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शनिवार, 01 सितंबर, 2007 को 13:04 GMT तक के समाचार

ममता गुप्ता और महबूब ख़ान
लंदन

क्या आप छींक रोक सकते हैं...

हमें छींक क्यों आती है. यह सवाल किया है इलाहबाद उत्तर प्रदेश के विनय कुमार सिंह ने.

विनय जी छींक आमतौर पर तब आती है जब हमारी नाक के अंदर की झिल्ली, किसी बाहरी पदार्थ के घुस जाने से खुजलाती है. नाक से तुरंत हमारे मस्तिष्क को संदेश पहुंचता है और वह शरीर की मांसपेशियों को आदेश देता है कि इस पदार्थ को बाहर निकालें. जानते हैं छींक जैसी मामूली सी क्रिया में कितनी मांसपेशियां काम करती हैं....पेट, छाती, डायफ़्राम, वाकतंतु, गले के पीछे और यहां तक कि आंखों की भी. ये सब मिलकर काम करती हैं और पदार्थ बाहर निकाल दिया जाता है. कभी-कभी एक छींक से काम नहीं चलता तो कई छींके आती हैं. हां जब हमें ज़ुकाम होता है तब छींकें इसलिए आती हैं क्योंकि ज़ुकाम की वजह से हमारी नाक के भीतर की झिल्ली में सूजन आ जाती है और उससे ख़ुजलाहट होती है.

फ़ुटबॉल के किसी अंतर्राष्ट्रीय मैच में एक टीम कितने खिलाड़ियों को बदल सकती है. क्या गोलकीपर को एक से ज़्यादा बार एक ही मैच में बदल सकते हैं. जानना चाहते हैं चतरा झारखंड से डॉ हर्ष देव गुप्ता.

शुरु में फ़ुटबॉल में खिलाड़ी बदलने की अनुमति नहीं थी. सत्तर-अस्सी साल तक यही नियम रहा. फिर फ़ीफ़ा ने 1960 के दशक में नियम बदला जिसके अधीन कोई भी टीम एक खिलाड़ी को बदल सकती है लेकिन मध्यांतर के बाद. फिर यह तय किया गया कि एक खिलाड़ी को खेल के किसी मोड़ पर भी बदला जा सकता है. सन 1970 के बाद दो खिलाड़ी बदलने की अनुमति दी गई. और 1994 की विश्व कप प्रतियोगिता में एक ऐतिहासिक फ़ैसला किया गया कि कई देश बहुत गर्म हैं और खिलाड़ियों में खेलते हुए पानी की कमी हो जाती है इसलिए किसी भी अंतर्राष्ट्रीय मैच में कोई भी टीम किसी भी समय तीन खिलाड़ी बदल सकती है. लेकिन जो भी खिलाड़ी बदला जाता है वह उस मैच में दोबारा नहीं बदला जा सकता.

नैटो का पूरा रूप क्या है और यह भी बताएँ कि इसकी स्थापना कब हुई और कार्यकलाप क्या हैं. जानना चाहते हैं बिरनी, बोकारो बिहार से मनीरुद्दीन अहमद.

नेटो का पूरा रूप है नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑरगेनाइज़ेशन. इस अन्तर्राष्ट्रीय संगठन की स्थापना 1949 में सामूहिक सुरक्षा के लिए की गई थी. सत्रह मार्च 1948 को ब्रिटेन, बेल्जियम, नैदरलैंड्स, लक्ज़मबर्ग और फ़्रांस ने सैन्य गठबंधन की ब्रसेल्स संधि पर हस्ताक्षर किए. लेकिन सोवियत संघ की सैन्य शक्ति का मुक़ाबला करने के लिए इसमें अमरीका को भी शामिल करना ज़रूरी था. बातचीत शुरु हुई और 4 अप्रैल 1949 को अमरीका के अलावा कनाडा, पुर्तगाल, इटली, नौर्वे, डैनमार्क और आइसलैंड भी इसमें शामिल हो गए. इस संधि के अधीन किसी सदस्य देश या देशों पर किया गया हमला सब पर किए गए हमले के रूप में देखा जाएगा और अगर ऐसा होता है तो सब मदद करेंगे.

अमिताभ बच्चन की पहली फ़िल्म कौन सी है. यह सवाल किया है तेघरा, सालमारी, कटिहार बिहार से अनवर राजिक ने.

अमिताभ बच्चन की पहली फ़िल्म थी सात हिंदुस्तानी जो 1969 में बनी थी. इसे ख़्वाजा अहमद अब्बास ने लिखा और उन्होंने ही इसका निर्देशन किया. इसमें अलग अलग धर्मों के सात हिन्दुस्तानी गोआ को पुर्तगाली शासन से मुक्त कराने का प्रयास करते हैं. अमिताभ बच्चन ने अनवर अली अनवर नामके एक शायर की भूमिका निभाई थी.

आईसीसी चैम्पियन्स ट्रॉफ़ी कितनी बार आयोजित की गई है और कौन-कौन सी टीम कितनी बार जीती है. पूछते हैं अररिया बिहार से संतोष कुमार झा.

आईसीसी चैम्पियन्स अब तक ट्रॉफ़ी पाँच बार आयोजित हो चुकी है. इसमें टैस्ट क्रिकेट खेलने वाली टीमें हिस्सा लेती हैं. शुरुआत 1998 में बांगलादेश में हुई थी, जब ट्रोफ़ी दक्षिण अफ़्रीका ने जीती, फिर सन 2000 में कीनिया में, न्यूज़ीलैंड की टीम विजयी रही, 2002 में इसका आयोजन श्रीलंका में हुआ और श्रीलंका और भारत ने संयुक्त रूप से इसे जीता, 2004 में इंगलैंड में वैस्ट इंडीज़ की टीम विजयी रही और 2006 में भारत में हुई प्रतियोगिता में ऑस्ट्रेलिया जीता.

दुर्गापुर अंगुल उड़ीसा से ज्योतिरंजन बिस्वाल ने पूछा है कि त्रैवेनकोर सिस्टर्स कौन थीं.

ललिता, पद्मिनी और रागिनी त्रैवनकोर सिस्टर्स के नाम से जानी जाती हैं. ये सभी भारत की सुप्रसिद्ध नर्तकियां और फ़िल्म कलाकार रही हैं. इनमें से सबसे अधिक लोकप्रिय रहीं पद्मिनी जिन्होंने 250 से ज़्यादा फ़िल्मों में काम किया. तीनों बहनों ने गुरु गोपीनाथ से नृत्य का प्रशिक्षण लिया. इनके पिता तनकप्पन पिल्लई तिरुवनन्तपुरम के एक ज़मींदार थे और मां का नाम था सरस्वती अम्मा. भारत की आज़ादी से पहले त्रैवेनकोर एक जागीर थी जिसमें दक्षिणी केरल और तमिल नाडु के कन्याकुमारी ज़िले का हिस्सा शामिल था.

बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के ज़रिए दुबई से समीउल्लाह ख़ान पूछते हैं कि पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री मोहम्मद अली जिन्नाह के पिता कौन थे.

पहली बात मोहम्मद अली जिन्नाह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नहीं बल्कि पहले गवर्नर जनरल थे. उन्हें क़ायदे आज़म या बाबा ए क़ौम के नाम से जाना जाता है. उनके पिता जिन्नाह भाई पूंजा, काठियावाड़ गुजरात के एक धनी व्यापारी थे जो कराची सिंध में जा बसे थे. जिन्नाह भाई पूंजा और मीठी बाई के सात बच्चों में मोहम्मद अली जिन्नाह सबसे बड़े थे. उनका परिवार शिया इस्लाम के खोजा समुदाय से संबंध रखता था. घर में गुजराती बोली जाती थी लेकिन परिवार के सदस्य सिंधी और अंग्रेज़ी भी जानते थे.