संयुक्त राष्ट्र की पाक के लिए अपील

  • 10 अगस्त 2010
पाकिस्तान बाढ़

संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान में पिछले 80 साल में आई सबसे भीषण बाढ़ से प्रभावित लाखों लोगों के लिए दान दाताओं से मदद की अपील की है.

संयु्क्त राष्ट्र के अनुसार इस आपदा से प्रभावित हुए लोगों की संख्या 1.4 करोड़ है जो हेती के भूकंप और भारतीय महासागर की सूनामी में कुल प्रभावित हुए लोगों से अधिक है. भीषण बारिश और बाढ़ के कारण अब तक मारे गए लोगों की संख्या 1600 तक पहुँच गई है.

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने कहा है कि वे जल्द ही एक और अंतरराष्ट्रीय अपील जारी करेंगे ताकि मदद के लिए ज़रूरी करोड़ों डॉलर एकत्र किए जा सकें.

सिंध में भी पानी भरा

पाकिस्तान के दक्षिणी प्रांत सिंध की नदियों और नहरों में पानी ख़तरे के निशान से ऊपर बह रहा है.

सुख़र बराज में पानी भर गया है और डर है कि ख़ैबर पख़्तूनख़्वा और पंजाब प्रांत में जिस तरह की बाढ़ और तबाही देखी गई है, उसी तरह से बाढ़ की चपेट में आए सिंध में भी तबाही हो सकती है.

बाढ़ का पानी पंजाब से सिंध तक लगभग 1000 किलोमीटर तक फैल गया है.

Image caption सिंध के अनेक प्रभावित इलाक़ों में लगभग 20 लाख लोग पलायन कर चुके हैं

सिंध के उत्तरी क्षेत्र में पानी भर गया है और लगातार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है. लगभग 20 लाख प्रभावित क्षेत्र के पलायन कर चुके हैं.

सिंधु नदी का जल स्तर ख़तरे के निशान से ऊपर बह रहा है

मंत्रियों, अफ़सरों से नाराज़ जनता

बीबीसी संवाददाता ओर्ला गुरिन के मुताबिक बारिश और भूस्खलन के कारण बाढ़ के कारण पानी में फँसे लाखों लोगों की मदद करने में राहतकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों को अनेक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

उन्होंने बताया है कि पाकिस्तानी थल सेना के जवान और मरीन सैनिक 24 घंटे लोगों को बचाने के लिए अभियान चला रहे हैं.

ओर्ला गुरिन ने जवानों के साथ एक राहत अभियान के दौरान देखा कि घर, पेड़, इमारतें पानी में डूबी हुई हैं और कई लोगों ने इनकी छतों पर शरण ले रखी है.

उनके अनुसार महिलाएँ और बच्चे छाती तक पहुँचे पानी में चल कर या तैर कर बचाव दलों तक पहुँचने की कोशश कर रहे हैं.

जो प्रभावित लोग राहत शिविरों में पहुँचे हैं, वे सरकार से ख़ासे नाराज़ हैं.

दक्षिणी पंजाब के मुज़्जफ़रगढ़ ज़िले में पहुँची आर्थिक मामलों की मंत्री हीना रब्बानी ख़ार जब अपने चुनावी क्षेत्र में पहुँची तो उनके वाहनों के काफ़िले पर लोगों ने पत्थर बरसाए.

ख़ैबर पख़्तूनख़्वा और पंजाब में अन्य जगहों पर भी कई वरिष्ठ अधिकारियों को नाराज़ लोगों के गुस्से को झेलना पड़ा है.

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