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बुधवार, 14 फ़रवरी, 2007 को 11:23 GMT तक के समाचार
 
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हरीरी की बरसी पर प्रदर्शन और तनाव
 
बेरूत में शहीदी चौक
प्रदर्शन में हज़ारों लोग शामिल हुए
लेबनान के पूर्व प्रधानमंत्री रफीक हरीरी की 14 फ़रवरी 2005 को एक बम धमाके में हुई मौत की दूसरी बरसी के मौक़े पर राजधानी बेरूत में हज़ारों प्रदर्शनकारी एकत्र हुए हैं जिससे वहाँ तनाव बना हुआ है.

सरकार समर्थक हज़ारों समर्थकों ने राजधानी बेरूत के शहीदी चौक पर एकत्र होकर रैली निकाली और सीरिया विरोधी नारे लगाए हैं. ये प्रदर्शनकारी रफीक हरीरी की मौत में सीरिया का हाथ बताते हैं.

इस मौक़े पर राजधानी बेरूत में व्यापक सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं. इस रैली से एक दिन पहले ही यानी मंगलवार को राजधानी बेरूत में बम धमाके हुए थे जिनमें तीन लोगों की मौत हुई थी और 18 अन्य लोग घायल हुए थे.

ये बम धमाके बेरूत के उत्तरी इलाक़े में ईसाई बहुल नगर बिकफाया के पास दो बसों में हुए थे.

प्रधानमंत्री फ़ुआद सिनियोरा के सत्तारूढ़ गठबंधन ने इन बस बम धमाकों में सारिया का हाथ होने का आरोप लगाया था.

गठबंधन के समर्थकों का कहना है कि इन बम धमाकों का मक़सद लोगों में डर पैदा करना था ताकि वे बुधवार को आयोजित रैली में भाग नहीं ले सकें लेकिन आयोजकों ने रैली हर हालत में निकालने का इरादा ज़ाहिर किया था.

रैली में भाग लेने वाली एक महिला ने बीबीसी से कहा, "हम इस रैली में भाग लेने के लिए इसलिए आए हैं क्योंकि हम अपने शहीद प्रधानमंत्री को याद करते हैं, उन्हें प्रेम करते हैं और उनके दिखाए रास्ते पर चलना चाहते हैं. हम तहज़ीब और शिक्षा चाहते हैं, न कि सड़कों पर हथियार और टायर वग़ैरा से रास्ता रोका जाना."

महिला का कहना था, "हम शिक्षा हासिल करना चाहते हैं और नई चीज़ें सीखना चाहते हैं ताकि अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकें और हर किसी की तरह हम भी सामान्य जीवन व्यतीत करना चाहते हैं."

लेबनान के राष्ट्रपति एमाइल लाहौद ने भी बम धमाकों की निंदा की है और कहा है कि इस तरह की घटनाओं से किसी समझौते पर पहुँचना मुश्किल हो जाता है. राष्ट्रपति लाहौद को सीरिया का समर्थक माना जाता है.

उनका कहना था, "हर बार जब भी लेबनानी सरकार किसी समझौते के निकट होती है तो लेबनान के दुश्मन एक और अपराध कर देते हैं."

राजधानी बेरूत में बीबीसी संवाददाता जिम मुइर का कहना है कि मंगलवार को हुए बम धमाकों के बाद से स्थिति बहुत तनावपूर्ण है लेकिन रैली में किसी तरह की हिंसा ना भड़क सके इसके लिए शहीदी चौक और आसपास की सड़कों पर हज़ारों सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं.

 
 
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