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शनिवार, 10 फ़रवरी, 2007 को 11:41 GMT तक के समाचार

ममता गुप्ता और महबूब ख़ान
लंदन

वाल्मीकि रामायण, तुलसी रामायण!

ग्राम बघाड़ी, सीतामढ़ी बिहार से सौदागर बैठा पूछते हैं कि तुलसी रामायण और वाल्मीकि रामायण में क्या अंतर है.

तुलसी रामायण का नाम रामचरित मानस है और इसकी रचना सोलहवीं शताब्दी के अंत में गोस्वामी तुलसीदास ने अवधि बोली में की. जबकि वाल्मीकि रामायण कोई तीन हज़ार साल पहले संस्कृत में लिखी गई थी. इसके रचयिता वाल्मीकि को आदि कवि भी कहा जाता है. क्योंकि उन्होंने अपने इस अदभुत ग्रंथ में दशरथ और कौशल्या पुत्र राम जैसे एक ऐसे मर्यादा पुरुषोत्तम की जीवन गाथा लिखी जो उसके बाद के कवियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी. उसके बाद अलग-अलग काल में और विभिन्न भाषाओं में रामायण की रचना हुई. लेकिन प्रत्येक रामायण का केंद्र बिंदु वाल्मीकि रामायण ही रही है. बारहवीं सदी में तमिल भाषा में कम्पण रामायण, तेरहवीं सदी में थाई भाषा में लिखी रामकीयन और कम्बोडियाई रामायण, पंद्रहवीं और सोलहवीं सदी में उड़िया रामायण और कृतिबास की बँगला रामायण प्रसिद्ध हैं लेकिन इन सबमें तुलसी दास की रामचरित मानस सबसे प्रसिद्ध रामायण है.

चौथा स्तंभ

मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है. तीन अन्य स्तंभ कौन-कौन से हैं. ये सवाल पूछा है ग्राम गिधौर, चतरा झारखंड से महेन्द्र प्रसाद दांगी ने.

लोकतंत्र के तीन स्तंभ माने गए हैं कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका. साधारण शब्दों में कार्यपालिका हुई सरकार, विधायिका हुई संसद और न्यायपालिका देश की अदालतें.

लैटिन भाषा

सिविल लाइन्स लुधियाना पंजाब से चिराग पूछते हैं कि टैलिन भाषा कहां से आई.

लैटिन प्राचीन भारोपीय भाषा है जो रोम के आस पास के क्षेत्र में बोली जाती थी. ईसा से कोई आठ सौ, नौ सौ साल पहले यह भाषा उत्तर के आप्रवासियों के साथ टाइबर नदी के इलाक़े में आई. इसपर कैल्टिक बोलियों, उत्तरी इटली और यूनानी भाषाओं का प्रभाव पड़ा. फिर रोमन साम्राज्य के विस्तार के साथ-साथ यह पूरे यूरोप में प्रयोग होने लगी. अठ्ठारहवीं शताब्दी में इसका स्थान फ़्रांसीसी ने और उन्नीसवीं शताब्दी में अंग्रेज़ी ने ले लिया. हालांकि अब लैटिन एक मृत भाषा है लेकिन इसका कई भाषाओं पर भारी प्रभाव रहा है.

रानीखेत बीमारी

ग्राम पिल्खोली, रानीखेत उत्तरांचल से विपिन चंद्र पंत यह जानना चाहते हैं कि रानीखेत बीमारी क्या है और इसका नाम रानीखेत कैसे पड़ा.

यह पक्षियों में होने वाली बीमारी है जो पैरामाइक्सो वायरस से फैलती है. सबसे पहले यह बीमारी इंडोनेशिया के जावा द्वीप में 1926 में शुरु हुई. जल्दी ही यह इंगलैंड के न्यू कासिल अपॉन टाइन शहर, रानीखेत और कोलम्बो में भी फैल गई. इसीलिए इसे इंगलैंड में न्यूकासल बीमारी के रूप में और भारत में रानीखेत बीमारी के रूप में भी जाना जाता है. विभिन्न देशों के बीच मांस के आयात निर्यात के कारण इसे दुनिया भर में फैलने का मौक़ा मिल गया. हालांकि इस बीमारी से बचने के लिए टीका उपलब्ध है लेकिन इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है.

35 डिग्री नीचे

अनवर आलम पूछते हैं कि साइबेरिया के लोग शून्य से 35 डिग्री नीचे के तापमान में कैसे जीते हैं.

साइबेरिया रूस का एक विशाल क्षेत्र है जो पूर्व में प्रशांत महासागर से लेकर पश्चिम में उराल पर्वतमालाओं तक, उत्तर में आर्कटिक महासागर से लेकर दक्षिण में कज़ाख़स्तान, मंगोलिया और चीन तक फैला है. इसका कुल क्षेत्रफल एक करोड़, सात हज़ार चार सौ वर्ग किलोमीटर है. साइबेरिया में सोना, हीरा, कच्चा मैंगनीज़, लैड, ज़िंक, निकल, कोबाल्ट जैसी खनिज संपदा बहुत है. तेल के भी भारी भंडार हैं लेकिन यहां की आबोहवा बहुत प्रतिकूल है. सर्दियां लम्बी और कड़ाकेदार होती हैं. साल के छ महीने पूरा क्षेत्र बर्फ़ से ढका रहता है और झीलें और नदियां तो लगभग पूरे साल जमी रहती हैं. तापमान शून्य से 68 डिग्री नीचे तक चला जाता है. इसी वजह से साइबेरिया की आबादी बहुत कम है और अधिकांश लोग शहरों में रहते हैं. यहां घर, कार्यालय, यातायात के साधन सभी को गर्म रखने की व्यवस्था होती है.

रूज़वेल्ट

थियोडोर रूज़वेल्ट कहाँ के राष्ट्रपति थे. रहमान गंज, किशन गंज से आशुतोष नारायण उनके बारे में जानना चाहते हैं.

थियोडोर रूज़वेल्ट अमरीका के राष्ट्रपति थे. राष्ट्रपति मैक्किन्ली की हत्या के बाद 1901 में थियोडोर रूज़वेल्ट को यह पद मिला. उस समय उनकी आयु 43 वर्ष भी नहीं थी. उनका जन्म न्यूयॉर्क शहर में 1858 में एक समृद्ध परिवार में हुआ था. वे 1898 में न्यूयॉर्क राज्य के गवर्नर चुने गए. रूस जापान युद्ध में बीच-बचाव करने के लिए उन्हें शांति का नोबेल पुरस्कार भी मिला. थियोडोर रूज़वेल्ट 1909 तक अमरीका के राष्ट्रपति रहे.

रोशनाई

रोशनाई या इंक का आविष्कार किसने कब और कहाँ किया. ये सवाल किया है मेहसौल सीतामढ़ी बिहार से अकरम हुसैन प्रिंस और बेगम इशरत अकरम ने.

कोई पाँच हज़ार साल पहले चीनियों ने पत्थरों पर उकेरे गए चित्रों और लेखों को काला करने के लिए रोशनाई का आविष्कार किया था. यह रोशनाई चीड़ के धुंए की कालिख, तेल के दिए और जानवरों की खाल या कस्तूरी से निकले जिलेटिन के मिश्रण से बनाई जाती थी. अन्य प्राचीन सभ्यताओं में भी रोशनाई विकसित हुई मुख्य रूप से पौधों और खनिजों से प्राप्त रंगों से. लेकिन जब प्रिंटिंग प्रैस शुरु हुई तो ऐसी रोशनाई की ज़रूरत पड़ी तो काग़ज़ पर न फैले. तब कालिख, तारपीन के तेल और अखरोट के तेल के मिश्रण से रोशनाई बनाई जाने लगी.

क्रिकेट

अमेठी से राजेश कुमार सिंह पूछते हैं कि भारत की क्रिकेट टीम के पहले कप्तान कौन थे – ये मैच कब खेला गया? राकेश मलिक ने मेरठ से पूछा है कि क्या ये सही है कि भारत ने विश्व कप उसी दिन जीता जब उसने पहला टेस्ट मैच खेला था?

भारतीय क्रिकेट टीम के पहले कप्तान थे कर्नल सी के नायडू. कर्नल नायडू के नेतृत्व में भारत की टीम ने इंग्लैंड के साथ मैच खेला था जो तीन दिन चला और इंग्लैंड ने इसे 158 रनों से जीत लिया था. ये मैच शुरू हुआ था 25 जून 1932 को और ठीक 51 साल बाद इसी दिन यानी 25 जून 1983 को कपिल देव के नेतृत्व में भारत ने क्रिकेट का विश्व कप जीता.

वृंदावन से रमेश सिकरवार पूछते हैं कि स्वतंत्र भारत की पहली क्रिकेट टीम के कप्तान कौन थे?

स्वतंत्र भारत की पहली टीम के कप्तान थे लाला अमरनाथ. ये शृंखला खेली गई थी 1947-48 में और ऑस्ट्रेलिया के कप्तान थे डॉन ब्रैडमैन.