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झूठ पकड़ने वाली मशीन का तरीका?
 

 
 
पुलिस झूठ पकड़ने वाली मशीन का ज़्यादा इस्तेमाल करती है
झूठ पकड़ने वाली मशीन किस प्रकार काम करती है, इसका क्या नाम है और ये कब और किसने बनाई? जानना चाहते हैं ग्राम और पोस्ट ऑफ़िस शेर, बलिया उत्तर प्रदेश से कृष्ण कुमार वर्मा.

झूठ पकड़ने वाली मशीन को पॉलीग्राफ़ कहते हैं. इसका आविष्कार सन 1921 में कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय में चिकित्सा के एक छात्र जॉन लारसन ने किया था और 1924 से पुलिस पूछताछ में इसका प्रयोग होता आ रहा है. इसमें व्यक्ति को कुर्सी पर बैठाया जाता है और कई नलियां और तार उसके शरीर के निश्चित भागों पर लगाए जाते हैं जो शारीरिक गतिविधियों का निरीक्षण करते हैं. फिर उससे कई सवाल पूछे जाते हैं. ये माना जाता है कि जब व्यक्ति झूठ बोलता है तो उसके शरीर में कुछ परिवर्तन होते हैं. पॉलीग्राफ़ के ज़रिए व्यक्ति की सांस, रक्तचाप, नाड़ी और पसीने में आए इसी परिवर्तन को नोट किया जाता है और बाद में पॉलीग्राफ़ के आंकड़ों का विश्लेषण होता है.

काशी बाड़ी बलिया किशनगंज बिहार से सीमा बेगम रूहानी, शमा बेगम रूहानी और हसन जावेद पूछते हैं कि अबू सिंबल कहां है और क्यों मशहूर है.

अबू सिंबल मिस्र के दो प्राचीन मंदिर हैं, जिन्हें फ़ैरो रैमज़िज़ द्वितीय ने ईसा से तेरह सौ साल पहले बनवाया था. ये मंदिर चट्टानों को काटकर बनाए गए थे. बड़े मंदिर के भीतर रैमज़िज़ द्वितीय और तीन अन्य देवताओं की प्रतिमाएं हैं. लेकिन मंदिर का अग्रभाग बड़ा ही भव्य है. इसमें बैठे हुए फ़ैरो की चार प्रतिमाएं बनी हुई हैं जो बीस बीस मीटर ऊंची हैं. ये मंदिर रैमज़िज़ द्वितीय को समर्पित है. इसी के पास एक छोटा मंदिर भी है जो रैमज़िज़ द्वितीय की पत्नी नैफ़रतारी को समर्पित है. इसके मुख्यद्वार के दोनों तरफ़ तीन तीन प्रतिमाएं बनी हैं दो रैमज़िज़ की और एक नैफ़रतारी की. ये प्रतिमाएं खड़ी हैं और दस दस मीटर ऊंची हैं. अबू सिंबल के ये मंदिर आसवान बाँध से कोई 280 किलोमीटर दूर थे, लेकिन जब बाँध बनकर तैयार हुआ तो नासिर झील में पानी चढ़ने लगा, जो इन मंदिरों के लिए ख़तरनाक साबित हो सकता था. संयुक्त राष्ट्र की मदद से इन मंदिरों के एक एक हिस्से को अलग करके उसी चट्टान पर 60 मीटर ऊपर दोबारा जोड़ा गया. ये काम 1964 में शुरु होकर 1968 में पूरा हुआ.

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से सुशील कुमार बिरूली ये जानना चाहते हैं कि अख़बारों में थर्ड पेज का क्या महत्व है.

मधुर भंडारकर निर्देशित फ़िल्म पेज3
पेज थ्री को राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार मिल चुका है

सस्ते लोकप्रिय और छोटे आकार के अख़बारों में तीसरे पृष्ठ का बड़ा महत्व है. इसपर आमतौर से अर्द्ध नग्न महिलाओं की तस्वीरें छापी जाती हैं. ये अख़बार सनसनीख़ेज़ ख़बरें और ऐसी तस्वीरों छाप कर पाठक को अपनी तरफ़ खींचते हैं. यहाँ ब्रिटेन में द सन, डेली मेल, डेली मिरर इसी तरह के अख़बार हैं.

सोनवर्षाराज, सहरसा बिहार से निर्मल कुमार आर्य पूछते हैं कि पीपल्स वॉर ग्रुप की क्या मांग है, वो क्या चाहता है. राजधऊ, रीवा मध्य प्रदेश से आलोक मिश्रा और अयोध्या उत्तर प्रदेश से श्रुति मिश्रा ने सवाल किया है कि नक्सलवाद क्या है और वह आतंकवाद से कैसे भिन्न है.

पीपल्स वॉर ग्रूप एक नक्सलवादी संगठन है जो मुख्यरूप से आंध्र प्रदेश में सक्रिय है. नक्सलवादी संगठन भूमिहीन मज़दूरों और आदिवासियों के हित में एक हिंसात्मक आंदोलन चलाए हुए हैं. ये शब्द पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग ज़िले के नक्सलबाड़ी गांव से जुड़ा है. 1967 को एक आदिवासी युवक अदालत द्वारा दी गई ज़मीन को जोतने गया तो ज़मींदारों के कुछ ग़ुंडों ने उसपर हमला किया. जवाब में आदिवासियों ने ज़मींदारों पर हमला करके ज़मीनें छीननी शुरु कर दीं. इसे नक्सलबाड़ी विद्रोह के नाम से जाना जाता है. नक्सलवादियों की विचारधारा चीन के कम्युनिस्ट नेता माओ त्से तुंग से प्रभावित है जो भूमिहीन किसानों को ज़मीनदारों के दमन और शोषण से मुक्त करके एक वर्ग विहीन समाज का निर्माण करना चाहते थे. नक्सलवादियों का समर्थन करने वाले इसे एक आंदोलन मानते हैं जबकि सत्तापक्ष इसे आतंकवाद का नाम देता है.

सौरमंडल के किस ग्रह को हरा ग्रह कहा गया है और क्यों.

सूरज से सातवां ग्रह यूरेनस है और ये नीले-हरे रंग का दिखाई देता है. यूरेनस के वायुमंडल में 83 प्रतिशत हाइड्रोजन, 15 प्रतिशत हीलियम और 2 प्रतिशत मीथेन गैस है. और ये नीला-हरा इसलिए दिखाई देता है क्योंकि इसके वायुमंडल में मौजूद मीथेन गैस लाल रोशनी को जज़्ब कर लेती है. यूरेनस की खोज विलियम हर्शल ने 13 मार्च 1781 में की थी जब वो अपनी दूरबीन से आकाश का अध्ययन कर रहे थे. यहां आपको ये भी बता दें कि 1986 में अंतरिक्ष यान वॉयेजर 2 यूरेनस तक गया था.

 
 
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