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शनिवार, 17 जून, 2006 को 10:48 GMT तक के समाचार

ममता गुप्ता और महबूब ख़ान
लंदन

फ़ीचर फ़िल्म और डॉक्यूमेंट्री में अंतर?

ग्राम हटनी मधुबनी बिहार से अविनाश कुमार लिखते हैं कि फ़ीचर फ़िल्म और डॉक्यूमैंट्री में क्या अंतर होता है?

फ़ीचर फ़िल्म में एक कथा सूत्र होता है जबकि डॉक्यूमेंट्री सच्चाई पर आधारित होती है. फ़ीचर फ़िल्म में अभिनेताओँ का प्रयोग किया जाता है जबकि डॉक्यूमैंट्री में असली लोग ही दिखाए जाते हैं. उसमें कोई किसी पात्र का अभिनय नहीं करता. तीसरी बात ये कि डॉक्यूमेंट्री में वास्तविकता दिखाई जाती है, जबकि फ़ीचर फ़िल्म में वास्तविकता को अभिनेताओं, कैमरा और अन्य तकनीक के माध्यम से रचा जाता है.

टेलीविज़न के रिमोट में कौन सी किरणें निकलती है. मुरौल मुज़फ़्फ़रपुर बिहार से ब्रजेश कुमार.

टेलीविज़न का रिमोट कंट्रोल इन्फ़्रारैड किरणों के ज़रिए काम करता है. रिमोट कंट्रोल से निकलने वाली ये किरणें हमें दिखाई नहीं देतीं लेकिन हमारा टेलिविज़न उन्हें पकड़ लेता है. यानी टीवी खोलने, चैनल बदलने, आवाज़ घटाने-बढ़ाने, तस्वीर के रंग ठीक करने के लिए उठने की ज़रूरत नहीं, ये सब काम रिमोट से हो जाता है. अब तो टीवी ही नहीं बल्कि वीडियो रेकॉर्डर, म्यूज़िक सिस्टम आदि भी इससे चलाए जाते हैं. यहाँ आपको ये भी बता दें कि पहला रिमोट कंट्रोल 1950 में ज़ैनिथ रेडियो कॉरपोरेशन ने विकसित किया था जो टेलिविज़न सैट और दर्शक के बीच पड़ी एक केबल के ज़रिए काम करता था.

भारत के पहले इंडियन सिविल सर्विस (आईसीएस) अधिकारी कौन थे - सुरेन्द्रनाथ बैनर्जी या सत्येन्द्रनाथ टैगोर. ये कब कब बने. जानना चाहते हैं पिरौंटा, औरंगाबाद, बिहार से परशुराम कुमार.

भारत के पहले आई सी ऐस थे सत्येंद्रनाथ टैगोर, जो कविवर रबींद्रनाथ टैगोर के बड़े भाई थे. वो 1862 में अपनी पत्नी के साथ लंदन गए और 1864 में आई सी ऐस बनकर स्वदेश लौटे. सत्येंद्रनाथ ने 1865 में अहमदाबाद के सहायक मैजिस्ट्रेट और कलैक्टर के पद पर काम शुरु किया. जहाँ तक सुरेंद्रनाथ बैनर्जी का सवाल है तो उन्होंने 1869 में आई सी ऐस की परीक्षा पास की थी. हालाँकि उनकी उम्र को लेकर कुछ विवाद उठा लेकिन आख़िरकार वो अपील जीत गए और 1871 में सिल्हट ज़िले के सहायक मैजिस्ट्रेट बने.

असम राइफ़ल्स के नीरज पांडेय पूछते हैं कि पेंटागन क्या है और किसलिए मशहूर है?

पेंटागन अमरीका के प्रतिरक्षा विभाग का मुख्यालय है. दुनिया में किसी भी कार्यालय की इमारत इतनी बड़ी नहीं, जितनी पेंटागन की है. ये अपने आप में एक शहर की तरह है. इसके परिसर में दो सौ एकड़ के बाग़ हैं, कार खड़ी करने के सोलह कारपार्क, 131 सीढ़ियां, 19 ऐस्केलेटर, 284 आराम करने के कमरे, रेस्तरां आदि और भी न जाने क्या है. इसमें कोई तेईस हज़ार कर्मचारी काम करते हैं. पेंटागन की इस इमारत का निर्माण द्वितीय विश्व युद्ध के आरंभिक सालों में शुरू हुआ और पंद्रह जनवरी 1943 में ये बनकर तैयार हो गई. इसके निर्माण में आठ करोड़ तीस लाख डॉलर की लागत आई.

मनुष्य का हृदय एक मिनट में कितनी बार धड़कता है. भागलपुर बिहार से गुलफ़राज़ आलम.

मनुष्य का दिल एक मिनट में साठ से अस्सी बार धड़कता है.