सरकार पर अरबों का बिजली बिल बक़ाया

बिजली के खंभे
Image caption बिजली संकट का असर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है.

पाकिस्तान की राष्ट्रीय बिजली कंपनी का देश की सरकारी संस्थाओं पर क़रीब दो अरब रुपए का बिजली बिल बक़ाया है.

बिजली विभाग के इन सरकारी बक़ाएदारों में रक्षा मंत्रालय, सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति निवास तक के नाम शामिल हैं.

यह जानकारी पाकिस्तान के बिजली मंत्री राजा परवेज़ अशरफ़ ने बुधवार को संसद में एक सवाल के जवाब में दी.

पाकिस्तान इन दिनों बिजली के भारी संकट का सामना कर रहा है. इसका वहाँ की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है और बिजली के लिए कई जगहों पर दंगे भी हो रहे हैं.

सरकार की चेतावनी

बिजली मंत्री के इस बयान से सरकार को काफ़ी शर्मिंदगी भी उठानी पड़ेगी क्योंकि सरकार ने बिजली बिल का भुगतान न करने वालों को जेल भेजने की चेतावनी दे रखी है.

सरकार ने बिजली के बिल का भुगतान न करने वाले निजी बक़ाएदारों के ख़िलाफ़ एक व्यापक अभियान शुरू किया है और ऐसे लोगों को ग़ैर इस्लामिक बताया है.

बिजली के ख़राब बुनियादी ढांचे और उत्पादन इकाइयों की कमी के कारण यह गंभीर संकट पैदा हुआ है. इन दोनों का संबंध पैसे की कमी से है.

संसद में एक सवाल के जवाब में बिजली मंत्री अशरफ़ ने बताया, ' रक्षा मंत्रालय सबसे बड़े बक़ाएदारों में से एक है, इसमें तीनों सशस्त्र बल शामिल हैं.

उन्होंने बताया कि रक्षा मंत्रालय पर क़रीब एक अरब रुपया बक़ाया है. यह जल एवं बिजली विकास प्राधिकरण का देश पर बाक़ी कुल धनराशि का क़रीब आधा है.

पाकिस्तान के राष्ट्रपति निवास पर भी क़रीब दो करोड़ रुपया बक़ाया है. वहीं सुप्रीम कोर्ट पर बक़ाए की यह राशि करीब 25 लाख रुपए है.

विज्ञापन अभियान

बिजली मंत्री के इस बयान से देश में असंतोष बढ़ेगा क्योंकि एक आम पाकिस्तानी नागरिक बिजली कटौती से परेशान है.

इससे सरकार का संकट भी बढ़ेगा क्योंकि हाल में शुरू किए गए एक टीवी विज्ञापन अभियान में बिजली के बक़ाएदारों को देशहित के ख़िलाफ़ काम करते हुए दिखाया गया है.

सरकार ने कहा था कि इन बक़ाएदारों को बिजली का अवैध कनेक्शन रखने वालों की ही तरह जुर्माना लगाया जाना चाहिए और जेल की सज़ा मिलनी चाहिए.

समय पर बक़ाए का भुगतान न करने वाली कंपनियों और लोगों की बिजली अधिकारी काट देते हैं. लेकिन इस बात की संभावना कम है कि सरकार सरकारी बक़ाएदारों के ख़िलाफ़ इस तरह की कोई दंडात्मक कार्रवाई करेगी.

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