प्रतिबंधित संगठनों के ख़िलाफ़ कार्रवाई

मोहमंद में धमाका
Image caption पुलिस प्रतिबंधित संगठनों के ख़िलाफ़ कारर्वाई तो कर रही है लेकिन धमाके जारी हैं. हाल ही में मोहमंद एजेंसी में हुए धमाके में सौ से ज़्यादा लोग मारे गए थे.

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में पुलिस ने प्रतिबंधित संगठनों के ख़िलाफ़ एक बार फिर कार्रवाई शुरु कर दी है और विभिन्न शहरों में कई कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार किया गया है.

प्रतिबंधित संगठन सिपाहे सहाबा के प्रमुख अहमद लुध्यानवी ने इस कार्रवाई का विरोध किया है और इसे बेमक़सद क़रार दिया है.

प्रांतीय गृह विभाग के अधिकारी के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान 52 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

इससे पहले पंजाब पुलिस, प्रांत के विभिन्न शहरों में छापे मार कर कई लोगों को गिरफ़्तार कर चुकी है.

हज़ारों गिरफ़्तार

गिरफ़्तार किए गए प्रतिबंधित संगठनों के कार्यकर्ताओं को शांति भंग करने के आरोप में 15 दिन से तीन महीनों के लिए नज़रबंद किया गया है.

लाहौर के प्रसिद्ध दाता दरबार में हुए आत्मघाती हमले के बाद पुलिस ने प्रतिबंधित संगठनों के ख़िलाफ़ अभियान छेड़ रखा है और पिछले कुछ दिनों में इसमें तेज़ी देखी जा रही है.

Image caption लाहौर के दाता दरबार में हुए हमले के बाद सुरक्षा बलों ने चरमपंथी संगठनों के ख़िलाफ़ कार्रवाई तेज़ कर दी है. इसमें 42 लोग मारे गए थे.

गिरफ़्तार होने वालों में प्रतिबंधित संगठनों के पदाधिकारी और सक्रिय कार्यकर्ता शामिल हैं जबकि हज़ारों लोग गिरफ़्तारी से बचने के लिए छिप गए हैं.

पंजाब पुलिस ने कहा है कि यह कार्रवाई सभी प्रतिबंधित संगठनों के ख़िलाफ़ जारी है लेकिन सबसे अधिक कार्यकर्ता प्रतिबंधित संगठन सिपाहे सहाबा के गिरफ़्तार हुए हैं.

संगठन के प्रमुख अहमद लुध्यानवी के अनुसार उनकी तनज़ीम के एक सौ से अधिक कार्यकर्ताओँ और पदाधिकारियों को गिरफ़्तार किया गया है.

जानकारों का मानना है कि ताज़ा अभियान प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी और पंजाब के मुख्यमंत्री शहबाज़ शरीफ़ के बीच हुई मुलाक़ात का नतीजा है जिसमें पंजाब प्रांत में सैन्य अभियान न करने का फ़ैसला लिया गया था.

इस मुलाक़ात में फ़ैसला लिया गया था कि पुलिस प्रतिबंधित संगठनों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करेगी.

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