ईरान ने सीमा बंद की

  • 21 जुलाई 2010
आत्मघाती हमला

ईरानी अधिकारियों ने ज़ाहदान शहर में हुए आत्मघाती हमले के बाद पाकिस्तान से सटी अपनी सीमा को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है.

ईरानी सीमा बंद होने से बलूचिस्तान के स्थानीय लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है और ईरान से सामान की आपूर्ति भी बंद हो गई है.

बलूचिस्तान नेशनल पार्टी के वरिष्ठ नेता ने बीबीसी हो बताया कि सीमा बंद होने से ईरान जाने वाले यात्रियों और सीमा के पास रहने वाले लोगों को दिक्कत हो रही है.

उन्होंने कहा कि ईरानी अधिकारियों के इस क़दम से दोनों देशों के लोगों को नुक़सान हो रहा है क्योंकि दोनों ओर के लोग आपस में जुड़े हुए हैं.

ईरान से बड़े पैमाने पर सामान क्वेटा और बलूचिस्तान के दूसरे शहरों में लाया जाता है और ईरानी पेट्रोल की तस्करी होती है.

ईरानी पेट्रोल आने से क्वेटा और उसके आस पास के शहरों में पेट्रोल के दाम काफ़ी कम हैं और सीमा बंद होने से दाम अचानक बढ़ गए हैं.

इस संबंध में व्यापारियों को भी काफ़ी नुक़सान हुआ है. क्वेटा के एक व्यापारी हाज़ी सुलेमान का कहना है कि सीमा बंद होने से पाकिस्तान के व्यापार पर बुरा असर पड़ा है और दोनों देशों को चाहिए कि सीमा को खोलने के लिए बातचीत की जाए.

बलूचिस्तान सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी नसीम लहड़ी ने बीबीसी को बताया कि इस मसले के हल के लिए ईरानी अधिकारियों से बातचीत हो रही है और उन्होंने ज़ाहदान में मौजूद ईरानी अधिकारियों को एक पत्र भी लिखा है.

ग़ौरतलब है कि पिछले साल अक्तूबर में ईरान में हुए आत्मघाती हमले के बाद ईरानी सरकार ने करीब पांच महीनों तक पाकिस्तान से सटी सीमा को बंद कर दिया था.

संबंधित समाचार