BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
 
मंगलवार, 18 सितंबर, 2007 को 11:55 GMT तक के समाचार
 
मित्र को भेजें कहानी छापें
सौर कलंक क्या और कब होता है?
 

 
 
शाम का सूरज
सूरज में कभी-कभी काले धब्बे भी नज़र आते हैं
सौर कलंक क्या होता है. यह सवाल किया है तेलियर गंज इलाहबाद उत्तर प्रदेश से जे पी मिश्रा ने.

सौर कलंक सूर्य की सतह पर उभरने वाले गहरे रंग के धब्बे होते हैं. जब सूर्य के चुंबकीय क्षेत्र में हलचल मचती है और सतह पर आ जाती है तब वह सौर कलंक के रूप में दिखाई देती है. ये सौर कलंक बनते बिगड़ते रहते हैं और कुछ सप्ताह से लेकर महीनों तक बने रह सकते हैं. ये गहरे रंग के इसलिए दिखाई देते हैं क्योंकि इनका तापमान आस-पास के तापमान से कम होता है. उदाहरण के लिए किसी बड़े सौर कलंक का तापमान 3700 डिग्री सेल्सियस हो सकता है जबकि उसके आस-पास का तापमान 5500 डिग्री सेल्सियस हो सकता है. यानी ये सूर्य की तेज़ रोशनी की तुलना में ही गहरे रंग के होते हैं वरना इनमें इतनी रोशनी फिर भी होती है जितनी पूर्णमासी के चाँद की.

गांव गजोखर, वाराणसी उत्तर प्रदेश से राजेश प्रसाद ने पूछा है कि भारत का संविधान किसने लिखा और कहां लिखा गया.

भारत का संविधान, जाने माने विधिवेत्ता डॉ बी आर अंबेदकर की अध्यक्षता में संविधान सभा ने तैयार किया था. संविधान सभा में भारत के विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों के प्रतिनिधि शामिल थे. इसमें राजनेता, संविधान विशेषज्ञ और अल्पसंख्यकों के प्रतिनिधि भी थे. संविधान का प्रलेख तैयार करने का काम आठ सदस्यों की एक समिति को सौंपा गया जिसके अध्यक्ष डॉ अंबेदकर थे. इन्होंने संसद भवन के सेंट्रल हॉल में बैठकर काम किया और संविधान तैयार होने में दो साल ग्यारह महीने और 18 दिन लगे. 26 नवंबर 1949 को यह पारित हुआ और 26 जनवरी 1950 से प्रभावी हुआ. यह दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान है.

जमुई, बलिया उत्तर प्रदेश से बलवंत कुमार राम ने पूछा है कि मलेशिया की सबसे ऊंची इमारतों पैत्रोनास टावर्स का निर्माण किस साल में शुरू हुआ और इसे बनने में कितने साल लगे.

मलेशिया की राजधानी कुआलालंपूर में स्थित पैत्रोनास टावर्स जब बनकर तैयार हुईं तो दुनिया की सबसे ऊँची इमारत थी आज वे दुनिया की सबसे ऊँची जुड़वाँ इमारतें हैं. 88 मंज़िला इन इमारतों की ऊँचाई 1483 फ़िट है. इसका डिज़ाइन सीज़र पैल्ली ने बनाया था और इसका निर्माण कार्य 1995 में शुरू होकर 1998 में पूरा हुआ.

हमारी आँख की पलकें एक मिनट में कितनी बार झपकती हैं. यह सवाल किया है हुसैनाबाद, बलिया उत्तर प्रदेश से पुष्पा पाठक ने.

आँख
पलक झपकने से आँख में तरावट रहती है

आमतौर पर हमारी पलकें एक मिनट में दस से पंद्रह बार झपकती हैं लेकिन अगर हमारी आँख में कुछ गिर जाए या वो थकी हुई हों तो इससे अधिक बार भी झपक सकती हैं. पलकों का झपकना एक स्वचालित क्रिया है और ये इसलिए झपकती हैं जिससे आंखें तर रह सकें. हमारी पलकों के किनारों में तेल पैदा करने वाली 20 से 30 ग्रंथियाँ होती हैं जिनसे लगातार एक तरल पदार्थ निकलता रहता है. जब हम पलकें झपकते हैं तो यह पूरी आँख पर फैल जाता है जिससे आँखें सूखती नहीं और चिकनी बनी रहती हैं.

बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के ज़रिए एक सवाल आया है कि कैस क्या है. सवाल भेजने वाले श्रोता अपना नाम लिखना भूल गए हैं.

कैस का पूरा रूप है कंडिशनल ऐक्सैस सिस्टम. यह एक तरह का बक्सा होता है जिसके ज़रिए हमें विभिन्न टेलीविज़न चैनल देखने को मिलते हैं. फ़िलहाल भारत के अधिकांश शहरों में हमें केबल नैटवर्क के माध्यम से चैनल देखने को मिल रहे हैं. यही नहीं हमारा केबल ऑपरेटर यह भी तय करता है कि हमें कौन से चैनल देखने को मिलेंगे और कितना पैसा देना होगा. लेकिन कैस से यह लाभ होगा कि हम अपनी पसंज के चैनलों का चयन कर पाएंगे और उसी के लिए पैसे देंगे. सैट टॉप बॉक्स दो तरह के होते हैं ऐनेलॉग और डिजिटल. डिजिटल बॉक्स से पिक्चर क्वालिटी बेहतर दिखाई देती है. कैस का नियमन टेलिकॉम रेगुलेटरी ऑथॉरिटी ऑफ़ इंडिया या संक्षेप में ट्राई करता है.

ओशो कौन थे. जानना चाहते हैं इलाहबाद उत्तर प्रदेश से नरेंद्र कुमार पटेल.

ओशो भारत के एक आध्यात्मिक गुरू थे जिनका पूरा नाम था रजनीश चन्द्रमोहन जैन. इन्हें आचार्य रजनीश के नाम से भी जाना जाता था. इनका जन्म मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर ज़िले के एक छोटे से गांव गदरवाड़ा में हुआ था. कहते हैं कि इक्कीस साल की अवस्था में उन्हें अध्यात्मिक बोध हो गया था. रजनीश का दावा था कि जीवन के सबसे महत्वपूर्ण मूल्य हैं बोध, प्रेम, चिंतन और हंसी और अध्यात्मिक बोध जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है. यही बोध इस ब्रह्मांड के हर चर-अचर का सामान्य अस्तित्व है. लेकिन हम उसे इसलिए नहीं पहचान पाते क्योंकि हमारी सोच, हमारे संवेग, सामाजिक दायित्व, डर और अवरोध हमें रोकते हैं. ओशो का कहना था कि उनका दर्शन विभिन्न अध्यात्मिक स्रोतों से उपजा है जिसपर बुद्ध, कृष्ण, गुरु नानक, ईसा मसीह, सुकरात, ज़ैन गुरू, सूफ़ी संत सभी का प्रभाव है. इनके अनुयायी देश विदेश में फैले थे. 1969 में उन्होंने एक संस्था का गठन किया. 1981 में रजनीश अमरीका गए और वहाँ चिंतन केंद्र खोला लेकिन फिर अदालत के आदेश पर उन्हें अमरीका छोड़ना पड़ा और पुणे लौट आए. 1990 में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया.

सबसे बड़ा कछुआ कहाँ पाया जाता है. यह जानना चाहते हैं मेहसौल सीतामढ़ी बिहार से अकरम हुसैन और बेगम इशरत अकरम.

कछुआ

सबसे बड़े कछुए गैलेपेगॉस द्वीपसमूह के नौ द्वीपों पर पाए जाते हैं. ये द्वीप, दक्षिण अमरीकी देश ऐक्वाडोर से 600 मील पश्चिम में प्रशांत महासागर में फैले हैं और ऐक्वाडोर का हिस्सा हैं. एक वयस्क कछुआ एक दशमलव दो मीटर लंबा और 300 किलो से अधिक वज़न का होता है और उसकी औसत आयु 150 साल होती है. कछुआ रेंगने वाला जीव है जो ज़मीन पर रहता है. यह शाकाहारी होता है और घास, पात, बेलें, फल आदि खाता है. और कछुए की चाल तो सब जानते हैं कैसी होती है. दुनिया के सबसे विशाल कछुए भी 300 मीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चल पाते हैं.

गंगा कितनी लंबी है. यह सवाल लिख भेजा है बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से कृष्ण कांत ने.

गंगा की कुल लंबाई 2510 किलोमीटर है. हिमालय के गंगोत्री ग्लेशियर से निकलने वाली भागीरथी में जब देव प्रयाग में अलकनंदा नदी आकर मिलती है तो गंगा कहलाती है. फिर यह उत्तर प्रदेश, बिहार और बंगाल से होती हुई बंगाल की खाड़ी में जा समाती है.

 
 
छींक अक्सर नाक में दम कर देती हैआप छींके तो...
छींक कभी-कभी नाक में दम कर देती है लेकिन यह आती ही क्यों है...
 
 
पैदल चलना सेहत के लिए अच्छा हैकितने क़दम चले
स्वस्थ रहने के लिए रोज़ाना दस हज़ार क़दम चलना चाहिए लेकिन गिनें कैसे...
 
 
मच्छरएक मच्छर...
इंसान को बेचैन करने की ताक़त रखने वाले मच्छर की आख़िर नस्ल क्या है.
 
 
पृथ्वीपृथ्वी घूमने से...
पृथ्वी घूमने का अनुभव क्यों नहीं होता और छठी इंद्री कैसे जगाई जाती है...
 
 
युद्ध के विरोध में प्रदर्शनसीएनडी का वजूद
सीएनडी कब वजूद में आया और क्या अब इसमें कोई दम बचा है...
 
 
क्या साँप सुन सकते हैं...साँप कैसे सुनता है
साँप के कान तो नहीं होते तो फिर वे किस तरह सुनते हैं? क्या आँखों से...
 
 
बिजली का कड़कना...बिजली की कड़कड़ाहट...
बिजली कड़कने से सूर्य से भी ज़्यादा तापमान पैदा हो सकता है...
 
 
इससे जुड़ी ख़बरें
महाशक्ति के मज़लूम नागरिक
22 सितंबर, 2005 | पहला पन्ना
घड़ी का आविष्कार कब, कैसे और कहाँ?
15 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना
वाल्मीकि रामायण, तुलसी रामायण!
10 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना
महात्मा गाँधी के कितने भाई-बहन?
20 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना
कबड्डी, कबड्डी, कबड्डी!!!
16 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना
सुर्ख़ियो में
 
 
मित्र को भेजें कहानी छापें
 
  मौसम |हम कौन हैं | हमारा पता | गोपनीयता | मदद चाहिए
 
BBC Copyright Logo ^^ वापस ऊपर चलें
 
  पहला पन्ना | भारत और पड़ोस | खेल की दुनिया | मनोरंजन एक्सप्रेस | आपकी राय | कुछ और जानिए
 
  BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>