पाकिस्तान का ईमानदार वेटर

  • 13 जुलाई 2010
पाकिस्तान के एक होटल में वेटर
Image caption ईसा ख़ान पहले भी अपनी ईमानदारी का सुबूत दे चुके हैं

पाकिस्तान में जहाँ भ्रष्टाचार आम है, राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी से लेकर एक छोटे से सरकारी कर्मचारी पर इसके आरोप हैं. ऐसे माहौल में एक निजी होटल के एक कर्मचारी को 40 लाख रुपए मिले और उन्होंने होटल प्रबंधन को वापस कर दिए.

51 वर्षीय ईसा ख़ान पाकिस्तान के पर्यटक स्थल गिल्गित के एक होटल में काम करते हैं जहां सफ़ाई के दौरान उन्हें होटल के कमरे से 50 हज़ार नौ सौ अमरीकी डॉलर मिले.

होटल के जनरल मैनेजर रशीदुद्दीन ने टेलीफ़ोन पर बीबीसी को बताया, “होटल में अगर कोई मेहमान अपना सामान भूल जाता है तो वह जिस कर्मचारी को मिलेगा वह अमानत के तौर पर जमा करा देता है चाहे वह कितना भी क़ीमती क्यों न हो.”

उनका कहना था इस होटल में एक जापानी नागरिक क़रीब एक हफ़्ते तक ठहरा और जाते हुए एक बड़ी रक़म अपने कमरे में भूल गया और जब वेटर ईसा ख़ान उस कमरे की सफ़ाई करने गए तो वहाँ उन्हें यह रक़म मिली.

रशीदुद्दीन ने बताया कि ईसा ख़ान ने वह रक़म तुरंत उनके पास जमा करवा दी.

होटल के जनरल मेनेजर ने बताया कि बाद में उस जापानी नागरिक से संपर्क किया गया और वह कुछ दिनों बाद अपनी रक़म ले गया.

उन्होंने कहा कि उनके होटेल में वैसे तो लोग अपना सामान भूल जाते हैं लेकिन इतनी बड़ी रक़म पहली बार कोई भूल गया था.

उन्होंने बताया, “इससे पहले कनाडा की एक नागरिक सोने की अपनी अंगूठी भूल गई थीं और हमारे एक कर्मचारी ने हमें दी थी, बाद में अंगूठी कनाडा के उच्चायोग को दे दी गई थी.”

ईसा ख़ान पिछले 20 सालों से होटल में काम कर रहे हैं जहाँ उन्हें 21 हज़ार रुपए प्रति महीना तनख़्वाह मिलती है.

पाकिस्तान में महंगाई की वजह से लोग आर्थिक परेशानियों का शिकार हैं.

ईसा ख़ान का कहना है कि पैसे की मुश्किलों का सामना तो हर इंसान को है लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि जो समान मिले उसे ग़ायब कर दो.

होटल प्रबंधन ने ईसा ख़ान को 10 हज़ार रुपए का इनाम दिया है जबकि पंजाब प्रांत के राज्यपाल सलमान तासीर ने टेलीफ़ोन पर उन्हें शाबाशी दी और इनाम देने का आश्वासन दिया.

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