कराची में 'हत्याओं' की जांच

कराची
Image caption कराची में आए दिन सड़कों पर लोगों की हत्याएं हो रही हैं.

पाकिस्तान की सिंध प्रांतीय सरकार ने कराची में कई दिनों से जारी कथित हत्याओं की न्यायिक जाँच करवाने की घोषणा की है.

सिंध के मुख्यमंत्री सैयद क़ायम अली शाह ने केंद्रीय गृहमंत्री रहमान मलिक के साथ एक पत्रकार वार्ता में बताया कि कराची में जनवरी से जुलाई तक 878 लोगों की हत्या की गई जिन में 136 विभिन्न राजनैतिक कार्यकर्ताओँ की हुई.

पिछले तीन दिनों में मरने वालों की संख्या 14 तक पहुँच गई है.

उन्होंने कहा कि मुत्ताहिद क़ौमी मूवमेंट और अवामी नेशनल पार्टी की मांग पर इन हत्याओँ की न्यायिक जाँच का फैसला लिया गया है.

उन्होंने बताया कि यह जाँच समिति स्थिति की समीक्षा करने और लोगों के बयान रिकॉर्ड करने के बाद 30 दिनों में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी.

ग़ौरतलब है कि सिंध में पीपुल्स पार्टी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार है जिसमें मुत्ताहिदा क़ौमी मूवमेंट यानी एमक्यूएम और बाचा ख़ान वाली अवामी नेशनल पार्टी शामिल हैं.

एमक्यूएम विभाजन के बाद भारत से आए लोगों का नेतृत्व करती है जबकि अवामी नेशनल पार्टी को पठान समुदाय की पार्टी माना जाता है. दोनों दल एक दूसरे पर इन हत्याओँ का आरोप लगाते रहे हैं.

मुख्यमंत्री का कहना था कि कराची के नागरिकों की एक मांग यह भी है कि शहर को हथियारों से मुक्त किया जाए. इसके लिए इस समिति का गठन किया गया है.

सैयद क़ायम अली ने यह भी घोषणा की कि अगर कोई भी शहरी कथित हत्याओं की वीडियो या तस्वीर अपने मोबाईल से बना कर सरकार को देगा तो उन्हें 50 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा और उन का नाम भी गुप्त रखा जाएगा.

उधर कराची में शनिवार को पांच लोगों की हत्या के बाद शहर के कुछ इलाक़ों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.

शहर के गुलिस्ताने जोहर इलाक़े में मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट के दफ्तर पर हमले के बाद एमक्यूएम के कार्यकर्ताओं ने कई वाहनों. दुकानों और होटलों को आग लगा दी.

एमक्यूएम के वरिष्ठ नेता और प्रांतीय मंत्री फैसल सबज़वारी ने बीबीसी को बताया कि उनकी पार्टी के एक दफ्तर पर हमला किया गया जिस में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए.

उन्होंने आरोप लगाया कि हमला करने वाले अवामी नेशनल पार्टी के कार्यकर्ता थे.

उधर अवामी नेशनल पार्टी के प्रांतीय महासचिव अमीन ख़टक ने इस आरोप का खंडन किया और कहा कि अवामी नेशनल पार्टी के किसी कार्यकर्ता ने एमक्यूएम के दफ्तर पर हमला नहीं किया है.

इससे पहले 9 लोगों की हत्या हुई थी जिस के बारे कहा जा रहा है कि यह एमक्यूएम और अवामी नेशनल पार्टी के कार्यकर्ता थे.

दूसरी ओर प्रधानमंत्री यूसुफ रज़ा गिलानी के आदेश पर गृहमंत्री रहमान कराची पहुँचे हैं जहाँ उन्होंने दोनों दलों के साथ अलग अलग बैठकें की हैं.

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