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ममता गुप्ता और महबूब ख़ान
लंदन

व्हाइट हाउस में सबसे पहले कौन रहा?

व्हाइट हाउस में रहने वाले पहले अमरीकी राष्ट्रपति कौन थे. ये सवाल किया है जावेद क़मर ने.

सन 1800 से व्हाइट हाउस अमरीकी राष्ट्रपतियों का निवास रहा है. इसमें सबसे पहले राष्ट्रपति जॉन ऐडम्स आकर रहे थे. व्हाइट हाउस वॉशिंगटन डी सी के, नम्बर 1600 पैन्सिल्वेनिया ऐवैन्यू पर स्थित है. राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन ने 1792 में राष्ट्रपति निवास की इमारत बनवाने की योजना बनाई और जेम्स होबन इसके वास्तुशिल्पी चुने गए. लेकिन उन्हें इसमें रहने का अवसर नहीं मिला. इस भव्य इमारत में समय-समय पर परिवर्तन होते रहे हैं.

जयपुर से पूनमचंद बिश्नोई ने पूछा है कि टी मोबाइल, वोडाफ़ोन, ऑरेंज, ओटू, बीटी मोबाइल और वर्जिन मोबाइल इन सैल फ़ोनों में क्या अंतर है.

यही कि ये सब अलग-अलग कम्पनियां हैं जो मोबाइल फ़ोन सेवाएं मुहैया कराती हैं.

जोधपुर से बिनोद कुमार सिंह पूछते हैं कि किस महिला ने पहला नोबेल पुरस्कार जीता था.

नोबेल फ़ाउंडेशन की स्थापना के दो साल बाद यानी 1903 में मैरी स्क्लोडोस्का क्यूरी को भौतिकशास्त्र का नोबेल पुरस्कार मिला था. उल्लेखनीय है कि उन्हें 1911 में रसायनशास्त्र का नोबेल पुरस्कार भी मिला. वो एक मात्र महिला हैं जिन्हें दो बार ये पुरस्कार मिला.

जैसलमेर राजस्थान से चेतन पंवार पूछते हैं कि नया साल किसलिए मनाया जाता है.

चेतन जी हम हर नई शुरुआत का स्वागत करते हैं, क्योंकि उसका संबंध जीवन से है, आशा से है, भविष्य से है. चाहे वह किसी शिशु का जन्म हो, विवाह सूत्र में बंधने की रस्म, किसी संस्था का गठन या किसी नए व्यवसाय का आरंभ. जब नया साल आता है तो हम उम्मीद करते हैं कि वह ख़ुशियां, सफलता और समृद्धि लाएगा. शायद इसीलिए हम उसका स्वागत करते हैं.

नौगावा सादात उत्तर प्रदेश से सैय्यद मालिके अशतर लिखते हैं कि आर्थिक समाचारों में कहा जाता है कि मुम्बई शेयर बाज़ार इतने अंक पर खुला, इतने पर बंद हुआ. इसका क्या मतलब होता है. सेन्सेक्स क्या है. यही सवाल ग्राम राखी पुरैनी, कटनी मध्य प्रदेश से लीलाधर बड़गैया और पुणे से अभिषेक ने पूछा है.

सेन्सेक्स कहते हैं संवेदनशील सूचकांक को. मुम्बई शेयर बाज़ार 30 कम्पनियों की माली हैसियत का पैमाना है जिसका घटना और बढ़ना इस बात का संकेत है कि शेयर बाज़ार कैसा चल रहा है. इन 30 कम्पनियों का चयन इस आधार पर होता है कि उनके शेयरों की ख़रीद फ़रोख़्त पिछले एक साल में रोज़ाना हुई हो और सबसे अधिक हो. सन 1979 को आधार वर्ष मानकर सूचकांक 100 पर तय किया गया. सूचकांक इस बात का संकेत है कि कम्पनियां भविष्य में कितना कमाएंगीं. इसी से उनके शेयरों की क़ीमत बढ़ती घटती है. जब शेयरों के दाम बढ़ते हैं तो सूचकांक चढ़ता है. और जब शेयरों के दाम घटते हैं तो सूचकांक गिरता है. यह देश की अर्थव्यवस्था का बैरोमीटर भी है.

रुद्र प्रयाग उत्तरांचल से गजेन्द्र रौतेला यह जानना चाहते हैं कि 1906 में भारत के झंडे की शक्ल क्या थी.

जब भारत की आज़ादी का आंदोलन शुरु हुआ तो इस बात की ज़रूरत महसूस की गई कि एक राष्ट्रीय ध्वज हो जो भारतवासियों की महत्वाकांक्षाओं का प्रतीक बन सके. सबसे पहला झंडा स्वामी विवेकानन्द की शिष्या सिस्टर निवेदिता ने प्रस्तुत किया. लेकिन 1906 में पहला तिरंगा आया जिसे क्षिन्द्र प्रसाद बोस ने बंगाल के विभाजन के विरोध में आयोजित एक रैली में फहराया. इसमें नारंगी, पीली और हरे रंग की तीन पट्टियां थीं. ऊपरी पट्टी पर आठ कमल के फूल बने थे, निचली पट्टी पर बांई तरफ़ सूरज और दांई तरफ़ आधा चाँद और तारा बना था और बीच की पट्टी पर लिखा था वन्दे मातरम. इसके बाद कई झंडे तैयार किये गए लेकिन अन्त में जो तिरंगा तैयार हुआ उसे पिंगाली वैंकैय्या ने बनाया था और स्वतंत्रता से कुछ दिन पहले संविधान सभा की बैठक में स्वीकार किया गया.

लॉलीपॉप लेडी कौन हैं. पूछते हैं दुर्गापुर, अंगुल उड़ीसा से ज्योतिरंजन बिस्वाल.

ब्रिटेन में स्कूली बच्चों को सड़क पार कराने के लिए ऐसी महिलाओं और पुरुषों की व्यवस्था है जो पीले रंग का कोट पहनकर और लॉलीपॉप के आकार की एक गोल तख़्ती लेकर सड़क पर खड़े होते हैं जिसपर स्टॉप लिखा रहता है. इन्हें देखकर यातायात रुक जाता है जिससे बच्चे सुरक्षित सड़क पार कर सकें. सन 1953 में इसकी शुरुआत हुई थी. हालांकि आज के मुक़ाबले तब सड़क पर बहुत कम वाहन होते थे लेकिन बहुत से बच्चे सड़क दुर्घटना में मारे जाते थे. ब्रिटेन में कोई तीस हज़ार लोग ये काम करते हैं. स्कूल शुरू होने और छूटने के समय ये बड़ी निष्ठा से अपनी ज़िम्मेदारी निभाते हैं. सन 2001 में इन्हें बुज़ुर्गों को भी सड़क पार कराने की अनुमति मिल गई.