चरमपंथियों से निबटने की तैयारी

दाता दरबार
Image caption दाता दरबार पर हुए हमले के बाद लोगों ने सड़कों पर उतर कार्रवाई की मांग की है.

लाहौर की दाता दरबार में हुए आत्मघाती हमलों के बाद पाकिस्तान की पंजाब सरकार ने लश्करे तैबा और जमात-उल-दावा समेत 17 के करीब प्रतिबंधित संगठनों के ख़िलाफ कार्रवाई करने का फ़ैसला लिया है.

सरकार ने इस के लिए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के एक विशेष दल का गठन किया है.

इस विशेष दल में शामिल अधिकारियों को 17 प्रतिबंधित संगठनों की ओर जानकारी लेने के लिए ज़िले में मौजूद ख़ुफ़िया विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने के आदेश दिए गए हैं.

पंजाब के गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी को बताया, “इस विशेष दल को आदेश दिया गया है कि प्रतिबंधित संगठनों के ख़ुफ़िया ठिकानों पर कार्रवाई की जाए और संगठन के लोगों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए.”

इस के साथ ही आतंकवाद निरोधक क़ानून के तहत प्रतिबंधित संगठनों को वित्तीय साहयता देने वालों के ख़िलाफ कार्रवाई करने के भी आदेश दिए गए हैं.

पंजाब सरकार की ओर से जिन 17 संगठनों को प्रतिबंधित घोषित किया गया है उस में तश्करे झंगवी, लश्करे तैबा, जैशे मोहम्मद, सिपाह मोहम्मद पाकिस्तान, सिपाहे साहिबा पाकिस्तान और जमात-उल-दावा सहित कई अन्य शामिल हैं.

केंद्र और राज्य में तालमेल की कमी

Image caption दाता दरबार पर हुए आत्मघाती हमले में 42 लोग मारे गए थे.

पंजाब सरकार की ओर से जिन प्रतिबंधित संगठनों की सूचि जारी की गई है उस में तहरीके तालेबान पाकिस्तान का नाम शामिल नहीं है जबकि गृह मंत्री रहमान मलिक का कहना है कि तालिबान और अल-क़ायदा देश के विभिन्न इलाक़ों विशेषकर पंजाब प्रांत में लश्करे झंगवी और सिपाह साहिबा के साथ मिल कर चरमपंथी कार्रवाईयां कर रहे हैं.

पाकिस्तान के केंद्रीय गृह मंत्रालय और पंजाब सरकार के बीच चरमपंथी गतिविधियों की सूचना के आदान-प्रदान को लेकर एक दूसरे पर आरोप लगाए जा रहे हैं.

पंजाब सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के मातहत ख़ुफिया एजेंसियां चरमपंथी कार्रवाई के बारे में कोई सूचना नहीं दे रही हैं बल्कि केवल यह कह जाता है कि प्रांत के किसी एक शहर में आतंकवाद का ख़तरा है.

दाता दरबार में हुए आत्मघाती हमले को लेकर अधिकारी का कहना है कि उन्हें केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से कोई सूचना नहीं दी गई थी बल्कि हमले से कुछ दिन केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा था कि चरमपंथी पंजाब प्रांत में इमामबारगाहों और मज़ारों को निशाना बना सकते हैं.

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