भारत पाक के विदेश मंत्रियों की बैठक

  • 15 जुलाई 2010
एसएम कृष्णा
Image caption कृष्णा पाकिस्तान के दौरे पर गए हुए हैं.

गुरुवार को इस्लामाबाद में भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की बैठक हो रही है. बैठक से पहले भारत के विदेश मंत्री ने कहा है कि दोनों देशों के बीच बातचीत ही एकमात्र विकल्प है.

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इन वार्ताओं के लिए कोई औपचारिक एजेंडा नहीं है लेकिन साथ ही ये भी कहा कि ‘सभी मुद्दों’ पर बात होगी.

भारतीय विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने इस्लामाबाद में एक बयान में कहा है कि वो शांति और दोस्ती का संदेश ले कर आए हैं और भारत और पाकिस्तान के बीच वार्ता ही एक मात्र विकल्प है.

उन्होंने कहा, “भारत एक स्थिर और मज़बूत पाकिस्तान देखना चाहता है और मुझे विश्वास है कि मेरी यात्रा से सकारात्मक परिणाम निकलेंगे.”

2008 में हुए मुंबई हमलों के बाद किसी भारतीय विदेश मंत्री की यह पहली पाकिस्तान यात्रा है. पिछले महीने भारत के गृह मंत्री पी चिदंबरम सार्क शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए पाकिस्तान आए थे.

हालांकि पाकिस्तान स्थित कश्मीरी चरमपंथी गुटों ने भारत और पाकिस्तान के बीच विदेश मंत्री स्तर पर होने वाली बातचीत को ख़ारिज कर दिया है.

हिज़्बुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाउद्दीन ने मुज़फ़्फ़राबाद में हुई एक बैठक में कहा कि जब तक भारतीय कश्मीर से सेना नहीं निकल जाती तब तक भारत के ख़िलाफ संघर्ष जारी रहेगा.

भारतीय विदेश मंत्री एसएम कृष्णा पाकिस्तान में अपने समकक्ष शाह महमूद कुरैशी के साथ गुरुवार को एक उच्च स्तरीय बैठक में भाग लेंगे जिसमें दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली के मुद्दे पर बात होगी.

विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस बैठक में आतंकवाद और चरमपंथ सहित दोनों देशों के बीच समस्याओँ पर खुल कर बात होगी.

बैठक के बाद दोनों देशों के विदेश मंत्री संयुक्त रुप से पत्रकार वार्ता को संबोधित करेंगे और बैठक में किए गए फैसलों की मीडिया को जानकारी देंगे.

अपनी पाकिस्तान यात्रा के दौरान भारतीय विदेश मंत्री राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी, प्रधानमंत्री यूसुफ रज़ा गिलानी और विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाक़ात करेंगे.

इससे पहले 24 जून को भारत और पाकिस्तान के विदेश सचिवों की इस्लामाबाद में बैठक हुई थी जिसमें दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच होने वाली मुलाक़ात का एजेंडा तय किया गया था.

आतंकवाद होगा मुद्दा

ख़बरें हैं कि भारत इस बैठक में आतंकवाद और चरमपंथ का मुद्दा उठाएगा और उन तत्वों के ख़िलाफ कार्रवाई के लिए पाकिस्तान पर दबाव डालेगा जो भारत में जा कर आतंकवादी हमले करते हैं.

पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे पर बल देगा और भारत प्रशासित कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन पर भारत से बात की जाएगी.

इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी से मुलाक़ात की और भारत के साथ हो रही बातचीत से उन को अवगत कराया.

ग़ौरतलब है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और प्रधानमंत्री यूसुफ रज़ा गिलानी ने मार्च के अंत में सार्क शिखर सम्मेलन के दौरान भूटान में मुलाक़ात की थी और विश्वास बहाली पर सहमति जताई थी.

बाद में भूटान से लौटते ही पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था कि सार्क शिखर सम्मेलन के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच संपर्क की बहाली की दिशा में आशा से बढ़ कर प्रगति हुई थी.

भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की यह बैठक उस मुलाक़ात की एक कड़ी है और दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली पर मुख्य रुप से बात होगी.

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