लाहौर की दो मस्जिदों पर हमला, 70 मारे गए

हमलास्थल पर पुलिसकर्मी
Image caption गढ़ी शाहू के मस्जिद के पास अभी भी गोलीबारी चल रही है

पाकिस्तान के शहर लाहौर में बंदूकधारियों ने अल्पसंख्यक अहमदिया संप्रदाय की दो मस्जिदों पर हमला किया है.

हमलावरों ने मस्जिद परिसर में विस्फोट किए हैं और गोलीबारी की है.

इसमें 70 से अधिक लोग मारे गए हैं और बहुत से लोग घायल हुए हैं. हताहतों की संख्या में बढ़ोत्तरी होने की आशंका जताई जा रही है क्योंकि दोनों मस्जिदों में जुम्मे की नमाज़ की वजह से बहुत से लोग इकट्ठे थे.

ख़बरें हैं कि एक मस्जिद में गोलीबारी रुक गई है लेकिन दूसरे में हमलावरों ने कई नमाज़ियों को लोगों को बंधक बना रखा है.

अधिकारियों का कहना है कि एक हमलावर मारा गया है और दो को गिरफ़्तार किया गया है.

ग़ौरतलब है कि वर्ष 1973 में पाकिस्तान की संसद ने अहमदिया संप्रदाय को ग़ैर-मुस्लिम घोषित कर दिया था और बाद में जनरल ज़िया उल हक़ की सरकार ने उन पर अनेक प्रतिबंध लगा दिए थे.

अहमदिया संप्रदाय के लोगों पर सुन्नी कट्टरपंथी हमले करते रहे हैं.

संप्रदायिक हमले

लाहौर में बीबीसी संवाददाता अली सलमान का कहना है कि दोनों मस्जिदें अलग-अलग इलाक़े में हैं और उनके बीच 15 से 20 किलोमीटर की दूरी है.

Image caption बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं

एक मस्जिद मॉ़डल टाउन इलाक़े में है और दूसरी मस्जिद घनी आबादी वाले गढ़ी शाहू इलाक़े में है.

अधिकारियों का कहना है कि मॉडल टाउन वाली मस्जिद को तो ढाई घंटों के संघर्ष के बाद हमलावरों से मुक्त कर लिया गया है लेकिन गढ़ी शाहू की मस्जिद में अभी भी हमलावर छिपे हुए हैं.

इस मस्जिद को सुरक्षाबलों ने घेर रखा है और वहाँ रुक-रुककर गोलीबारी हो रही है.

मस्जिद के आसपास दर्जनों एम्बुलेंस खड़े हुए हैं और वो मस्जिदों से बाहर लाए जा रहे घायलों को अस्पताल पहुँचा रहे हैं.

टेलीविज़न चैनलों पर दिखाया गया है कि गढ़ी शाहू स्थित मस्जिद में एक हमलावर मस्जिद की मीनार पर चढ़ गया और उसने वहाँ से गोलीबारी की और हथगोले फेंके.

पाकिस्तान में अहमदिया संप्रदाय के प्रवक्ता का कहना है कि उनके सदस्यों को पाकिस्तान में गंभीर धार्मिक पूर्वाग्रह का सामना करना पड़ रहा है और कई बार उनके धार्मिक स्थलों पर हमले हो चुके हैं.

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में इससे पहले भी विभिन्न चरमपंथी गुटों ने सांप्रदायिक हमले किए थे.

इसके अलावा लाहौर पिछले एक साल से चरमपंथी हमले झेल रहा है.

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