भारत वार्ता के लिए तैयार नहीं था: क़ुरैशी

विदेश मंत्रियों की वार्ता

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने भारत-पाकिस्तान वार्ता के संदर्भ में कहा है कि ‘भारत बातचीत के लिए ज़हनी तौर पर तैयार नहीं था.’

गुरुवार को हुई विदेश मंत्री स्तर की बातचीत के बाद शुक्रवार को इस्लामाबाद में पत्रकारों से बात करते हुए विदेश मंत्री क़ुरैशी ने ये विचार व्यक्त किए.

उन्होंने कहा, 'मैं पूरे अधिकार के साथ पाकिस्तान का नेतृत्व कर रहा था और पाकिस्तान के नेतृत्व को मुझ पर विश्वास था. मैं सभी मुद्दों पर बातचीत के लिए तैयार था...मुझे आश्चर्य है कि जब बात हो रही थी तो मैंने एक बार भी अपने नेतृत्व से बात नहीं की लेकिन भारतीय प्रतिनिधिमंडल बार-बार दिल्ली फ़ोन कर निर्देश ले रहा था....."

क़ुरैशी ने आगे कहा, "मैं समझता हूँ कि भारतीय विदेश मंत्री एसएम कृष्णा की सोच सकारात्मक है और वे चाहते हैं कि बात आगे बढ़े लेकिन हो सकता है कि उनके सामने कोई दिक्कतें हैं....मैं समझता हूँ कि भारत बातचीत के लिए ज़हनी तौर पर तैयार नहीं था."

पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने बताया, "इस बातचीत में भारत कुछ मुद्दों पर बातचीत करना चाहता था और मैं समझता हूँ कि शांति वार्ता में सभी मुद्दों पर बात करनी चाहिए."

'रातों-रात जाने क्या हो गया?'

शाह महमूद क़ुरैशी के मुताबिक़ गुरुवार को होनी वाली बातचीत से एक रात पहले दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने मुलाक़ात की थी

क़ुरैशी का कहना था, "रात को दोनों देशों के विदेश मंत्रियों और विदेश सचिवों ने मुलाक़ात की और सभी मुद्दों पर खुलकर बात की. बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई और इसमें प्रगति नज़र आई."

पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा कि न जाने रात और सुबह के बीच क्या हुआ और हमेशा ऐसा होता रहा है कि अंतिम समय में अचानक अड़चनें आ जाती हैं.

उनके अनुसार, "पाकिस्तान की ओर से कोई अड़चन नहीं थी….भारत बातचीत को आगे नहीं बढ़ाना चाहता था और न ही उसके पास कोई रोड मेप था…"

इस से पहले गुरुवार को भारत के विदेश मंत्री एसएम कृष्णा और पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी के बीच इस्लामाबाद में हुई कई घंटों की बातचीत के बाद कोई बड़ा फ़ैसला नहीं हो पाया था.

मुंबई 2008 में हुए चरमपंथी हमलों के बाद से यह भारत और पाकिस्तान के बीच अधिकारिक तौर पर उच्च स्तरीय वार्ता थी.

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