करगिल ने मेहनत बेकार की: नवाज़ शरीफ़

नवाज़ शरीफ़
Image caption नवाज़ शरीफ़ पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री हैं

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने कहा है कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और वे 1999 में कश्मीर सहित सभी मुद्दों के हल के लिए तैयार हो गए थे.

उन्होंने लाहौर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, “अगर करगिल में युद्ध न होता तो शायद आज दोनों देशों के बीच संबंध बेहतर होते और कश्मीर का मुद्दा भी हल हो जाता.”

नवाज़ शरीफ़ ने कहा, “हमें इस बात को समझ लेना चाहिए कि दोनों देशों को एक अच्छे पड़ोसी की तरह रहना है और दोनों के बीच जो समस्याएँ हैं उसका समाधान बातचीत से ही संभव है.”

उन्होंने आगे कहा, “जब वाजपेयी साहब बस के ज़रिए लाहौर पहुँचे और उन्होंने दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किए थे उसमें ये था कि दोनों देश उसी साल कश्मीर सहित सभी मुद्दों को हल करेंगे.”

नवाज़ शरीफ़ ने बताया, “इससे दुनिया भर में पाकिस्तान का सम्मान हो रहा था और ये बड़ी बात थी कि भारत के प्रधानमंत्री पाकिस्तान में आकर सभी मुद्दों के हल के लिए राज़ी हो गए थे.”

उन्होंने कहा, “शायद हमें इज़्ज़त रास नहीं आती और पता नहीं क्यों हम भटक जाते हैं. करगिल युद्ध ने सारे मामले और हमारी मेहनत को ख़त्म कर दिया.”

नवाज़ शरीफ़ ने जुलाई में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की बातचीत को इस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण क़रार दिया.

उन्होंने कहा,“भारत के साथ हमारे संबंध अच्छे होने चाहिए क्योंकि भारत एक ऐसा देश है जिसके साथ हम संबंध बिगाड़ नहीं सकते.”

उनके मुताबिक़ दोनों के बीच तनाव की स्थिति से न पाकिस्तान में शांति आ सकती है और न ही भारत में.

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