पाक में तालिबान का 'डर कम' हुआ

पाकिस्तान में एक बाज़ार
Image caption पाकिस्तान में बराक ओबामा पर भरोसे में कमी आई है.

एक शोध से पता चला है कि पाकिस्तानियों में पिछले साल के मुक़ाबले इस साल चरमपंथियों और तालिबान से 'डर कम' हुआ है.

वर्ष 2009 में ‘द पिउ ग्लोबल ऐटिच्यूड प्रोजेक्ट’ के एक सर्वेक्षण में पाया गया था कि 69 फ़ीसदी पाकिस्तानियों को इस बात का डर है कि चरमपंथी या तालिबान उनके देश की सत्ता पर काबिज़ हो जाएंगे.

'पिउ' के मुताबिक वर्ष 2010 में ऐसा मानने वालों की तादाद 51 फ़ीसदी रह गई है.

इस सर्वे में पाया गया है कि दस में से छह पाकिस्तानी अमरीका को अपना दुश्मन मानते हैं और दस में से सिर्फ़ एक उसे अपना सहयोगी समझते हैं.

इसके विपरीत दस में से आठ पाकिस्तानी चीन को अच्छा समझते हैं और उसे अपने देश का सहयोगी मानते हैं.

सर्वेक्षण में पाया गया है कि चरमपंथियों के ख़िलाफ़ जंग में अमरीकी सहायता को स्वीकार करने के बारे में पाकिस्तान में समर्थन घटा है.

पिउ के मुताबिक 54 फ़ीसदी पाकिस्तानी तालिबान को एक गंभीर ख़तरा मानते हैं. गत वर्ष जब पाकिस्तानी सेना इस्लामाबाद से क़रीब 100 किलोमीटर दूर तालिबान से लड़ रही थी तब ये आंकड़ा 73 प्रतिशत था.

ओबामा पर ‘यक़ीन नहीं’

Image caption लोग अफ़ागानिस्तान में अमरीकी भूमिका से नाख़ुश हैं.

‘द पिउ ग्लोबल ऐटिच्यूड प्रोजेक्ट’ ने अपना ये सर्वे 22 देशों में किया और पाकिस्तान में उन्होंने पाया कि वहां के लोगों में अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा पर इन सभी देशों के मुक़ाबले सबसे कम भरोसा है.

पिउ के अनुसार पाकिस्तान में 51 फ़ीसदी लोगों को ओबामा पर ‘विश्वास’ नहीं है कि वो वैश्विक मामलों में ‘सही काम’ करेंगे

अधिकतर लोगों का मानना है कि ओबामा ने इराक़ और अफ़गानिस्तान में युद्ध का संचालन सही ढंग से नहीं किया है. सर्वेक्षण में शामिल हुए लोग ओबामा के ईरान और इसराइल-फ़लस्तीन के प्रति रवैये से भी नाख़ुश दिखे.

इस सर्वेक्षण में 2000 पाकिस्तानियों ने हिस्सा लिया.

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