तालिबान ने सरेआम किया क़त्ल

तालिबान

पाकिस्तान में अधिकारियों ने कहा है कि उत्तरी वज़ीरिस्तान में तालिबान ने एक व्यक्ति का सबके सामने क़त्ल किया है और इस घटना को 700 लोगों ने देखा.

इस व्यक्ति पर दो भाइयों की हत्या का आरोप था.नक़ाबपोश चरमपंथियों ने इस व्यक्ति की आँखों पर पट्टी बाँधी और हाथ-पैर भी बाँध दिए. इसके बाद मिरनशाह के एक फ़ुटबॉल मैदान में उसे सरेआम गोली मार दी गई.

पाकिस्तान के कबायली इलाक़ों में चरमपंथियों ने कई ऐसे लोगों की हत्या की है जिन पर आरोप था कि वे अमरीका के लिए जासूसी कर रहे थे.

लेकिन इस तरह तालिबान द्वारा सार्वजनिक तौर पर मौत के घाट उतार देने की घटनाएँ कम ही हुई हैं.

बीबीसी के इलियास खान का कहना है कि ये घटना दर्शाती है कि इलाक़े में तालिबान का कितना दबदबा है और साथ ही चरमपंथियों के बढ़ते हौसलों को भी दर्शाती है.

'तालिबानी अदालत'

संवाददाता के मुताबिक सरेआम क़त्ल की इन घटनाओं को रोकने में सुरक्षाकर्मी बेबस नज़र आते हैं.

संवाददाता का ये भी कहना है कि तालिबान ये दिखाकर लोगों का विश्वास जीतना चाहता है कि वो कितनी जल्दी न्याय दिला सकता है.

मिरनशाह में स्थानीय लोगों ने बीबीसी को बताया कि जिस व्यक्ति की हत्या की गई उसका नाम वहीद है और उसकी उम्र 25 वर्ष की थी.

लोगों ने बताया कि दो चरमपंथियों ने वहीद पर गोली चलाई और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई. ‘तालिबानी अदालत’ में उन्हें दोषी पाया गया था.

एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि मृत व्यक्ति का शव कस्बे के पास मिला था. साथ में एक पत्र था जिसमें उनका नाम था और लिखा था कि तालिबानी परिषद के आदेश पर इस व्यक्ति की हत्या की गई है क्योंकि उसने अपने दो भाइयों का क़त्ल किया है.

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक वहीद ने झगड़े के बाद मिरनशाह में अपने दो भाइयों पर गोली चलाई थी.

दिसंबर 2005 में मिरनशाह में तालिबान और स्थानीय मिलिशिया के बीच झड़पें हुई थीं. दरअसल हाक़िम खान के नेतृत्व में एक गुट ने इलाक़े में नाके स्थापित किए थे और लोगों से पैसा एंठते थे.

इन झड़पों में दोनों ओर के लोगों को चोट पहुँची लेकिन बाद में तालिबान ने हाक़िम खान और उनके 24 लोगों को मार दिया था.

उनके शव कुछ वृक्षों पर टाँग दिए गए थे.अमरीका की ओर से उत्तर वज़ीरिस्तान में अभियान चलाने का दवाब है पर पाकिस्तान ऐसा करने से बचता रहा है.

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