बाढ़ का संकट सूनामी से बड़ा

सक्कर में राहत सामग्री का वितरण
Image caption बाढ़ प्रभावित लोगों की संख्या एक करोड़ चालीस लाख बताई जा रही है

संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी के अनुसार पाकिस्तान में बाढ़ का संकट प्रभावितों की संख्या के हिसाब से सूनामी के संकट से भी बड़ा है.

संयुक्त राष्ट्र पाकिस्तान को पिछले 80 वर्षों में आई सबसे गंभीर बाढ़ का सामना करने के लिए अपील जारी करने जा रहा है.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने दानदाता देशों से भी पाकिस्तान को इस कठिन वक़्त में मदद के लिए आगे आने के लिए अपील जारी की है.

संस्था का अनुमान है कि पिछले सप्ताह से आई बाढ़ से 1600 लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग एक करोड़ 40 लाख लोग प्रभावित हुए हैं.

इस बीच पाकिस्तान में बाढ़ की त्रासदी के बीच विदेश दौरा करने के लिए आलोचना का शिकार बने राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी देश लौटने के बाद अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं.

समझा जा रहा है कि वे बाढ़ प्रभावित इलाक़ों का दौरा करेंगे लेकिन उनके अधिकारियों ने कहा है कि मंगलवार को उनके ऐसे किसी दौरे का कार्यक्रम नहीं है.

सूनामी से बड़ा संकट

संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी के अनुसार पाकिस्तान में संकट की स्थिति 2004 में हिंद महासागर में आई सूनामी से पैदा हुई स्थिति से भी अधिक गंभीर हो गई है.

संयुक्त राष्ट्र की मानवीय कार्यों के समन्वय के लिए बने विभाग के प्रवक्ता मॉरिज़ियो गुलियानो ने बीबीसी से कहा कि पाकिस्तान में बाढ़ प्रभावितों की संख्या हाल के समय में हुई तीन त्रासदियों में प्रभावित हुए लोगों की संख्या से भी ऊपर चली गई है.

उन्होंने कहा,"हेती में भूकंप से 30 लाख लोग प्रभावित हुए थे, दक्षिण एशिया में आए भूकंप से 30 लाख लोगों पर असर पड़ा था, और सूनामी से 50 लाख लोग प्रभावित हुए थे – तो पाकिस्तान में प्रभावित लोगों की संख्या इन तीन त्रासदियों से भी बड़ी है."

अधिकारी ने बताया कि बाढ़ से 288,000 घर नष्ट हो गए हैं और 20 लाख लोग बेघर हो गए हैं.

वैसे मृतकों की संख्या के हिसाब से सूनामी बहुत ही बड़ा संकट था. दिसंबर 2004 में आई सूनामी से 220,000 लोग मारे गए थे.

बाढ़ की स्थिति

पाकिस्तान में पश्चिमोत्तर हिस्से में तबाही मचाने के बाद बाढ़ का पानी फ़िलहाल दक्षिण की ओर बढ़ता हुआ पंजाब और सिंध प्रांत में फैल गया है.

पानी के तेज़ बहाव से सिंध में सक्कर बांध पर दबाव बढ़ रहा है जिससे सिंध प्रांत के और बड़े क्षेत्र में बाढ़ का ख़तरा बन गया है.

ऊपरी सिंध में पहले से ही पानी बढ़ा हुआ है और सिंधु नदी के किनारा तोड़ने के ख़तरे को देखते हुए सिंध से 20 लाख लोगों को घरों से सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया है.

समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार सिंध में लोगों से सतर्क रहने के लिए कहा गया है, हालाँकि गद्दु बांध में पानी का स्तर घटता जा रहा है और मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों में बारिश छिटपुट ही होगी.

एजेंसी ने एक सैन्य अधिकारी के हवाले से ख़बर दी है कि मौसम कुछ बेहतर होने के बाद राहत और बचाव कार्य में कुछ तेज़ी आई है और 23 पाकिस्तानी, छह अमरीकी और चार अफ़ग़ान हेलिकॉप्टरों से पश्चिमोत्तर इलाक़ों में फँसे लोगों को बाहर निकाला जा रहा है.

मगर स्वात घाटी के कई हिस्सों में सड़कों और पुलों के नष्ट हो जाने के कारण अभी भी संपर्क में कठिनाई आ रही है.

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