बारिश ने बाढ़ प्रभावितों की मुश्किलें बढ़ाई

पाकिस्तान में बाढ़ से जूझ रहे लोगों को ख़राब मौसम के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. अभी और बारिश का पूर्वानुमान बताया गया है.

उत्तर और पूर्व के कई इलाक़ों में बारिश हो रही है और कई गाँव नष्ट हो गए हैं. संवाददाताओं के मुताबिक विस्थापित हुए बहुत सारे लोग इस बात से नाराज़ हैं कि ऐसे समय जब पाकिस्तान में संकट आया हुआ है राष्ट्रपति ज़रदारी ब्रिटेन क्यों गए हैं.

विपक्ष के नेता नवाज़ शरीफ़ ने भी ज़रदारी के यूरोप दौरे को लेकर आलोचना की है.

स्वात में मौजूद बीबीसी हिंदी संवाददाता हफ़ीज़ चाचड़ का कहना है कि स्वात घाटी और अन्य इलाक़ों में रास्ते बंद होने से बाढ़ पीड़ितों को खाने पीने की वस्तुएं मिलने में दिक्कत हो रही है.

सबसे ज़्यादा तबाही स्वाती घाटी से करीब 65 लिकोमीटर की दूरी पर स्थित मेदियान, बहरैन और कालाम में आई है.

फसल का नुकसान

कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री युसूफ़ रज़ा गिलानी ने कहा है कि राहत का काम तेज़ किया जाए.

सेना का कहना है कि उसने बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया है और बाढ़ प्रभावितों तक मदद पहुँच रही है.

लेकिन अस्थाई शिविरों में रह रहे हज़ारों विस्थापित लोग अब भी पानी और खाद्य सामग्री का इंतज़ार कर रहे हैं. विस्थापितों का कहना है कि उन्हें सरकार से नहीं बल्कि आस-पास के इलाक़ों से आए लोगों से मदद की उम्मीद है.

कई इस्लामिक चैरिटी संस्थाएँ राहत कार्य में लगी हैं. अपुष्ट ख़बरों के मुताबिक कई संस्थाओं का संबंध चरमपंथी गुटों के साथ है.

आशंका जताई जा रही है कि अब तक 1500 लोगों की मौत हो चुकी है और तीस लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं.

बारिश से नदियों में जलस्तर और बढ़ रहा है और पानी दक्षिणी पाकिस्तानी की ओर आ रहा है जहाँ अब तक नुकसान नहीं हुआ.

दक्षिण की ओर पानी जाने से इस बात का ख़तरा बढ़ गया है कि कई पावर स्टेशनों को नुकसान पहुँच सकता है और बाँध टूट सकते हैं.

पाकिस्तान में अन्न का टोकरा कहे जाने वाले पंजाब में भी सैकड़ों गाँव नष्ट हो गए हैं और फसलों को नुकसान हुआ है.

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