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शनिवार, 25 मार्च, 2006 को 08:34 GMT तक के समाचार

ममता गुप्ता और महबूब ख़ान
लंदन

काँच जैसी नाज़ुक चीज़ कैसे बनती है?

काँच या शीशा कैसे बनाया जाता है, जानना चाहते हैं कटिहार बिहार से हरेन्द्र साहा.

काँच बनता है रेत से. रेत और कुछ अन्य सामग्री को एक भट्टी में 1500 डिग्री सैल्सियस पर पिघलाया जाता है और फिर इस पिघले काँच को उन खाँचों में बूंद-बूंद करके उंडेला जाता है जिससे मनचाही चीज़ बनाई जा सके. मान लीजिए, बोतल बनाई जा रही है तो खाँचे में पिघला काँच डालने के बाद बोतल की सतह पर और काम किया जाता है और उसे फिर एक भट्टी से गुज़ारा जाता है.

काँच का आविष्कार मिस्र या मैसोपोटामिया में लगभग ढाई हज़ार साल ईसा पूर्व हुआ था. शुरु में इसका इस्तेमाल साज-सज्जा के लिए किया गया. फिर ईसा से लगभग डेढ़ हज़ार साल पहले काँच के बरतन बनने लगे. पहली शताब्दी आते-आते फ़लस्तीन और सीरिया में, एक खोखली छड़ में फूंक मारकर पिघले काँच को मनचाहे रूप में ढालने की कला विकसित हुई और ग्यारहवीं शताब्दी में वैनिस शहर काँच की चीज़ें बनाने का केन्द्र बन गया. अब तो सारा काम मशीनों से होता है.

भारत का पहला बजट

रामपुरवा, पश्चिमी चम्पारण बिहार से इदरीस अहमद जानना चाहते हैं कि स्वतंत्र भारत का पहला बजट किसने पेश किया था.

आर के शंमुखम शैट्टी ने. वो पंडित जवाहरलाल नेहरू के मंत्रिमंडल में वित्तमंत्री थे और उन्होंने 26 नवम्बर 1947 को पहला बजट पेश किया. दरअसल ये देश की अर्थव्यवस्था की समीक्षा थी और कोई नए कर प्रस्तावित नहीं किए गए थे क्योंकि वर्ष 1948-49 के बजट में केवल 95 दिन बचे थे.

पीला कार्ड

ग्राम असबी, कानपुर देहात से कैप्टन उमेश मिश्र पूछते हैं कि हॉकी में यैलो कार्ड कब और क्यों दिया जाता है?

हॉकी में कार्ड तब दिए जाते हैं जब कोई खिलाड़ी ख़तरनाक ढंग से खेले, बदसलूक़ी करे या जानबूझकर किसी खिलाड़ी को चोट पहुँचाए. हॉकी में तीन तरह के कार्ड दिए जाते हैं. छोटे मोटे फ़ाउल जैसे किसी खिलाड़ी को धक्का दे देना या गेंद की राह में बाधा पहुँचाना इसके लिए अम्पायर ग्रीन कार्ड देता है, जो एक तरह की चेतावनी होती है.

तीन ग्रीन कार्ड के बाद यैलो यानी पीला कार्ड दिया जाता है. इसमें अम्पायर खिलाड़ी को पाँच या दस मिनट के लिए खेल से निलम्बित कर सकता है. अगर किसी खिलाड़ी को तीन यैलो कार्ड दिखा दिए जाएँ तो फिर उसे रैड कार्ड दिया जाता है जिसके परिणामस्वरूप उस खिलाड़ी को मैच से या फिर सिरीज़ से भी बाहर किया जा सकता है.

युवा प्रधानमंत्री

विश्व के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री का नाम बताएँ. पूछते हैं छपरा बिहार से राज कमल उर्फ़ पप्पन.

विश्व के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री हैं डॉ मारिओ फ़्रिक, जिन्होंने 15 दिसम्बर 1993 में 28 वर्ष की उम्र में लिख़टैनश्टाइन के प्रधानमंत्री का पद सँभाला.

ब्रिटेन का राष्ट्रीय फूल क्या है? जानना चाहते हैं, ग्राम सोनेहारा, गढ़वा झारखंड से कुतुबुद्दीन ख़ान.

यूनाइटेड किंगडम ऑफ़ ग्रेट ब्रिटन के हर हिस्से का अपना अलग राष्ट्रीय फूल है. जैसे इंग्लैंड का राष्ट्रीय फूल है लाल गुलाब, स्कॉटलैंड का नीले रंग का ब्लूबैल, वेल्स का पीले रंग का डैफ़ोडिल और उत्तरी आयरलैंड का तीन पंखुड़ी वाला हरा शैमरॉक.

देवनागरी लिपि

क, ख, ग अर्थात देवनागरी लिपि के जन्मदाता कौन थे. गोपालगंज बिहार से सुनील कुमार सिंह.

देवनागरी लिपि का जन्मदाता कोई एक व्यक्ति नहीं था. इसका विकास भारत की प्राचीन लिपि ब्राहमी से हुआ. ब्राहमी की दो शाखाएँ थीं, उत्तरी और दक्षिणी. देवनागरी का विकास उत्तरी शाखा वाली लिपियों से हुआ माना जाता है. ब्राहमी की उत्तरी शाखा से गुप्तवंशीय राजाओं के काल में, यानी चौथी पाँचवी शताब्दी में, जिस गुप्तलिपि का विकास हुआ, उसके अक्षरों का लेखन एक विशेष टेढ़े या कुटिल ढंग से किया जाता था, जिससे आगे चलकर कुटिल लिपि का जन्म हुआ.

विद्वानों और भाषा वैज्ञानिकों के मत में नवीं शताब्दी के अन्तिम चरण में इसी कुटिल लिपि से देवनागरी का विकास हुआ. जहाँ तक देवनागरी नाम का सवाल है उसे लेकर विद्वानों में मतभेद हैं. कुछ इसे नागर अपभ्रंश से जोड़ते हैं और कुछ इसके प्राचीन दक्षिणी नाम नंदिनागरी से. यह भी संभव है कि नागर जन द्वारा प्रयुक्त होने के कारण इसका नाम नागरी पड़ा और देवभाषा यानी संस्कृत के लिए अपनाई जाने के कारण इसे देवनागरी कहा जाने लगा. लेकिन इस बारे में कोई निश्चित प्रमाण नहीं है.