पाक में बाढ़ से एक करोड़ 40 लाख प्रभावित

बाढ़ पीड़ितों की सहायता

पाकिस्तान में अधिकारियों का कहना है कि भयानक बाढ़ से प्रभावित होने वालों की संख्या अब एक करोड़ 40 लाख हो गई है और इसमें साढ़े छह लाख मकान नष्ट हो गए हैं.

पाकिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के जनरल नदीम अहमद का कहना है कि सिर्फ़ ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह और पंजाब प्रांत में एक करोड़ 20 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं है.

उनका कहना है कि इसमें सिंध प्रांत के बाढ़ प्रभावित लोगों की संख्या शामिल नहीं है लेकिन सिंध के एक मंत्री ने कहा है कि वहाँ 20 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं.

उन्होंने कहा, “बाढ़ से होने वाले नुक़सान का सही तौर पर अंदाज़ा बारिश रुकने का बाद लगाया जा सकेगा और इसके बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहायता की अपील की जाएगी.”

ग़ौरतलब है कि इस से पहले संयुक्त राष्ट्र ने कहा था कि बाढ़ पीड़ितों की संख्या 45 लाख है जबकि 16 सौ लोग मारे जा चुके हैं.

ख़बर मिली है कि ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह और पंजाब प्रांत के बाढ़ का पानी सिंध में दाख़िल हो गया है और उत्तरी सिंध के ज़िले कश्मोर में गुड्डू बैराज से साढ़े 9 लाख क्यूसिक पानी छोड़ा गया है जो अब आगे की ओर बढ़ रहा है.

उधर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने बाढ़ पीड़ितों के लिए अंतरराष्ट्रीय सहायता जुटाने के लिए पाकिस्तान में अपना एक विशेष दूत भेजा है.

इस बीच पता चला है कि एक ऐसी सहायता संस्था बाढ़ पीड़ितों की सहायता करके लोगों के दिल जीत रही है, जिसका संबंध कथित तौर पर चरमपंथी संगठन अल-क़ायदा से है.

लाखों मकान तबाह

एनडीएमए के जनरल अहमद का कहना है कि बाढ़ से साढ़े छह लाख मकान तबाह हो गए हैं.

जनरल नदीम के अनुसार 2005 में आए भूकंप में करीब 6 लाख मकान तबाह हुए थे जबकि इस बाढ़ से साढ़े 6 लाख मकान प्रभावित हुए हैं.

उनका कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का अनुमान है कि बाढ़ की वजह से जो सड़कें ख़राब हुई हैं उसको फिर से बनाने में ही पाँच अरब पाकिस्तान रुपए लग जाएंगे.

उनका कहना है कि बाँध और बिजली का ढाँचा सुधारने में भी ढाई अरब रुपए लगेंगे.

इस्लमाबाद में मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "मेरी राय में जब सारे आंकड़े इकट्ठे हो जाएँगे तो यह पाकिस्तान के इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदी साबित होगी."

हज़ारों बीमार

Image caption बाढ़ में फँसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने का काम जारी है

सिंध में सिंचाई विभाग के मंत्री सैफ़ुल्लाह धारेजो ने बीबीसी संवाददाता रियाज़ सुहैल को बताया कि सिंध के 20 लाख के करीब लोग बाढ़ से पीड़ित हैं जबकि क़रीब 10 लाख लोगों को बाढ़ को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है जिस में सेना और अर्धसैनिक बलों ने मदद की है.

उन्होंने कहा कि सिंधु नदी के किनारे बचाव बाँधों की 24 घंटे निगरानी हो रही है कि पानी के दबाव के कारण बाँध कहीं टूट न जाएँ.

उनके अनुसार सिंध के तीन उत्तरी ज़िलों के करीब ढाई सौ गाँव डूब गए हैं.

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक बाढ़ से प्रभावित इलाक़ों में लोगों को पेट और त्वचा की बीमारियाँ हो रही हैं और 27 हज़ार के करीब मरीज़ों को अस्पतालों और विभिन्न चिकित्सा केंद्रों में भरती किया गया है.

उधर दक्षिण पंजाब के जिन ज़िलों में बाढ़ ने तबाही मचाई है वहाँ लोगों को काफी दिक्कतें हो रही है और कई लोग अभी भी खुले आसमान के नीचे सरकारी सहायता का इंतज़ार कर रहे हैं.

कई लोगों का कहना है कि उन्हें खाने और पीने का साफ़ पानी उपलब्ध नहीं है और वह कई घंटों से भूखे हैं.

और बारिश की आशंका

Image caption कई नए इलाक़ों में अब बाढ़ का पानी पहुँचने लगा है

मौसम विभाग का कहना है कि दक्षिण पंजाब के जिन ज़िलों में बाढ़ ने विनाश किया है वहाँ अगले दो दिनों में फिर भारी बारिश होने की आशंका है.

बाढ़ ने बलूचिस्तान प्रांत में भी तबाही मचाई है. वहाँ बारिश और बाढ़ के कारण कई मकान गिर गए हैं और फसलें भी तबाह हो गई हैं.

ज़िले बारखान और कोहलू के बाद नसीराबाद और सिब्बी में बाढ़ से कई बाँध टूट गए हैं जबकि गत रात से जारी बारिश में सात ओर लोग मारे गए हैं.

बलूचिस्तान में 22 जुलाई से शुरु हुई मानसून की बारिश में अब तक 60 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं.

अधिकारियों का कहना है कि पिछले दो दिनों से बलूचिस्तान के पश्चिमी ज़िलों में जारी बारिश ने सौ सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है.

स्वात घाटी में अभी तक करीब आठ लाख बाढ़ प्रभावित खाद्य आपूर्ति का इंतज़ार कर रहे हैं और सड़कें टूटने के कारण राहत पहुँचाने में भी दिक्कतें हो रही हैं.

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