पानी के मुद्दे पर भारत पाक वार्ताएं

  • 23 जुलाई 2010
पानी कि किल्लत
Image caption पाकिस्तान में पानी का मुद्दा काफ़ी संवेदनशील हो गया है.

भारत और पाकिस्तान के बीच पानी के मुद्दे को हल करने के लिए दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने बातचीत की है जिसमें नदियों पर ‘टेलीमेट्री सिस्टम’ लगाने पर विचार किया जा रहा है.

इस्लामाबाद में 15 जुलाई को हुई दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच शांति वार्ता के बाद भारत और पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारियों यह पहली बैठक थी.

पानी के मुद्दे पर पाकिस्तान से वार्ता के लिए भारत के जल आयुक्त जी रंगानाथन गुरुवार को अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ लाहौर पहुंचे. इन वार्ताओं में पाकिस्तान की ओर से जल आयुक्त जमात अली शाह ने अपने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया.

पिछले कई सालों से पानी का मुद्दा दोनों देशों के बीच काफी गंभीर हो गया है और दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों की इस पर कई बार बैठकें भी हो चुकी हैं.

पाकिस्तान का आरोप है कि भारत उस की नदियों का पानी रोक रहा है जबकि भारत इस बात का खंडन करता है. दोनों देशों ने 1960 में सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर किए थे लेकिन दोनों एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं कि संधि का पालन नहीं हो रहा है.

सलाह और जांच

Image caption पाकिस्तान में कुछ लोगों का कहना है कि भारत उनके हिस्से का पानी 'चुरा' रहा है.

पाकिस्तान के जल आयुक्त जमात अली शाह ने पानी के मुद्दे पर हुई वार्ता के बारे में पत्रकारों को जानकारी दी. उन्होंने कहा, “पानी के बहाव के बारे में हमने बात की है कि ‘टेलीमेट्री सिस्टम’ के ज़रिए हम पानी के बहाव को कैसे सही कर सकते हैं. इस सिस्टम को लगाने के लिए दोनों देश अपनी केंद्रीय और प्रांतीय सरकारों से सलाह करेंगे और दोनों ओर नदियों की जांच भी की जाएगी.”

जमात अली शाह ने बताया कि रावी नदी का भी निरिक्षण किया जाएगा ताकि पाकिस्तान की चिंताएं दूर हो सकें.

उन के अनुसार बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि सिंधु जल आयोग को सक्रिय बनाने के लिए कुछ ऐसे क़दम लेने पड़ेंगें जिससे दोनों देशों के बीच विश्वास बहाल हो सके.

भारत के जल आयुक्त जी रंगानाधन ने टेलीमेट्री सिस्टम के बारे में पत्रकारों को बताया कि वे भारत में अपनी वरिष्ठ अधिकारियों से इस मुद्दे पर बात करेंगे और पाकिस्तान के प्रस्ताव का जवाब देंगे.

उन्होंने कहा, “दोनों देशों के बीच जल संधि एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है और हम इस को लेकर ही आगे बढ़ रहे हैं.”

'पानी के लिए जंग'

पानी के मुद्दे पर दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक शुक्रवार को भी जारी रहेगी जिस में पानी से जुड़े सभी मुद्दों पर विचार किया जाएगा.

ग़ौरतलब है कि कुछ हफ्ते पहले लाहौर में प्रतिबंधित संगठन जमात-उल-दावा ने एक विरोध प्रदर्शन किया था जिस में आरोप लगाया गया था कि भारत पाकिस्तान का पानी चोरी कर रहा है और पाकिस्तान को इस के साथ युद्ध करनी चाहिए.

इस पर पूछे गए एक सवाल पर विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था कि पाकिस्तान का पानी भारत चोरी नहीं कर रहा है बल्कि देश के भीतर कुप्रबंध के कारण पानी ज़ाया हो रहा है.

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