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शनिवार, 13 जनवरी, 2007 को 11:47 GMT तक के समाचार

ममता गुप्ता और महबूब ख़ान
लंदन

पलकों का एक साथ झपकना

आंखों की पलकें एक ही साथ क्यों झपकती हैं. हम इन्हे एक-एक करके क्यों नहीं झपका सकते. ग्राम हुसैनाबाद, बलिया उत्तर प्रदेश से संजीदा बानो.

संजीदा जी, एक-एक करके पलक झपकने का अलग अर्थ भी लगाया जा सकता है आप जानती हैं न. रही बात एकसाथ पलकें झपकने की, तो ये एक स्वचालिक क्रिया है जिसे हम रोक तो सकते हैं लेकिन कुछ ही पल के लिए. इस क्रिया से पलकें न केवल हमारी आंखों की रक्षा करती हैं बल्कि उन्हे तर भी रखती हैं. झपकने की प्रक्रिया काफ़ी जटिल होती है. पलकों की मध्यवर्ती परत में एक मांसपेशी होती है जो पलक को बंद करती है और पलक के ऊपरी हिस्से में एक और मांसपेशी होती है जो उसे खोलती है.

सबसे बड़ा फ़िल्म स्टूडियो कहां है, यह कितने क्षेत्र में फैला है और इसमें एकसाथ कितनी फ़िल्मों का निर्माण हो सकता है. ये सवाल किया है ग्राम पथराही, मधुबनी बिहार से अमीर हसन ख़ान ने.

आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद से कोई 25 किलोमीटर दूर स्थित रामोजी फ़िल्म सिटी को, दुनिया का सबसे बड़ा फ़िल्म स्टूडियो परिसर माना जाता है. यह 1666 एकड़ या 674 हैक्टेयर क्षेत्र में फैला है. यह 1996 में शुरु हुआ. इसमें कोई 50 शूटिंग फ़्लोर हैं, सौ डेढ़ सौ बाग़-बगीचे हैं, सड़कें हैं, बाज़ार हैं और बहुत से पहले से तैयार सैट हैं. यहां पन्द्रह से पच्चीस शूटिंग एकसाथ हो सकती हैं लेकिन अगर फ़िल्म की समग्र प्रक्रिया को देखें जिसमें शूटिंग, ऐडिटिंग, डबिंग, प्रोसैसिंग शामिल होती है तो एकसाथ बाईस से छब्बीस परियोजनाएं चल सकती हैं. रामोजी फ़िल्म सिटी में हिन्दी के अलावा अन्य भारतीय भाषाओं में भी फ़िल्में बनाई जाती हैं. यहां सात हॉलीवुड फ़िल्में भी बनी हैं.

यूरोस्टार क्या है. ये सवाल पूछा है ग्राम करहवाना, सुपौल बिहार से दिवाकर कुमार ने.

यूरोस्टार एक ट्रेन सेवा है जो लंदन को पेरिस और ब्रसेल्स से जोड़ती है. इसकी विशेषता यह है कि ये ट्रेन ब्रिटेन और यूरोप के बीच के सागर इंग्लिश चैनल के नीचे बनी एक सुरंग से होकर जाती है. ये रेलगाड़ियाँ 400 मीटर लम्बी हैं, इनमें 18 बोगी होती हैं जिसमें 750 यात्री सवार हो सकते हैं. लंदन से पेरिस पहुंचने में 2 घंटे 35 मिनट लगते हैं और ब्रसल्स पहुंचने में 2 घंटे 20 मिनट.

सत्यं शिवम सुंदरम वाक्यांश कहाँ से आया और किसने प्रस्तावित किया. पूछते हैं पुराना भरथना, इटावा उत्तर प्रदेश से मनोज त्रिपाठी.

उपनिषदों में ईश्वर के स्वरूप की व्याख्या सत चित्त आनन्द के रूप में की गई है. ऐसा लगता है कि उसी के साथ सत्य शिव और सुंदर को जोड़ा गया. वैष्णव सम्प्रदाय में विष्णु को सत्य शिव और सुन्दर का स्वरूप दिया गया है उसी तरह शैव सम्प्रदाय में भी शिव का यह स्वरूप माना गया है. ऐसा लगता है कि मध्य युगीन भारत में इसकी इतनी अधिक व्याख्या हुई इतना विचार हुआ कि अद्वैत, वेदान्त और विभिन्न वेदांगो और पुराणों के साथ इसे जोड़कर बहुत बड़ा रूप दे दिया गया. योग दर्शन के अनुसार सत्यम शिवम सुन्दरम, क्रम-विकास और पूर्णता का पर्याय है. मतलब हमें अपनी जीवन-यात्रा के दौरान इन तीनों को प्राप्त करने की कोशिश करनी चाहिए. यह सतत साधना के बल पर ही संभव है और तभी हम मोक्ष या निर्वाण प्राप्त कर सकते हैं.

अप्पू घर कब और किसने बनवाया. इसे बच्चे क्यों देखना पसंद करते हैं. मोतिहारी, पूर्वी चम्पारण बिहार से राजीव कुमार.

अप्पू घर भारत का पहला अम्यूज़मैंट पार्क है जो राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान में बना है. प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पहल पर इंटरनेशनल अम्यूज़मैंट लिमिटेड का गठन हुआ जिसने इस पार्क को बनवाया. इसका उदघाटन 19 नवम्बर 1984 को प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने किया. अप्पू घर 15.5 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है और इसमें 22 तरह की सवारियां हैं. बच्चे इसे इसलिए देखना पसंद करते हैं क्योंकि उन्हें इन सवारियों पर चढ़ना अच्छा लगता है इसके अलावा उनके लिए तरह तरह की खाने की चीज़ें उपलब्ध हैं और दुकानें हैं.

अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के प्रथम निदेशक कौन थे. इसकी स्थापना कब और क्यों हुई. ग्राम जमुआ भोजपुर बिहार से रिंकू कुमार.

अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की स्थापना मई 1946 को दूसरे विश्व युद्ध के बाद के पुनर्निर्माण की योजना के लिए की गई थी. यह एक अन्तर्राष्ट्रीय संस्था है जिसका काम है दुनिया की आर्थिक व्यवस्था पर नज़र रखना. यह स्वयं को 184 देशों का एक संगठन कहता है जो आर्थिक सहयोग और स्थिरता बढ़ाने, अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार को संभव बनाने, ग़रीबी घटाने और सतत आर्थिक विकास के लिए काम करता है. इसके पहले महानिदेशक थे कैमील गुट जो बैल्जियम के रहने वाले थे और उन्होंने मई 1946 से मई 1951 तक यह पद सँभाला.

हाल में जो दसवां ग्रह खोजा गया है इसे किसने खोजा. बीबीसी हिन्दी डॉट कॉम के ज़रिए ये सवाल किया है ग्राम कोट, झांसी उत्तर प्रदेश से मुकेश सिंह यादव ने.

हमारे सौर मंडल के छोर पर प्लूटो से भी बड़े आकार का एक ग्रह खोजा गया है जिसे फ़िलहाल यूबी 313 का नाम दिया गया है. सूर्य से पृथ्वी जितनी दूर है, चट्टान और बर्फ़ का यह पिंड उससे 97 गुना दूर है. इसकी खोज कैलिफ़ोर्निया इंस्टिट्यूट ऑफ़ टैक्नोलॉजी के खगोलज्ञ माइक ब्राउन, हवाई में जैमिनी ऑब्ज़र्वेटरी के चैड ट्रुइलो और कनैक्टिकट के येल विश्वविद्यालय के डेविड रबीनोविट्ज़ ने मिलकर की थी.