फ़ेसबुक मामले में मुक़दमा दर्ज

फ़ेसबुक के विरुद्ध प्रदर्शन

पाकिस्तान की पुलिस ने सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फ़ेसबुक पर इस्लाम के पैग़म्बर मोहम्मद की अपमानजनक तस्वीर प्रकाशित करने के आरोप में उसके मालिकों और एक अमरीकी महिला के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज कर लिया है.

क़ानून मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने लाहौर हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान मुक़दमा दर्ज करने की जानकारी दी.

लाहौर में फ़ेसबुक के मालिकों और पैग़म्बर इस्लाम का अपमान करने वाली महिला के ख़िलाफ़ धारा 295 सी के अधीन मुक़दमा दर्ज किया गया है.

ध्यान रहे कि एक ग़ैर सरकारी संस्था ‘इस्लामिक लॉयर्स मूवमेंट’ ने लाहौर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी जिसमें कहा गया था कि फ़ेसबुक पर पैग़म्बर मोहम्मद का अपमान किया गया इसलिए उस पर पाकिस्तान में प्रतिबंध लगया जाए.

इसके बाद अदालत ने 19 मई, 2010 को सरकार को आदेश दिया था कि फ़ेसबुक पर प्रतिबंध लगाया जाए. सरकार ने एक जून को फ़ेसबुक पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया था.

याचिकाकर्ता मोहम्मद अज़हर ने बीबीसी को बताया कि इस मुक़दमे में फ़ेसबुक के तीनों मालिक मॉर्क इलियट, डेवस्टन मॉस्कोफ और ज़ेख़रबर्ग और एक महिला एंडी के नाम शामिल हैं.

कड़ी सज़ा

पाकिस्तान में पैग़म्बर मोहम्मद का अपमान करने वाले को आजीवन कारावास या मौत की सज़ा सुनाई जाती है.

मोहम्मद अज़हर ने आगे बताया, “मैं यह इंतज़ार कर रहा हूँ कि पुलिस अभियुक्तों की गिरफ़्तारी के लिए इंटरपोल से संपर्क करे.”

डिप्टी अटॉर्नी जनरल ने अदालत को बताया कि पाकिस्तान सरकार इस मामले को संयुक्त राष्ट्र में उठाएगी.

अदालत ने सरकार को आदेश दिया है कि वेबसाइट की निगरानी के लिए तंत्र को बेहतर बनाया जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार के मामले सामने न आ सकें.

केंद्रीय दूरसंचार मंत्रालय के एक अधिकारी ने अदालत को बताया कि सरकार ने इस संदर्भ में ऐसी नीति बनाई है जिसके तहत इंटरनेट पर पैग़म्बर मोहम्मद का अपमान जैसे मामलों को नियंत्रित किया जा सकेगा.

अदालत ने इस मुक़दमे की सुनाई नौ जुलाई तक स्थागित कर दी है.

संबंधित समाचार