियार बनाने की इजाज़त नहीं दे सकता.

बराक ओबामा ने कहा, “अमरीका ईरान के परमाणु कार्यक्रम के मुददे को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाना चाहता है. और अभी भी समय है कि इसे शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया जाए. लेकिन यह समय असीमित नहीं है.”

“लेकिन हम ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए हर वह कदम उठाएंगे जो उठाया जाना चाहिए.”

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र महा सचिव बान की मून ने महा सभा को संबोधित करते हुए सीरिया में जारी लड़ाई को क्षेत्रीय त्रासदी बताया और कहा कि उससे पूरे विश्व को खतरा हो सकता है.

अपील

उन्होंने सुरक्षा परिषद से अपील की कि वह इस मामले में एक जुट होकर संयुक्त राष्ट्र और अरब लीग के विशेष दूत लखदर ब्राहिमी की कोशिशों का समर्थन करें.

इस सम्मेलन में करीब 120 देशों के नेता भाग ले रहे हैं.

बुद्ववार को मिस्र के राष्ट्रपति मोरसी और इरान के राष्ट्रपति अहमदीनेजाद भी इस सम्मेलन को संबोधित करेंगे.

इसके अलावा पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी और भारतीय विदेश मंत्री एस एम कृषणा भी महा सभा के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करेंगे.

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