पाक को 40 और हेलिकॉप्टर चाहिए

बाढ़ पीड़ितों की मदद करता सेना का हेलिकॉप्टर

संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान में बाढ़ में फँसे लोगों तक राहत पहुँचाने के लिए 40 और हेलिकॉप्टरों की ज़रुरत बताई है.

संयुक्त राष्ट्र की सहायता एजेंसी के एक शीर्ष अधिकारी जॉन होम्स ने कहा है कि क़रीब आठ लाख बाढ़ पीड़ित ऐसे हैं जिन तक सिर्फ़ वायुमार्ग से ही पहुँचा जा सकता है.

इस बीच पाकिस्तान के मुख्य मौसमविज्ञानी ने चेतावनी दी है कि सिंधु नदी का जल-स्तर इस सप्ताह के अंत तक अपने चरम पर होगा.

इससे पहले प्रधानमंत्री युसूफ़ रज़ा गिलानी ने चिंता ज़ाहिर करते हुए कहा है कि चूंकि बाढ़ की वजह से बहुत से स्वास्थ्य कर्मियों को भी विस्थापित होना पड़ा है इसलिए अब बाढ़ पीड़ितों के बीच बीमारियों से महामारी का ख़तरा मंडरा रहा है.

चुनौतियाँ

पाकिस्तान में बाढ़ आए तीन हफ़्ते का समय हो गया.

प्रधानमंत्री कह चुके हैं कि बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या दो करोड़ तक पहुँच चुकी है.

अब संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान के बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए 40 और हेलिकॉप्टरों की ज़रुरत बताई है उससे बाढ़ की गंभीरता का पता चलता है.

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के उपमहासचिव जॉन होम्स ने कहा, "इस अभूतपूर्व बाढ़ की वजह से संसाधनों की अभूतपूर्व चुनौती पेश आ रही है और इससे निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को असाधारण प्रयास करने होंगे."

फ़िलहाल संयुक्त राष्ट्र ने 18 हेलिकॉप्टर तैनात किए हैं जो लगातार राहत सामग्री पहुँचाने और बचाव कार्य के लिए उड़ान भर रहे हैं.

संस्था का कहना है कि कम से कम आठ लाख लोग बाढ़ की वजह से ऐसे इलाक़ों में फँसे हैं जहाँ सिर्फ़ वायुमार्ग से पहुँचना संभव है.

अधिकारियों का कहना है कि अकेले सिंध प्रांत में बाढ़ की वजह से सात लाख लोगों को विस्थापित होना पड़ा है.

महामारी की आशंका

Image caption कैंपों में मिल रही सुविधा भी पर्याप्त नहीं है

इससे पहले प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने चिंता ज़ाहिर करते हुए कहा था कि बाढ़ की वजह से सैकड़ों अस्पतालों को नुक़सान पहुँचा है और हज़ारों स्वास्थ्यकर्मियों को विस्थापित होना पड़ा है.

स्वास्थ्यकर्मियों के एक सम्मेलन में उन्होंने कहा, "हम महामारी फैलाने वाली बीमारियों को लेकर चिंतित हैं."

हालांकि अभी तक बाढ़ के इलाक़े में कोई गंभीर बीमारी फैलने की ख़बरें नहीं हैं लेकिन सहायता एजेंसियाँ चिंतित हैं कि प्रदूषित पानी पीने और साफ़ सफ़ाई के अभाव में कैंपों में बीमारियाँ परेशान कर रही हैं.

कैंपों से जल जनित बीमारियों और त्वचा रोगों की शिकायतें मिल रही हैं. वहाँ श्वास संबंधी और पर्याप्त भोजन न मिल पाने से होने वाली बीमारियाँ भी हो रही हैं.

पाकिस्तान में स्वास्थ्य सेवाओं पर वैसे ही बहुत दबाव रहा है और इसके लिए सरकार की ओर से बहुत कम राशि दी जाती रही है.

और बाढ़

Image caption लाखों लोगों को विस्थापित होना पड़ा है

इस बीच देश के मुख्य मौसमविज्ञानी क़मर उज़्ज़मान चौधरी ने चेतावनी दी है कि अभी बाढ़ का समय ख़त्म नहीं हुआ है और इस सप्ताह के अंत तक सिंधु नदी में जल स्तर और बढ़ सकता है.

उन्होंने कहा है कि सिंधु का पानी उतरने में अभी कम से कम दो हफ़्तों का समय लगेगा.

उनका कहना है कि अरब सागर में उठती ऊँची लहरों की वजह से सिंधु के पानी को समुद्र में जाने में समय लगेगा.

उनका कहना है कि ज्वार की स्थिति में 25 अगस्त के बाद से बदलाव आएगा.

सदी की सबसे भीषण बाढ़ से पाकिस्तान का पाँचवाँ हिस्सा पानी में डूबा हुआ है और इसकी वजह से 12 लाख से ज़्यादा मकान नष्ट हो गए हैं.

लाखों हेक्टेयर की फसल नष्ट हो गई है और लाखों लोगों को घर-बार छोड़कर विस्थापित होना पड़ा है.

संबंधित समाचार