BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
 
बुधवार, 21 मई, 2008 को 02:14 GMT तक के समाचार
 
मित्र को भेजें   कहानी छापें
मिस्र में शराब की बिक्री पर बहस
 
विदेशी सैलानी
भय है कि शराब पर रोक का ख़ामियाज़ा पर्यटन उद्योग को झेलना पड़ सकता है
मिस्र के सऊदी मालिक के काहिरा स्थित हयात होटल में शराब पर रोक लगाने से देश में बहस शुरू हो गई है.

ये स्पष्ट नहीं है कि आख़िर कारण क्या था जिससे कि होटल के मालिक शेख़ अल इब्राहिम ने शराब पर रोक लगा दी.

होटल विदेशी दूतावासों वाले इलाक़े से बस कुछ ही मिनट की दूरी पर है, जहाँ अमरीका तथा ब्रिटेन जैसे देशों के दूतावास स्थित है। होटल पाँच सितारा है और जैसा कि ऐसे होटलों में होता है – वहाँ ग्राहकों के लिए शराब की उपलब्धता एक सामान्य बात थी.

लेकिन अब ये सुविधा बंद कर दी गई है.

मिस्र की राजधानी काहिरा का ग्रैंड हयात होटल जिस जगह पर बना है वो बेशक़ीमती है. होटल से प्रख्यात नील नदी की ख़ूबसूरती को निहारा जा सकता है.

इसके अलावा व्यवहारिकता के हिसाब से भी होटल का अलग महत्व है.

विवाद

शराब पर रोक के फ़ैसले को लेकर विवाद छिड़ गया है क्योंकि भय है कि अब दूसरे होटलों को भी ऐसा करना पड़ सकता है और इसका ख़ामियाज़ा पर्यटन उद्योग को झेलना पड़ेगा.

सैलानी
इस रोक का सबसे गहरा असर मिस्र के पर्यटन उद्योग पर पड़ने का ख़तरा है

इसका सबसे गहरा असर पड़ेगा मिस्र की अर्थव्यवस्था पर जिसे पर्यटन उद्योग ने बहुत सहारा दिया हुआ है.

शराब पर रोक लगाए जाने के फ़ैसले का समर्थन करने वालों का तर्क है कि मिस्र एक मुस्लिम राष्ट्र है और ऐसे में जो भी विदेशी मिस्र आते हैं उन्हें स्थानीय मान्यताओं का आदर करना चाहिए.

लेकिन रोक का विरोध करने वालों की दलील है कि जिस तरह मुसलमान लोग हवाई जहाज़ों में ये अपेक्षा रखते हैं कि उन्हें भोजन में हलाल माँस दिया जाए, उसी तरह से पश्चिमी देशों के मेहमानों की खाने की आदतों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए.

‘मुस्लिम रिवाजो को थोपना’

मिस्र के उदारवादी इस घटना को एक सीधा उदाहरण बताते हैं कि किस तरह सउदी अरब अपने पैसे की ताक़त के बल पर अपने देश के मुस्लिम रिवाज़ों को दूसरे देशों पर थोप रहा है.

सऊदी लोग
मिस्र के उदारवादी कह रहे हैं सउदी अरब अपने मुसलिम रिवाज़ दूसरे देशों पर थोप रहा है

शराब पीने-ना पीने का मुद्दा मिस्र के समाज में बेहद संवेदनशील है.

अधिकतर मिस्रवासी मदिरापान नहीं करते, और ऐसे में सरकार यदि हयात होटल के मालिक पर शराब पर लगी रोक को हटाने का आदेश देती है तो इससे मिस्र में कट्टरपंथियों को एक मौक़ा मिल जाएगा और वो सरकार को इस्लाम विरोधी बताकर उसे मुश्किल में डालने लगेंगे.

साथ ही उसके सामने ये भी संकट है कि वो क्या करे कि जिससे पर्यटन को नुक़सान नहीं पहुँचे.

 
 
इससे जुड़ी ख़बरें
आयु बढ़ सकती है...
24 अगस्त, 2003 | पहला पन्ना
साढ़े तीन करोड़ की शराब
07 जुलाई, 2003 | पहला पन्ना
प्राचीन नुस्ख़े से बीयर
03 अगस्त, 2002 | पहला पन्ना
सुर्ख़ियो में
 
 
मित्र को भेजें   कहानी छापें
 
  मौसम |हम कौन हैं | हमारा पता | गोपनीयता | मदद चाहिए
 
BBC Copyright Logo ^^ वापस ऊपर चलें
 
  पहला पन्ना | भारत और पड़ोस | खेल की दुनिया | मनोरंजन एक्सप्रेस | आपकी राय | कुछ और जानिए
 
  BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>